IMD weather update for North India today : देश के भौगोलिक मानचित्र पर मौसम की एक विचित्र और दोहरी तस्वीर उभर रही है। जहां एक ओर उत्तर भारत के मैदानी इलाके प्रचंड गर्मी की आहट के बीच तेज सतही हवाओं की चपेट में हैं, वहीं दूसरी ओर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में कुदरत का रौद्र रूप बारिश और बिजली की कड़वाहट के साथ सामने आ रहा है। उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक फैले इस मौसमी बदलाव ने न केवल आम जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि कृषि और स्वास्थ्य विशेषज्ञों को भी सतर्क कर दिया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और उत्तर प्रदेश के विशाल भूभाग में फिलहाल आसमान शुष्क है, लेकिन वायुमंडल में व्याप्त हलचल आने वाले दिनों के लिए बड़े बदलावों का संकेत दे रही है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में अगले तीन दिनों तक "स्ट्रॉन्ग सरफेस विंड्स" यानी तेज सतही हवाओं का राज रहेगा। यह हवाएं विशेष रूप से दिन के समय अधिक प्रभावी होंगी, जो बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में सुधार करने में सहायक सिद्ध हो सकती हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 10 अप्रैल को न्यूनतम तापमान 18 डिग्री और अधिकतम 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसके अगले 48 घंटों में क्रमशः 19 और 35 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि, 15 अप्रैल के बाद पारा 36 डिग्री सेल्सियस को छू सकता है, जो आने वाली भीषण गर्मी का स्पष्ट संदेश है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये तेज हवाएं प्रदूषण के कणों को बिखेरने में अहम भूमिका निभाती हैं, लेकिन खुले क्षेत्रों में आवाजाही करने वालों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

देश के अन्य हिस्सों की स्थिति इससे कहीं अधिक संवेदनशील बनी हुई है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों, विशेषकर अरुणाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी किया है। इसके साथ ही असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। दक्षिण भारत के राज्यों जैसे केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों में भी बिजली कड़कने और मध्यम बारिश की भविष्यवाणी की गई है, जो इस समय की सामान्य जलवायु के विपरीत एक चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर रही है। वहीं, तटीय कर्नाटक, कोंकण और गोवा में उमस भरी गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है।

मौसम विभाग की यह भविष्यवाणियां केवल मौसम के बदलाव तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये बदलते वैश्विक जलवायु पैटर्न की ओर भी इशारा करती हैं। उत्तर भारत में शुष्क हवाओं का चलना और सुदूर राज्यों में अचानक भारी वर्षा की संभावना, रक्षा और आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखती है। आने वाला एक सप्ताह देश के विभिन्न हिस्सों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है, क्योंकि एक तरफ बढ़ता पारा और दूसरी तरफ आसमानी बिजली का खतरा, दोनों ही मोर्चों पर प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है। फिलहाल, जनता को सलाह दी गई है कि वे मौसम की पल-पल की जानकारी रखें और घर से बाहर निकलते समय स्थानीय चेतावनियों का पालन करें।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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