Annapurna Jayanti 2025 : मार्गशीर्ष पूर्णिमा यानी 4 दिसंबर 2025 को मां पार्वती के स्वरूप देवी अन्नपूर्णा की जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। इस दिन विशेष रूप से गेहूं, जौ, राई, उड़द और चावल का दान करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन देवी अन्नपूर्णा का अवतरण हुआ था और उनके आशीर्वाद से घरों में अन्न-भंडार हमेशा भरा रहता है।

अन्नपूर्णा जयंती के दिन दान करने से न केवल घर में समृद्धि और धन-संपदा आती है, बल्कि कुंडली में ग्रहों की स्थिति भी मजबूत होती है। जौ का दान गुरु ग्रह की शुभता बढ़ाता है और करियर संबंधी बाधाओं को दूर करता है। राई का दान राहु को मजबूत करता है, जबकि गेहूं का दान सूर्य ग्रह को सशक्त कर आत्मविश्वास, प्रतिष्ठा और सरकारी कामकाज में सुधार लाता है। उड़द का दान शनि की पीड़ा कम करता है और अनुशासन व धैर्य को बढ़ाता है। वहीं, चावल का दान धन-धान्य का प्रतीक है और इससे रसोई कभी खाली नहीं रहती।

विशेषज्ञों का कहना है कि अन्नपूर्णा जयंती पर इन अनाजों का दान कर मानव जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह दिन केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि आर्थिक और आध्यात्मिक समृद्धि का अवसर भी है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए और दान-पुण्य के माध्यम से अपने घर और परिवार के लिए सुख-समृद्धि सुनिश्चित करनी चाहिए।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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