SIT जांच और गिरफ्तारी के बीच मोहम्मद अली ने बदला फैसला ; सनातन धर्म में लौटे आयुष मलिक
आयुष मलिक धर्म परिवर्तन विवाद में बड़ा मोड़ सामने आया है। उत्तर प्रदेश के शामली निवासी आयुष मलिक, जिन्होंने पहले इस्लाम अपनाकर मोहम्मद अली नाम रखा था, अब फिर सनातन धर्म में लौट आए हैं। पिता के आरोप, एसआईटी जांच, चांदनी कुरैशी की गिरफ्तारी, कथित निकाहनामा और जारी कानूनी जांच के बीच यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

आयुष मलिक और चांदनी कुरैशी
उत्तर प्रदेश के शामली जिले से सामने आया आयुष मलिक का धर्म परिवर्तन मामला एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गया है। कुछ सप्ताह पहले इस्लाम धर्म अपनाकर अपना नाम मोहम्मद अली रखने वाले आयुष मलिक अब दोबारा सनातन धर्म में लौट आए हैं। 30 जून को सामने आए वीडियो में आयुष अपने परिवार के साथ घर पर हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना और आरती करते हुए दिखाई दिए। इस घटनाक्रम ने पहले से चल रहे धर्म परिवर्तन विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है। आयुष मलिक शामली के निवासी हैं और फार्मास्यूटिकल व्यवसायी देवराज (देवराज) मलिक के इकलौते बेटे हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ फार्मेसी (बी.फार्म) की पढ़ाई की है और बताया जाता है कि वह अपने परिवार के मेडिकल स्टोर के संचालन में भी सहयोग करते थे।
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब आयुष के पिता ने आरोप लगाया कि वर्ष 2018 के आसपास पैर में चोट लगने के बाद उपचार के दौरान आयुष की मुलाकात फिजियोथेरेपिस्ट चांदनी कुरैशी से हुई थी। समय के साथ दोनों के बीच दोस्ती हुई और यह रिश्ता आगे बढ़ा। देवराज मलिक का आरोप है कि इसी दौरान उनके बेटे को योजनाबद्ध तरीके से इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह सब शादी कराने और उनके परिवार की करोड़ों रुपये की संपत्ति पर नियंत्रण स्थापित करने की साजिश का हिस्सा था।
Ayush Malik, who had earlier claimed to adopt Islam in Shamli, Western Uttar Pradesh, has returned to Sanatan Hindu Dharma.
— VARAHA WARRIOR (@VarahaWarrior) June 30, 2026
Ayush Malik reconverted to Hinduism at his home in the presence of his family.
Yashvir Maharaj stated that Ayush Malik embraced Hindu religion once… pic.twitter.com/jYtLN4QHF2
पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद इस प्रकरण की जांच तेज कर दी गई। हालांकि विवाद सामने आने के बाद आयुष मलिक ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि उन्होंने अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म स्वीकार किया है। धर्म परिवर्तन के बाद उन्होंने अपना नाम मोहम्मद अली रख लिया था। उस समय उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि उन पर किसी प्रकार का दबाव, ब्रेनवॉश या अवैध धर्म परिवर्तन नहीं कराया गया और वह हिंदू धर्म में वापस लौटना नहीं चाहते थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। जांच के दौरान चांदनी कुरैशी और उनके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कथित निकाहनामा सहित कई दस्तावेजों की जांच की और अवैध धर्म परिवर्तन तथा कथित जालसाजी के आरोपों की पड़ताल शुरू की। इस मामले में एफआईआर में कई अन्य लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं और जांच अभी भी जारी है। इसी बीच 30 जून को सामने आए नए वीडियो ने पूरे मामले की दिशा बदल दी। वीडियो में आयुष मलिक अपने पैतृक घर पर परिवार के साथ पूजा, आरती और अन्य हिंदू धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते दिखाई दिए। उन्होंने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि वह दोबारा सनातन धर्म में लौट आए हैं।
वीडियो में आयुष ने कहा कि उन्होंने पहले इस्लाम धर्म स्वीकार किया था, लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि उनके इस फैसले से उनके माता-पिता को गहरा मानसिक और भावनात्मक आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा कि इसी कारण उन्होंने अपनी इच्छा से दोबारा सनातन धर्म अपनाने का निर्णय लिया और अब वह अपने परिवार के साथ रहना चाहते हैं। आयुष के पिता देवराज मलिक ने भी उनके घर लौटने और सनातन धर्म अपनाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने पूरी तरह स्वेच्छा से यह निर्णय लिया है और परिवार उसे वापस पाकर बेहद खुश है। उन्होंने सनातन धर्म को संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों से जुड़ा जीवन दर्शन बताया।
हालांकि आयुष मलिक के दोबारा हिंदू धर्म अपनाने के बावजूद इस मामले की कानूनी प्रक्रिया समाप्त नहीं हुई है। पुलिस ने अब तक जांच बंद करने की कोई घोषणा नहीं की है। धर्म परिवर्तन से जुड़े आरोपों, कथित अवैध गतिविधियों और कानून के संभावित उल्लंघन की जांच पहले की तरह जारी है और यह प्रक्रिया आयुष के वर्तमान निर्णय से अलग मानी जा रही है।
यह मामला इसलिए भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना क्योंकि शुरुआत में आयुष मलिक लगातार यह कहते रहे कि उन्होंने अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म स्वीकार किया है और उन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं था। वहीं उनके पिता ने पूरे घटनाक्रम को जबरन धर्म परिवर्तन और साजिश का हिस्सा बताया। अब आयुष स्वयं यह कह रहे हैं कि उन्होंने अपने माता-पिता की भावनात्मक पीड़ा को देखते हुए स्वेच्छा से सनातन धर्म में वापसी की है।
फिलहाल इस पूरे मामले में दो अलग-अलग सार्वजनिक पक्ष सामने आए हैं। पहला, आयुष का पहले दिया गया वह बयान जिसमें उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाने को अपनी स्वतंत्र इच्छा का निर्णय बताया था। दूसरा, उनका वर्तमान बयान जिसमें उन्होंने माता-पिता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए स्वेच्छा से सनातन धर्म में लौटने की बात कही है। अब इस पूरे प्रकरण में यह तय करना जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी होगी कि प्रारंभिक धर्म परिवर्तन के दौरान किसी प्रकार का कानून का उल्लंघन या दंडनीय अपराध हुआ था या नहीं।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
