दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बनकर आया साइक्लोन डिटवाह ने श्रीलंका और भारत के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई है। 26 नवंबर 2025 को उत्पन्न यह चक्रवात पहले श्रीलंका से टकराया और वहां बाढ़, भूस्खलन और तेज हवाओं के साथ जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। सैकड़ों लोगों की जानें चली गईं, हजारों लोग विस्थापित हुए, और कई घरों एवं बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा।

श्रीलंका में डिटवाह के असर से लगभग 2,33,000 लोग प्रभावित हुए और राहत केंद्रों में स्थानांतरित किए गए। सरकार ने आपात स्थिति घोषित कर राहत कार्य शुरू किया। बचाव दलों ने फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, जबकि सेना और स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में खाने और पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की।

भारत में डिटवाह का प्रभाव मुख्य रूप से तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश तटवर्ती जिलों में देखा गया। चक्रवात के अवशेषों के कारण इन क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश हुई, तेज हवाओं और समुद्री लहरों ने जनजीवन बाधित किया। तमिलनाडु में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई, कई घर और खेत जलमग्न हुए। स्थानीय प्रशासन ने स्कूलों और कॉलेजों को बंद कर दिया और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों में रहने की चेतावनी दी।

मौसम विभाग (IMD) ने कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया। अधिकारियों ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने, पानी जमा क्षेत्रों में न जाने और समुद्री गतिविधियों से परहेज करने का आग्रह किया। तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई। राहत एवं बचाव कार्यों में एनडीआरएफ, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और स्थानीय प्रशासन सक्रिय रूप से लगे हुए हैं।

डिटवाह ने न केवल जनजीवन को प्रभावित किया, बल्कि कृषि और बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया। तमिलनाडु और पुडुचेरी में सड़कों और बिजली की आपूर्ति प्रभावित हुई। इसके अलावा, उपज और पशुधन को भी नुकसान हुआ, जिससे किसानों की आमदनी पर असर पड़ा। भारत सरकार और राज्य सरकारें प्रभावित इलाकों में राहत वितरण, प्रभावितों के लिए आश्रय और आर्थिक सहायता सुनिश्चित कर रही हैं।

इस चक्रवात ने यह स्पष्ट कर दिया है कि तटीय और निचले इलाकों में प्राकृतिक आपदाओं के प्रति तैयार रहना कितना महत्वपूर्ण है। श्रीलंका और भारत दोनों देशों में राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन की ओर लौटाया जा सके।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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