Mumbai pre monsoon showers 2026 : मई महीने की भीषण तपिश और रिकॉर्डतोड़ उमस से जूझ रही देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को आखिरकार प्रकृति ने बड़ी राहत दी है। मुंबई और उसके आस-पास के उपनगरीय इलाकों में आज सुबह अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और हल्की प्री-मानसून बारिश की फुहारों ने दस्तक दे दी। इस अचानक हुई बूंदाबांदी से न केवल पारे में गिरावट दर्ज की गई है, बल्कि पिछले कई दिनों से जारी शुष्क मौसम का दौर भी थम गया है। सुबह-सुबह हुई इस झमाझम ने मुंबईवासियों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है, जो लंबे समय से चिलचिलाती गर्मी से त्रस्त थे।

आसमान में उमड़े काले बादल, उपनगरों में सुबह-सुबह शुरू हुआ रिमझिम फुहारों का दौर :

सुबह की शुरुआत के साथ ही ठाणे से लेकर नवी मुंबई तक का पूरा मुंबई महानगरीय क्षेत्र (एमएमआर) घने और काले बादलों की आगोश में समा गया। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, सबसे पहले मुंबई के पूर्वी उपनगरों जैसे मुलुंड, भांडुप और कांजुरमार्ग में हल्की से मध्यम दर्जे की बौछारें दर्ज की गईं। देखते ही देखते ठंडी हवाओं के साथ शुरू हुई इस बूंदाबांदी ने पूरे शहर को अपनी चपेट में ले लिया। इस सुहावने बदलाव के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर स्थानीय निवासियों और वेदर ट्रैकर्स द्वारा बारिश के वीडियो और तस्वीरें साझा करने की बाढ़ आ गई, जिसमें मुंबई की सड़कें पहली बारिश से भीगती नजर आ रही हैं।

मौसम विभाग का आधिकारिक आंकड़ा: तापमान और उमस के बीच राहत की उम्मीद

मौसम संबंधी आधिकारिक इनपुट जारी करते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि इस मामूली बारिश के दौरान मुंबई का तापमान तैंतीस डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है। हालांकि, हवा में आर्द्रता यानी उमस का स्तर अभी भी सत्तर प्रतिशत से ऊपर बना हुआ है, जिसके कारण बारिश के थमते ही हल्की उमस महसूस की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मई के सूखे और बेहद गर्म स्पेल के बाद यह इस सीजन की पहली उल्लेखनीय मौसमी गतिविधि है। आईएमडी के क्षेत्रीय केंद्र ने अपने तात्कालिक पूर्वानुमान में कहा है कि सप्ताहांत यानी शनिवार और रविवार तक मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में इसी तरह की छिटपुट और रुक-रुक कर होने वाली बौछारें जारी रह सकती हैं।

यातायात व्यवस्था सामान्य, जलजमाव की कोई शिकायत नहीं

चूंकि यह प्री-मानसून की शुरुआती और हल्की फुहारें थीं, इसलिए महानगरीय प्रशासन और नगर निगम के लिए फिलहाल राहत की स्थिति है। नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार, शहर के किसी भी निचले इलाके या संवेदनशील स्पॉट से जलजमाव अथवा वॉटरलॉगिंग की कोई भी अप्रिय घटना सामने नहीं आई है। मुंबई की जीवनरेखा कही जाने वाली लोकल ट्रेनें और सड़कों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह सामान्य रूप से संचालित हो रही है। हालांकि, नगर निगम ने एहतियातन सभी ड्रेनेज सिस्टम और पंपिंग स्टेशनों को हाई अलर्ट पर रखा है ताकि आने वाले दिनों में तीव्रता बढ़ने पर स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।


असली मानसून से पहले मुंबई के लिए एक महत्वपूर्ण 'ब्रीदर' :

सुबह की इस रिमझिम ने मुंबई को आगामी मुख्य मानसूनी सीजन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए एक बेहद जरूरी और सामयिक अवसर प्रदान किया है। भले ही यह बारिश कुछ ही समय के लिए हुई हो, लेकिन इसने तपती कंक्रीट की इमारतों और सड़कों को कुछ हद तक ठंडा करने का काम किया है। पर्यावरण और मौसम के जानकारों का मानना है कि यह प्री-मानसून शावर इस बात का स्पष्ट संकेत है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से महाराष्ट्र के तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है। मुख्य मानसून के विधिवत आगमन से पहले मिली यह राहत मुंबई के जनजीवन को एक नई ऊर्जा दे गई है।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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