देश का पहला वाइल्ड लाइफ सेफ हाईवे तैयार; जानें इसका अद्भुत फायदा
मध्यप्रदेश में नरसिंहपुर–जबलपुर मार्ग पर देश का पहला वाइल्ड लाइफ सेफ हाईवे बन गया है। टेबल टॉप रेड मार्किंग, वाइट शोल्डर लाइन और 25 अंडरपास के साथ तैयार यह हाईवे वन्यजीवों और वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नया मानक स्थापित करता है।

Madhya Pradesh wildlife safe highway 2025
Madhya Pradesh Wildlife Safe Highway 2025 : मध्यप्रदेश के नर्सिंहपुर–जबलपुर मार्ग पर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के पास भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक ऐसा हाईवे तैयार किया है जो न केवल वाहन चालकों की सुरक्षा करता है, बल्कि वन्यजीवों के संरक्षण में भी अनोखा कदम साबित होता है। यह हाईवे लगभग 2 किलोमीटर लंबे खतरनाक क्षेत्र में ‘टेबल टॉप रेड मार्किंग’ तकनीक के साथ विकसित किया गया है, जो वाहन चालकों को डेंजर जोन में प्रवेश करते ही चेतावनी देती है और उनकी रफ्तार अपने आप कम कर देती है।
Madhya Pradesh wildlife safe highway 2025
जंगलों और वन्य अभयारण्यों के बीच से गुजरने वाले हाईवे पर तेज़ रफ्तार वाहनों के कारण अक्सर वन्यजीवों और इंसानों के बीच दुर्घटनाएं होती रही हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, NHAI ने इस मार्ग पर विशेष उपाय अपनाए हैं। हाईवे पर न केवल मोटी लाल टेबल टॉप परत बिछाई गई है, बल्कि दोनों किनारों पर वाइट शोल्डर लाइन भी लगाई गई है। इससे वाहन चालकों को पता चलता है कि पक्की सड़क का अंत कहां है और गाड़ी कच्चे हिस्से में जाने से बचती है, जिससे दुर्घटना की संभावना न्यूनतम रहती है।
Madhya Pradesh wildlife safe highway 2025
वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हाईवे पर लगभग 25 अंडरपास बनाए गए हैं। ये अंडरपास विशेष रूप से उन स्थानों पर निर्मित किए गए हैं जहां जानवरों की आवाजाही सबसे अधिक होती है। नौरादेही अभयारण्य और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के पास से गुजरने वाला यह हाईवे पहले डेंजर जोन के रूप में चिन्हित था, और अब इन नवाचारों के कारण यह सुरक्षित मार्ग बन गया है। कुल मिलाकर, यह हाईवे पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा के क्षेत्र में देश में एक महत्वपूर्ण मिसाल पेश करता है।
इस हाईवे की तकनीकी विशेषताएं और सुरक्षित डिजाइन न केवल पर्यावरण और वन्यजीवों के संरक्षण में मदद करेंगी, बल्कि वाहन चालकों को भी दुर्घटनाओं से बचाने में सहायक साबित होंगी। मध्यप्रदेश में विकसित यह पहला वाइल्ड लाइफ सेफ हाईवे देशभर के लिए एक प्रेरक मॉडल बन सकता है और भविष्य में अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में इसी तरह के कदम उठाने की दिशा में महत्वपूर्ण उदाहरण पेश करेगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
