भारत में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए दक्षिण अफ्रीका से चार चीतों को कर्नाटक के Bannerghatta Biological Park लाया गया है। यह पहल न केवल जैव विविधता को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, बल्कि देश में विलुप्त हो चुके इस प्रजाति के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी एक संगठित प्रयास है।

18 अप्रैल 2026 की सुबह ये चारों चीते, जिनमें दो नर और दो मादा शामिल हैं, बेंगलुरु के Kempegowda International Airport पर विशेष विमान के जरिए पहुंचे। अधिकारियों के अनुसार यह स्थानांतरण एक सुनियोजित पशु आदान-प्रदान और संरक्षण कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य चीतों की आनुवंशिक विविधता को बढ़ावा देना, वैज्ञानिक अनुसंधान को मजबूत करना और आम जनता के बीच वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है।

फिलहाल इन चीतों को निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत अनिवार्य क्वारंटीन में रखा गया है, जहां उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। विशेषज्ञों की टीम उनकी देखभाल कर रही है, ताकि उन्हें धीरे-धीरे नए वातावरण के अनुरूप ढाला जा सके। क्वारंटीन अवधि पूरी होने के बाद ही इन्हें उद्यान के विशेष बाड़ों में रखा जाएगा, जहां आम नागरिक भी इन्हें देख सकेंगे।

यह पहल कर्नाटक को भारत के व्यापक ‘चीता पुनर्वास अभियान’ से जोड़ती है, जिसका लक्ष्य उस प्रजाति को फिर से स्थापित करना है, जो कभी देश के जंगलों में स्वतंत्र रूप से विचरण करती थी लेकिन समय के साथ विलुप्त हो गई। बैनरघट्टा जैविक उद्यान में इन चीतों का आगमन ‘एक्स-सीटू कंजरवेशन’ यानी प्राकृतिक आवास के बाहर संरक्षण की अवधारणा को भी मजबूती देता है, साथ ही यह पर्यावरण शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रभावी माध्यम बनकर उभर सकता है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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