बारिश के साथ शुरू हुआ मेंढकों का अनोखा प्रजनन उत्सव ; आरे वन में फिर दिखे भारतीय बुलफ्रॉग
मुंबई के आरे वन में मानसून के आगमन के साथ भारतीय बुलफ्रॉग की वार्षिक प्रजनन प्रक्रिया शुरू हो गई है। नर मेंढकों का रंग बदलकर चमकीला पीला होना, जोरदार टर्र-टर्र ध्वनि और अस्थायी जलभराव में प्रजनन प्रक्रिया ने इस क्षेत्र को एक प्राकृतिक उत्सव जैसा दृश्य बना दिया है।

मुंबई की आरे कॉलोनी में भारतीय बुलफ्रॉग
मुंबई के बाहरी हिस्से में स्थित आरे कॉलोनी का घना हरित क्षेत्र इस समय प्रकृति के एक अत्यंत दुर्लभ और आकर्षक दृश्य का साक्षी बन रहा है, जहाँ मानसून की पहली तेज बारिशों के साथ ही भारतीय बुलफ्रॉग की वार्षिक प्रजनन प्रक्रिया ने पूरे वन क्षेत्र को जीवंत कर दिया है। यह पूरा क्षेत्र, जो शहर के किनारे स्थित एक महत्वपूर्ण हरित पट्टी माना जाता है, मानसून के दौरान अस्थायी जलभराव और छोटी-छोटी जलधाराओं से भर जाता है, जो उभयचर जीवों के लिए आदर्श प्रजनन स्थल बनते हैं। इसी प्राकृतिक पृष्ठभूमि में भारतीय बुलफ्रॉग अपने प्रजनन चक्र के साथ सक्रिय हो उठते हैं, जिसे पर्यावरणीय दृष्टि से एक महत्वपूर्ण मौसमी घटना माना जाता है।
जैसे ही मानसून की बारिश तीव्र होती है, आरे के सूखे वन क्षेत्रों में पानी भर जाता है और अस्थायी तालाबों का निर्माण हो जाता है। यह परिवर्तन भारतीय बुलफ्रॉग के प्रजनन व्यवहार को सक्रिय करने का संकेत बनता है। नर मेंढक बड़ी संख्या में इन जलभराव वाले स्थानों की ओर तेजी से प्रवास करते हैं और प्रजनन की तैयारी में जुट जाते हैं।
इस अवधि में नर भारतीय बुलफ्रॉग में एक असाधारण जैविक परिवर्तन देखा जाता है। सामान्यतः हल्के जैतूनी या भूरे-हरे रंग में दिखाई देने वाला यह जीव प्रजनन काल में चमकीले नीयन पीले रंग में परिवर्तित हो जाता है। साथ ही इनके गले की थैली (वोकल सैक) नीले रंग की हो जाती है और फूलकर अत्यंत स्पष्ट दिखाई देने लगती है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह परिवर्तन हार्मोनल बदलावों का परिणाम होता है, जिसका उद्देश्य मादा को आकर्षित करना और अन्य नर मेंढकों को चुनौती देना होता है।
भारतीय बुलफ्रॉग
इसके बाद इन जलभराव क्षेत्रों में नर मेंढकों के बीच तीव्र प्रतिस्पर्धा शुरू हो जाती है। वे अपनी गले की थैलियों को फुलाकर तेज और लगातार टर्र-टर्र की आवाजें निकालते हैं। यह ध्वनि प्रतिस्पर्धा प्रजनन प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होती है, जिसमें अधिक शक्तिशाली और निरंतर ध्वनि उत्पन्न करने वाले नर को मादा द्वारा चुनने की संभावना अधिक होती है।
मादा मेंढक इस प्रक्रिया में उपयुक्त नर का चयन करती है, जिसके बाद अम्प्लेक्सस नामक अवस्था में नर मादा को मजबूती से पकड़ लेता है और पानी में ही बाह्य निषेचन की प्रक्रिया संपन्न होती है। एक मादा मेंढक सैकड़ों से लेकर हजारों अंडे तक दे सकती है, जो जल में विकसित होकर तेजी से टैडपोल में परिवर्तित हो जाते हैं। प्रजनन के पश्चात कुछ ही दिनों में वयस्क मेंढक इन अस्थायी जल क्षेत्रों को छोड़कर अन्य स्थानों की ओर चले जाते हैं, जबकि अंडों से निकले टैडपोल गर्म और पोषक तत्वों से भरपूर मानसूनी जल में तेजी से वृद्धि करते हैं।
यह संपूर्ण प्रक्रिया आरे वन क्षेत्र में एक असाधारण प्राकृतिक उत्सव जैसा दृश्य प्रस्तुत करती है, जहाँ मेंढकों का व्यवहार, उनका रंग परिवर्तन और उनकी ध्वनि मिलकर एक अद्भुत पारिस्थितिक घटना का निर्माण करते हैं। यह क्षेत्र इस प्रक्रिया के लिए विशेष रूप से उपयुक्त माना जाता है क्योंकि यहाँ वेटलैंड, घास के मैदान और वन क्षेत्रों का मिश्रण मौजूद है, जो मानसून के दौरान अस्थायी जल निकायों के निर्माण में सहायक होता है। साथ ही यह क्षेत्र संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान जैसे समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र के निकट स्थित है, जो जैव विविधता को समर्थन प्रदान करता है।
हालांकि, विशेषज्ञ इस क्षेत्र में कुछ पर्यावरणीय चुनौतियों की ओर भी ध्यान आकर्षित करते हैं। शहरीकरण के दबाव के कारण आवास का विखंडन, सड़कों पर वाहनों की आवाजाही से मेंढकों की मृत्यु, प्रकाश और ध्वनि प्रदूषण का प्रभाव तथा वैश्विक जलवायु परिवर्तन के कारण उभयचर प्रजातियों में गिरावट जैसी समस्याएँ इस प्राकृतिक चक्र को प्रभावित कर सकती हैं। इसके बावजूद, यह वार्षिक प्रजनन घटना पर्यावरणीय स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण संकेतक मानी जाती है, जो आरे वन की पारिस्थितिक स्थिति को दर्शाती है। आरे वन में भारतीय बुलफ्रॉग का यह मानसूनी प्रजनन चक्र केवल एक जैविक प्रक्रिया नहीं, बल्कि प्रकृति और पर्यावरण के संतुलन का एक जीवंत प्रमाण है, जो शहर के बीचोंबीच जैव विविधता की निरंतरता को उजागर करता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
