वायु प्रदूषण से 2022 में 17 लाख मौतें? राज्यसभा में TMC सांसद ने पूछा सवाल
राज्यसभा में TMC सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने 2022 में वायु प्रदूषण से 17 लाख मौतों और GDP में 9.5% नुकसान के सवाल उठाए। केंद्रीय मंत्री प्रताप राव जाधव ने स्पष्ट किया कि सीधे आंकड़े नहीं हैं, लेकिन NPCCHH, PMUY और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं के जरिए सरकार प्रदूषण के असर को कम करने के लिए काम कर रही है।

parliament winter session 2025
parliament winter session 2025 : संसद का शीतकालीन सत्र कई संवेदनशील मुद्दों पर बहस का केंद्र बना हुआ है, जिनमें पर्यावरण और स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। राज्यसभा सांसद और तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने केंद्र सरकार से प्रश्न किया कि क्या साल 2022 में वायु प्रदूषण के कारण 17 लाख लोगों की मौत हुई और इसके चलते देश की GDP में 9.5 प्रतिशत का नुकसान हुआ। सांसद ने यह भी पूछा कि क्या सरकार के पास प्रदूषण से हुई मौतों का कोई प्रमाणित आंकड़ा मौजूद है।
इस सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रताप राव जाधव ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसा कोई पक्का आंकड़ा उपलब्ध नहीं है जो केवल वायु प्रदूषण और होने वाली मौत या बीमारियों के बीच सीधा संबंध साबित कर सके। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण कई स्वास्थ्य समस्याओं, खासकर सांस संबंधी बीमारियों के लिए एक ट्रिगर कारक है और इसका स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इसके तहत राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम (NPCCHH) कार्यान्वित किया गया है, जिसका उद्देश्य 2019 से देशभर में स्वास्थ्य संबंधी संवेदनशील मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाना, क्षमता निर्माण करना और स्वास्थ्य क्षेत्र की तैयारी करना है। NPCCHH के तहत स्वास्थ्य अनुकूलन योजना (Health Adaptation Plan) भी विकसित की गई है, जिससे वायु प्रदूषण से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं का प्रभाव कम किया जा सके।
राज्य स्तर पर भी सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए जलवायु परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य पर “राज्य कार्य योजना” बनाई गई है, जिसमें वायु प्रदूषण के प्रभाव को कम करने के लिए आवश्यक हस्तक्षेप शामिल हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी सलाह जारी करता है, ताकि वायु प्रदूषण के असर को न्यूनतम किया जा सके।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने विश्व पर्यावरण दिवस, अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस और राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के माध्यम से राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान चलाए हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और स्वच्छ भारत मिशन के जरिए महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम 2019 से पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा संचालित है।
राज्यसभा में उठाए गए सवाल और सरकार के विस्तृत जवाब ने स्पष्ट किया कि वायु प्रदूषण के गंभीर प्रभावों को कम करने के लिए नीति, योजना और जागरूकता को केंद्रित तरीके से लागू किया जा रहा है, जबकि इस दिशा में वास्तविक आंकड़ों और प्रभावों का आकलन लगातार जारी है।
- 2022 me vayu pradushan se mautrajyasabha vayu pradushan sawalTMC vayu pradushan prashnaIndia air pollution deaths 2022vayu pradushan aur GDP nuksanNPCCHH yojanaPMUY aur vayu pradushanSwachh Bharat Mission air qualityhealth impact of air pollution IndiaState Action Plan air pollutionnational clean air program Indiarespiratory diseases due to air pollutionDelhi air pollution health impactvayu pradushan rokne ke liye sarkari kadamenvironmental awareness campaigns Indiavayu pradushan aur public health IndiaPratahkal DailyPratahkal NewsIndia

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
