Haryana clean air project 2025 : हरियाणा के स्वच्छ वायु प्रोजेक्ट (HCAPSD) के लिए वर्ल्ड बैंक ने 305 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 2700 करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी दी है। यह पहल राज्य को 2030 तक प्रदूषण-मुक्त बनाने और वायु गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इस परियोजना में परिवहन, उद्योग, कृषि और शहरी प्रबंधन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सुधार पर खास ध्यान दिया जाएगा, जिसमें इलेक्ट्रिक बसों और EV चार्जिंग स्टेशन भी शामिल हैं।

हरियाणा सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, यह मंजूरी पिछले साल नवंबर में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और वर्ल्ड बैंक प्रतिनिधियों की हाई-लेवल बैठक के बाद मिली। बैठक में कुल प्रोजेक्ट लागत 3646 करोड़ रुपये तय की गई थी, जिसमें 2498 करोड़ रुपये वर्ल्ड बैंक लोन के रूप में और 1065 करोड़ रुपये राज्य सरकार द्वारा निवेश किए जाएंगे। इसके अलावा 83 करोड़ रुपये ग्रांट के रूप में भी शामिल हैं।

परिवहन क्षेत्र में 1688 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिसमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में 500 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का लक्ष्य है। इसके अतिरिक्त, 200 EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर के लिए इंसेंटिव योजना लागू होगी और पुराने थ्री-व्हीलर को इलेक्ट्रिक व्हीकल में बदलने के लिए फ्लीट रिप्लेसमेंट इंसेंटिव दिया जाएगा।

इस प्रोजेक्ट को लागू करने का काम विशेष उद्देश्य वाहन (SPV) ARJUN करेगा, जिससे योजना का समन्वय, प्लानिंग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग में आसानी होगी। ARJUN के चेयरमैन हरियाणा के चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी राजेश खुल्लर हैं, जिन्होंने 2020-2023 तक वर्ल्ड बैंक के बोर्ड में भारत, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका का प्रतिनिधित्व किया था।

इंडस्ट्री और कॉमर्स विभाग भी साफ-सुथरे औद्योगिक संचालन, रियल-टाइम एमिशन कंट्रोल और बेहतर अनुपालन के लिए 563 करोड़ रुपये खर्च करेगा। यह पहल हरियाणा के क्लीन मोबिलिटी और मल्टीसेक्टोरल एयर क्वालिटी सुधार योजना को मजबूत करेगी और राज्य को वैश्विक मानकों के अनुसार प्रदूषण-मुक्त बनाने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगी।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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