delhi winter smog pollution control steps : राष्ट्रीय राजधानी की सांसें एक बार फिर धुएँ और धूल के बोझ से भारी हैं, लेकिन इसी घने स्मॉग के बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों को भरोसा दिलाया है कि सरकार प्रदूषण नियंत्रण की लड़ाई को हर स्तर पर तेज़ी और प्रतिबद्धता के साथ लड़ रही है। शनिवार सुबह जब हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में दर्ज हुई, उसी समय मुख्यमंत्री ने ज़मीन पर उतरकर साफ संदेश दिया कि यह अभियान सिर्फ काग़ज़ पर नहीं, बल्कि राजधानी की सड़कों पर भी दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रदूषण के खिलाफ जंग मिशन मोड में जारी है। बिजली के खंभों पर मिस्ट लगाने का कार्य तेज़ी से हो रहा है, ताकि हवा में मौजूद महीन कणों को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि धुआँ, धूल, वाहन उत्सर्जन, खुले में कचरा जलाना और लकड़ी जलाने जैसे कई कारक मिलकर प्रदूषण की मोटी परत बनाते हैं, और दिल्ली सरकार हर तत्व पर वैज्ञानिक तरीके से काम कर रही है। मिस्ट इंस्टॉलेशन के साथ-साथ अनेक सफाई अभियानों को नियमित रूप से अंजाम दिया जा रहा है ताकि प्रदूषण का स्रोत वहीं दबाया जा सके, जहाँ से वह उठता है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक विस्तृत पोस्ट के माध्यम से बताया कि पहली बार दिल्ली में रिंग रोड की सफाई के लिए सैकड़ों स्प्रिंकलर वाहन लगाए गए हैं। यह सफाई पहले से तय अंतराल पर लगातार की जा रही है, जिससे सड़क पर जमा धूल कम हो और हवा में उड़ने वाले कणों को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने लिखा कि सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है—राजधानी में रहने वाले हर नागरिक को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराना। यही कारण है कि प्रदूषण नियंत्रण के हर स्तर पर सतर्कता, मॉनिटरिंग और त्वरित कार्रवाई लागू की जा रही है।

इसी अभियान के तहत मुख्यमंत्री गुप्ता ने सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा सिविल लाइंस के खैबर पास स्क्वायर में आयोजित रोड-क्लीनिंग और वॉशिंग ड्राइव में भी सक्रिय भागीदारी निभाई। उनके साथ कैबिनेट मंत्री रविंद्र इंद्रज सिंह और विधायक सूर्या प्रकाश खत्री भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि नियमित रोड वॉशिंग, मैकेनिकल क्लीनिंग और जमीनी निगरानी अब तेज़ गति और अधिक गंभीरता के साथ लागू की जा रही है, ताकि प्रदूषण के मौसमी प्रभाव को कम किया जा सके।

इसके बावजूद, शनिवार सुबह दिल्ली की हवा ने खतरनाक इशारा किया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार सुबह 7 बजे का औसत AQI 333 दर्ज हुआ, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। ग़ाज़ीपुर मंडी, आनंद विहार और वजीरपुर जैसे कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई और हवा में मौजूद प्रदूषकों की गंभीरता साफ झलक रही थी।

हालांकि परिस्थितियाँ चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन सरकार की बने रहने वाली सक्रियता, लगातार सफाई अभियानों और प्रदूषण-नियंत्रण मशीनरी के विस्तार ने यह संकेत दे दिया है कि दिल्ली इस संकट से लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। राजधानी की हवा के लिए यह जंग अभी लंबी है, लेकिन सरकारी प्रयासों की निरंतरता ने उम्मीद जगाई है कि आने वाले दिनों में स्थिति धीरे-धीरे सुधर सकती है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story