Mumbai की खूबसूरती पर छाया प्रदुषण का साया ; सांसों पर संकट और विजिबिलिटी में भारी गिरावट
Mumbai में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुँचा! 5 फरवरी 2026 को शहर का AQI 295 दर्ज किया गया, जिससे विजिबिलिटी कम होकर 3 किमी रह गई। बीएमसी ने निर्माण धूल और धीमी हवा को जिम्मेदार बताया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मास्क पहनने और बाहरी गतिविधियों को कम करने की सलाह दी है। पूरी रिपोर्ट और स्वास्थ्य सुरक्षा टिप्स यहाँ पढ़ें।

Construction dust impact on Mumbai air : मायानगरी मुंबई में एक बार फिर प्रदूषण का 'जहरीला' घेरा गहरा गया है। गुरुवार, 5 फरवरी 2026 को शहर की वायु गुणवत्ता (AQI) 295 के स्तर पर दर्ज की गई, जो 'बहुत खराब' (Very Poor) श्रेणी की दहलीज पर है। सुबह से ही शहर के क्षितिज पर धुंध (Haze) की एक घनी चादर पसरी रही, जिससे न केवल विजिबिलिटी घटकर मात्र 3 किलोमीटर रह गई, बल्कि आम नागरिकों के लिए सांस लेना भी दूभर हो गया है।
प्रदूषण का ग्राफ: जब धुंध में खो गई 'स्काईलाइन'
फरवरी की शुरुआत के साथ ही मुंबई में प्रदूषण का स्तर दिसंबर-जनवरी की तुलना में अधिक घातक साबित हो रहा है।
- खतरनाक हॉटस्पॉट्स : बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC), वडाला और चेम्बूर जैसे इलाकों में प्रदूषण का स्तर शहर के औसत से कहीं अधिक दर्ज किया गया। यहाँ कई स्थानों पर AQI 300 के पार पहुँच गया है।
- प्रमुख प्रदूषक : हवा में मौजूद PM10 और PM2.5 कणों की मात्रा सामान्य से कई गुना अधिक पाई गई है। बीएमसी (BMC) ने इस गिरावट के लिए हवा की धीमी गति (12 किमी/घंटा) और निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल को मुख्य कारण बताया है।
- सेहत पर प्रहार : विजिबिलिटी कम होने और हवा में 'स्मॉग' (Smog) बढ़ने के कारण लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में कठिनाई की शिकायतें मिल रही हैं।
स्वास्थ्य और सुरक्षा : विशेषज्ञों की चेतावनी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हृदय रोगियों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष परामर्श जारी किया है। जब AQI 200 से अधिक होता है, तो लंबे समय तक बाहर रहना गंभीर फेफड़ों की बीमारियों का कारण बन सकता है।
मौसम पैरामीटर | वर्तमान स्थिति |
तापमान | 31°C (महसूस होने वाला 33°C) |
वायु गुणवत्ता (AQI) | 295 (Unhealthy/Poor) |
विजिबिलिटी | 3 किमी |
आर्द्रता | 41% |
कानूनी और प्रशासनिक रुख :
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के सख्त नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। बीएमसी ने कई इलाकों में पानी के छिड़काव (Water Sprinkling) की तीव्रता बढ़ा दी है, हालांकि एक्टिविस्टों का मानना है कि केवल ये उपाय पर्याप्त नहीं हैं।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
