देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अचानक ‘Severe’ श्रेणी में पहुँच गया है, जिसे बेहद खतरनाक माना जाता है। अचानक मौसम परिवर्तन और कमजोर हवाओं के कारण हवा में प्रदूषण के स्तर में तेज वृद्धि हुई है, जिससे शहर के कई हिस्सों में सांस लेना कठिन हो गया है।


पिछले कुछ दिनों तक मुंबई की हवा अपेक्षाकृत साफ़ थी। लेकिन हल्की ठंड और हवा की कमी ने वायु प्रदूषकों को हवा में घुलने से रोक दिया। शहर के माज़गाऊँ, दिओनार, मलाड, बोरीवली ईस्ट और पवई जैसे इलाकों में AQI लगातार बढ़ा और ‘Very Poor’ श्रेणी से सीधे ‘Severe’ में पहुँच गया। समुद्री हवा, जो सामान्यतः मुंबई की राहत की सांस हुआ करती थी, फिलहाल प्रदूषकों को प्रभावी रूप से कम नहीं कर पा रही।


देश की राजधानी दिल्ली में भी AQI पहले से ही ‘Severe’ श्रेणी में है। दिल्ली और मुंबई दोनों ही महानगर अब एक जैसी खतरनाक वायु गुणवत्ता की स्थिति में हैं। जबकि दिल्ली में लंबे समय से प्रदूषण स्वास्थ्य संकट बन चुका है, मुंबई भी इसी खतरे की ओर बढ़ रहा है।


मुंबई नगर निगम (BMC) ने इस स्थिति को देखते हुए ‘Graded Response Action Plan’ (GRAP) के चौथे चरण को लागू कर दिया है। इसके तहत निर्माण कार्यों और धूल-उत्पादक गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। छोटे उद्योगों को स्वच्छ तकनीक अपनाने का निर्देश दिया गया है। हर वार्ड में निगरानी दल तैनात किए गए हैं, जो धूल उत्पादन और अवैध निर्माण गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। अब तक कई निर्माण स्थलों को “स्टॉप-वर्क” नोटिस दिए जा चुके हैं।


आम नागरिकों के लिए सुरक्षा सुझाव:

  • सुबह और शाम के समय बाहर निकलने से बचें, जब वायु प्रदूषण अपने चरम पर होता है।
  • आवश्यक होने पर उच्च गुणवत्ता वाले मास्क (जैसे N95) पहनें।
  • अस्थमा, दमा, फेफड़े या हृदय से जुड़ी तकलीफ़ रखने वाले लोग विशेष सावधानी बरतें।
  • बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को बाहर ले जाने से बचें।


मुंबई का ‘Severe’ AQI यह संकेत है कि वायु प्रदूषण अब सिर्फ क्षेत्रीय समस्या नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य संकट बन चुका है। वाहन धुआं, निर्माण गतिविधियों में वृद्धि, बढ़ती जनसंख्या और अनियंत्रित विकास इन सबका असर शहर की हवा पर पड़ा है। BMC द्वारा लागू किए गए GRAP‑4 जैसे उपाय निश्चित रूप से राहत देने वाले हैं, लेकिन स्थायी सुधार के लिए स्वच्छ ऊर्जा, बेहतर कचरा प्रबंधन, हरित आवरण और सक्रिय नागरिक भागीदारी आवश्यक है। अन्यथा आने वाले वर्षों में इस प्रदूषण के जाल से बचना मुश्किल हो जाएगा।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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