अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण मुंबई और पुणे में अगले कुछ दिनों में मूसलाधार बारिश होने से तापमान में गिरावट आएगी।

Mumbai monsoon relief June 20 : चिलचिलाती गर्मी और उमस से बेहाल देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के लिए आखिरकार वो राहत भरी खबर आ ही गई, जिसका करोड़ों मुंबईकर हफ्तों से बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई और उसके आसपास के इलाकों के लिए मौसम का सबसे बड़ा पूर्वानुमान जारी करते हुए साफ कर दिया है कि अगले कुछ घंटों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। जून के शुरुआती दिनों में ही दस्तक देने के बाद दक्षिण-पश्चिमी मानसून महाराष्ट्र के दक्षिणी हिस्सों में आकर अचानक थम गया था, जिसके चलते मुंबई और पुणे जैसे प्रमुख शहर पानी के लिए तरस रहे थे। लेकिन अब मौसम वैज्ञानिकों ने पुष्टि कर दी है कि शनिवार, 20 जून से उत्तरी कोंकण के इलाकों में छिटपुट बारिश का सिलसिला शुरू होने जा रहा है, जो आने वाले दिनों में एक भीषण और मूसलाधार बारिश के रूप में तब्दील हो जाएगा।

मौसम विभाग के आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, वायुमंडल में एक बेहद शक्तिशाली सिस्टम सक्रिय हो रहा है, जहां अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से उठने वाली मानसूनी हवाएं तेजी से भारी नमी को अपनी ओर खींच रही हैं। इस दोहरे मौसमी दबाव के कारण आने वाले 23 जून के आसपास मुंबई और पुणे के आसमान पर घने काले बादलों का डेरा होगा और दोनों शहरों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। इसके अतिरिक्त, दुनिया के सबसे भरोसेमंद और उन्नत यूरोपीय मौसम मॉडल (ECMWF) ने भी इस बात की पुष्टि की है कि 20 जून से लेकर 25 जून के बीच पूरे मुंबई और कोंकण क्षेत्र में लगातार और व्यापक रूप से डाउनपोर (तेज बारिश) देखने को मिलेगी। इस मानसूनी सक्रियता से न केवल तापमान में भारी गिरावट आएगी, बल्कि मुंबई की सड़कों पर एक बार फिर मानसून की चिर-परिचित रफ्तार और धड़कन लौट आएगी।


ऐतिहासिक आंकड़ों और मौसम के मिजाज को देखें तो मुंबई में मानसून की यह देरी नई नहीं है, बल्कि इससे पहले साल 2019 और साल 2023 में भी मुंबईकरों को मानसून के आगमन के लिए जून के अंतिम हफ्तों तक ऐसा ही लंबा और कष्टदायक इंतजार करना पड़ा था। सरकारी और प्रशासनिक स्तर पर मौसम विभाग द्वारा जारी इस आधिकारिक चेतावनी के बाद स्थानीय नागरिक निकायों और आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट मोड पर डाल दिया गया है ताकि शुरुआती भारी बारिश से होने वाले जलभराव से निपटा जा सके। इस बहुप्रतीक्षित मानसूनी बारिश का समापन न केवल मुंबई की तपती धरती को शांत करेगा, बल्कि यह आने वाले दिनों में स्थानीय जलाशयों के जलस्तर को बढ़ाने और आम जनजीवन को भीषण गर्मी से मुकम्मल निजात दिलाने में सबसे निर्णायक और दूरगामी भूमिका निभाएगा।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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