Navi Mumbai flamingo arrival 2025 : सर्दियों के आगमन के साथ ही नवी मुंबई के वेटलैंड्स में हर साल की तरह इस बार भी प्रवासी फ्लेमिंगो ने दस्तक दी है। नवंबर से मार्च-अप्रैल तक इन गुलाबी पंखों वाले पक्षियों का शहर की झीलों, मंग्रोव्स और क्रिक क्षेत्रों में प्रवास जारी रहता है। जनवरी से मार्च के बीच इनका झुंड सबसे बड़ा और सक्रिय दिखाई देता है, जबकि मार्च-अप्रैल में ये अपने प्रजनन स्थलों की ओर वापस उड़ जाते हैं।

फ्लेमिंगो मुख्य रूप से थाने क्रीक फ्लेमिंगो सैंक्चुअरी, DPS लेक, Seawoods और Panje वेटलैंड्स में देखे जा सकते हैं। थाने क्रीक सैंक्चुअरी शहर का सबसे बड़ा और संरक्षित स्थल है, जहां लाखों फ्लेमिंगो अपने प्रवास के दौरान सुरक्षित रहते हैं। DPS लेक और TS चाणक्य वेटलैंड्स शहर के बीच होने के कारण आसानी से पहुंच योग्य हैं। Seawoods फ्लेमिंगो प्वाइंट और Karave वेटलैंड्स झीलों, लैगून और मंग्रोव क्षेत्रों के लिए जाने जाते हैं, जबकि Panje वेटलैंड्स प्राकृतिक और शांत वातावरण प्रदान करता है।

प्रकृति प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए सुबह सूर्योदय के समय और शाम के घंटों में फ्लेमिंगो की गतिविधियां देखने के लिए सबसे उपयुक्त समय है। High tide के आसपास इन पक्षियों का झीलों और क्रिक में उतरना देखने का अनुभव और भी मनमोहक बन जाता है। सुरक्षा और संरक्षण की दृष्टि से शांत रहना और कचरा न छोड़ना अनिवार्य है। कैमरा और दूरबीन के साथ पर्यटक इन गुलाबी झुंडों की उड़ान और झीलों में तैरते दृश्य का आनंद उठा सकते हैं।

प्रवासी फ्लेमिंगो न केवल नवी मुंबई की जैव विविधता का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, बल्कि पर्यटन और पर्यावरणीय जागरूकता के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उनके आगमन से वेटलैंड्स का संरक्षण और शहर की प्राकृतिक सुंदरता उजागर होती है, जो स्थानीय समुदाय और पर्यावरण विशेषज्ञों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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