भाई-बहन के पवित्र प्रेम और अटूट विश्वास का प्रतीक भाई दूज का त्योहार हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। यह पावन पर्व मुख्य रूप से गोवर्धन पूजा के अगले दिन आता है। हालांकि, इस बार भाई दूज की तारीख को लेकर लोगों के मन में 10 और 11 नवंबर को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि इन दोनों ही दिनों में पड़ रही है। पंडित राकेश झा के अनुसार, आइए जानते हैं कि इस साल भाई दूज का असली पर्व किस दिन मनाया जाएगा और इसके लिए शुभ मुहूर्त व पूजा की विधि क्या है।

भाई दूज 2026 की सही तारीख

पंचांग के मुताबिक, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि की शुरुआत 10 नवंबर, मंगलवार के दिन दोपहर 2 बजकर 1 मिनट पर होगी। इसके बाद यह तिथि अगले दिन यानी 11 नवंबर, बुधवार को दोपहर 3 बजकर 54 मिनट तक रहेगी। चूंकि 11 तारीख को द्वितीया तिथि सूर्योदय के समय यानी उदया व्यापिनी रहेगी, इसलिए भाई दूज का मुख्य त्योहार 11 नवंबर, बुधवार को ही मनाया जाएगा।

भाई दूज के शुभ चौघड़िया मुहूर्त

भाई दूज के दिन तिलक करने के लिए निम्नलिखित शुभ चौघड़िया मुहूर्त माने गए हैं:

  • लाभ चौघड़िया: सुबह 6:40 बजे से सुबह 8:01 बजे तक
  • अमृत चौघड़िया: सुबह 8:01 बजे से सुबह 9:22 बजे तक
  • शुभ चौघड़िया: सुबह 10:43 बजे से दोपहर 12:05 बजे तक

भाई दूज की संपूर्ण पूजा विधि

शास्त्रों के अनुसार, भाई दूज के दिन दोपहर के समय भाई को तिलक करना सबसे उत्तम और फलदायी माना जाता है। इस दिन पूजा और तिलक से जुड़ी विधि इस प्रकार है:

  • तैयारी: भाई दूज के दिन सुबह सबसे पहले स्नानादि करके साफ-सुथरे वस्त्र धारण करने चाहिए।
  • बैठने की दिशा: पूजा के दौरान भाई को पूर्व दिशा की तरफ और बहन को पश्चिम दिशा की ओर मुख करके बैठना चाहिए तथा शुभ मुहूर्त में पूजा आरंभ करनी चाहिए।
  • तिलक का नियम: भाई को एक उचित आसन पर बिठाकर उन्हें तिलक किया जाता है। मान्यता के अनुसार, यदि भाई छोटा हो तो उसे अंगूठे से और यदि बड़ा हो तो अनामिका उंगली से दीपशिखा की तरह तिलक लगाना चाहिए।
  • भोजन और भेंट: तिलक करने के बाद नारियल को भाई की गोद में रखना चाहिए और उन्हें आदरपूर्वक भोजन कराना चाहिए। इसके बाद भाइयों को अपनी बहनों को वस्त्र आदि भेंट करने चाहिए।

धार्मिक मान्यता है कि विधि-विधान के साथ भाई दूज की पूजा करने और भाई को भोजन कराने से उनकी आयु तथा बल में वृद्धि होती है, साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि के नए संयोग बनते हैं।


Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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