Delhi air pollution 2025 : दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में सोमवार को जहरीली धुंध ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) सोमवार तड़के 471 दर्ज किया गया, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा सुझाए गए सीमा से लगभग 30 गुना अधिक है। इस बढ़ते प्रदूषण के कारण शहर के स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी गईं और सभी निर्माण कार्य पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

शहर में दृश्यता प्रभावित होने के साथ उड़ानों और ट्रेनों में भी देरी देखने को मिली। अधिकारियों ने चेतावनी जारी की है कि यह स्तर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता है, विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और हृदय या श्वसन रोगियों के लिए। विशेषज्ञों के अनुसार, औद्योगिक उत्सर्जन, वाहनों से निकलने वाला धुआं, पड़ोसी राज्यों में फसलों के अवशेषों को जलाना, गिरता तापमान और कम हवा की गति इस समस्या के मुख्य कारण हैं।

भारत के वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने हालिया गिरावट के मद्देनजर अपनी श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया योजना (GRAP) का स्तर III से स्तर IV तक बढ़ा दिया। इस योजना के तहत पुराने डीजल ट्रकों के प्रवेश पर रोक लगाई गई, निर्माण कार्य रोके गए और बच्चों के लिए हाइब्रिड या ऑनलाइन शिक्षा अनिवार्य कर दी गई। भारत की सर्वोच्च अदालत ने भी वकीलों और पक्षकारों को सुनवाई के लिए ऑनलाइन उपस्थित होने की सलाह दी।

विशेषज्ञों का कहना है कि उच्च AQI स्तर के लंबे समय तक संपर्क में रहने से स्वस्थ लोगों में भी श्वसन संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। केंद्र सरकार ने हाल ही में संसद को बताया कि 2022 से 2024 के बीच दिल्ली में छह सरकारी अस्पतालों में तीव्र श्वसन रोगों के 200,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए। अधिकारियों ने निवासियों से घर के अंदर रहने और बाहर जाने पर मास्क पहनने की सख्त हिदायत दी है।

राजधानी में बढ़ते प्रदूषण ने न केवल जीवन स्तर को प्रभावित किया है, बल्कि स्वास्थ्य, परिवहन और शिक्षा प्रणाली पर भी गहरा असर डाला है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम के बदलाव और प्रदूषण फैलाव के कम होने के कारण धुंध का यह स्तर और बढ़ सकता है, जिससे उपायों की सख्ती और आवश्यक हो गई है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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