मुंबई की बढ़ती गर्मी और उमस के बीच बायकुला जू से सामने आई एक तस्वीर ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। रॉयल बंगाल टाइगर ‘जय’ को पानी के तालाब में आराम करते हुए देखा गया, जिसके बाद यह दृश्य सोशल मीडिया और वन्यजीव प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन गया। 21 मई को कैद हुए इस पल ने न सिर्फ लोगों को आकर्षित किया, बल्कि गर्मी से जूझ रहे वन्यजीवों की प्राकृतिक आदतों को भी सामने ला दिया।

मुंबई के ऐतिहासिक वीरमाता जीजाबाई भोसले बॉटनिकल गार्डन एंड जू, जिसे आमतौर पर बायकुला जू के नाम से जाना जाता है, के टाइगर एग्ज़िबिट में ‘जय’ लंबे समय तक पानी में बैठा और खेलता दिखाई दिया। जू में पहुंचे पर्यटकों और फोटोग्राफरों ने उसे बार-बार तालाब में डुबकी लगाते, पानी में आराम करते और गर्मी से राहत लेते देखा। विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल टाइगर का पानी में समय बिताना पूरी तरह स्वाभाविक व्यवहार है, खासकर तब जब मौसम अत्यधिक गर्म और उमस भरा हो।



‘जय’ बायकुला जू के सबसे चर्चित और आकर्षण का केंद्र बने रॉयल बंगाल टाइगर्स में से एक है। वह टाइगर जोड़ी ‘शक्ति’ और ‘करिश्मा’ का शावक है, जिन्हें वर्ष 2020 में छत्रपति संभाजीनगर के सिद्धार्थ गार्डन एंड जू से मुंबई लाया गया था। इन दोनों बाघों के आने के बाद से ही जू का टाइगर सेक्शन लोगों के बीच खास आकर्षण बना हुआ है। समय-समय पर उनके खेलते, तैरते और पानी में मस्ती करते वीडियो वायरल होते रहे हैं।

वन्यजीव विशेषज्ञ बताते हैं कि बंगाल टाइगर अन्य बड़ी बिल्लियों की तुलना में पानी से अधिक लगाव रखते हैं। पानी में बैठना उनके शरीर का तापमान नियंत्रित करने में मदद करता है और उमस भरे वातावरण में हीट स्ट्रेस को कम करता है। जंगलों में भी बंगाल टाइगर अक्सर नदियों, झीलों और तालाबों के आसपास समय बिताते हैं। इसी कारण जू प्रशासन द्वारा गर्मियों के मौसम में बाघों के बाड़ों में विशेष जलाशय और छायादार व्यवस्था बनाए रखी जाती है ताकि जानवरों को राहत मिल सके।

बढ़ते तापमान से राहत पाने के लिए पानी में तैरता और डुबकी लगाता रॉयल बंगाल टाइगर 'जय'।

बायकुला जू का टाइगर परिवार पिछले कुछ वर्षों से लगातार सुर्खियों में रहा है। ‘शक्ति’ और ‘करिश्मा’ की जोड़ी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जू पहुंचते थे। हालांकि, वर्ष 2025 के अंत में नर बाघ ‘शक्ति’ की श्वसन संबंधी जटिलताओं के कारण मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद जू प्रशासन और वन्यजीव प्रेमियों के बीच शोक की लहर दौड़ गई थी। ऐसे में अब ‘जय’ की मौजूदगी और उसकी गतिविधियां पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण बन चुकी हैं।

मुंबई की तेज़ होती गर्मी के बीच पानी में आराम करता ‘जय’ केवल एक दृश्य भर नहीं, बल्कि यह इस बात की भी याद दिलाता है कि बदलते मौसम का असर इंसानों के साथ-साथ वन्यजीवों पर भी गहराई से पड़ रहा है। बायकुला जू में कैद यह पल लोगों को प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के महत्व पर एक बार फिर सोचने के लिए मजबूर कर रहा है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

Next Story