वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाने वाला बुद्ध पूर्णिमा का पावन पर्व इस वर्ष 1 मई 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। यह दिन महात्मा गौतम बुद्ध के जन्मोत्सव के रूप में विश्वभर में श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक चेतना के प्रतीक के रूप में स्थापित है। माना जाता है कि इसी पवित्र दिन को भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया था, जिसने मानव सभ्यता को करुणा, अहिंसा और मध्यम मार्ग का संदेश दिया।

ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, गौतम बुद्ध का जन्म सिद्धार्थ गौतम के रूप में हुआ था, जिन्हें आगे चलकर बौद्ध धर्म के प्रवर्तक के रूप में जाना गया। इतिहासकार उनके जीवनकाल को लगभग 563 से 483 ईसा पूर्व के बीच मानते हैं, हालांकि उनके जन्म और महापरिनिर्वाण की तिथियों को लेकर मतभेद भी देखने को मिलते हैं। परंपरागत रूप से नेपाल स्थित लुंबिनी को उनका जन्मस्थान माना जाता है, जबकि उत्तर प्रदेश के कुशीनगर को उनका महापरिनिर्वाण स्थल माना जाता है, जहाँ उन्होंने 80 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली थी।

बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए भारत और नेपाल में स्थित चार प्रमुख तीर्थ स्थल अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जिनमें बोधगया, सारनाथ, कुशीनगर और लुंबिनी शामिल हैं। बोधगया को वह पवित्र स्थल माना जाता है जहाँ गौतम बुद्ध को बोधिवृक्ष के नीचे ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। वहीं, सारनाथ वह स्थान है जहाँ उन्होंने अपना पहला धर्मोपदेश दिया था, जिसे धर्मचक्र प्रवर्तन के रूप में जाना जाता है। ये सभी स्थल आज भी वैश्विक बौद्ध समुदाय के लिए आध्यात्मिक केंद्र बने हुए हैं।

इस वर्ष बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर पवित्र पूर्णिमा तिथि 30 अप्रैल 2026 की रात 09:12 बजे से प्रारंभ होकर 1 मई 2026 की रात 10:52 बजे तक रहेगी। इसी अवधि में यह पर्व अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया जाएगा। देश और दुनिया भर में बौद्ध अनुयायी ध्यान, प्रार्थना और दान-पुण्य जैसे धार्मिक कार्यों के माध्यम से इस दिवस को स्मरण करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं में यह भी उल्लेख मिलता है कि उत्तर भारत में गौतम बुद्ध को भगवान विष्णु के नवम अवतार के रूप में देखा जाता है, जबकि कुछ परंपराओं में भगवान कृष्ण को अष्टम अवतार माना गया है। हालांकि दक्षिण भारत की परंपराओं में यह मत भिन्न है, जहाँ बलराम को अष्टम और कृष्ण को नवम अवतार माना जाता है। वहीं बौद्ध धर्मावलंबी बुद्ध को किसी भी ईश्वरीय अवतार के रूप में स्वीकार नहीं करते, बल्कि उन्हें एक महान आध्यात्मिक गुरु और ज्ञान के प्रतीक के रूप में देखते हैं।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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