ब्रह्म मुहूर्त की सैर; एक आदत, जो शरीर-दिमाग दोनों को कर दे रीसेट!
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सुबह की सैर करना आयुर्वेद और विज्ञान दोनों के अनुसार सेहत का सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है। यह आदत पाचन, हृदय स्वास्थ्य, मानसिक शांति, ऊर्जा स्तर और इम्यूनिटी को बेहतर बनाती है, साथ ही डायबिटीज और डिप्रेशन के खतरे को भी कम करती है।

early morning walk mental health benefits
early morning walk mental health benefits : सर्दी हो या गर्मी, सुबह देर तक सोने का आलस लगभग हर व्यक्ति को घेर लेता है। लेकिन आयुर्वेदिक ग्रंथों से लेकर आधुनिक वैज्ञानिक शोध तक, एक बात पर स्पष्ट सहमति दिखाई देती है—सूर्योदय से पहले उठना और ब्रह्म मुहूर्त में 20 से 30 मिनट की सैर करना पूरे दिन की शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक सेहत को गहराई से प्रभावित करता है। इसे केवल एक दिनचर्या नहीं, बल्कि जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव का आधार माना जाता है।
आयुर्वेद के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त, जो सामान्यतः सुबह 3:30 से 5:30 बजे के बीच होता है, वह समय है जब वातावरण में प्राण-ऊर्जा सर्वाधिक होती है। इस अवधि में मन स्वाभाविक रूप से शांत रहता है और मस्तिष्क अधिक ग्रहणशील अवस्था में होता है। यही कारण है कि स्मरण शक्ति, एकाग्रता और मानसिक स्पष्टता इस समय अधिक प्रभावी ढंग से विकसित होती है। आधुनिक विज्ञान भी इस अवधारणा का समर्थन करता है और इसे शरीर की जैविक घड़ी का ‘गोल्डन पीरियड’ बताता है। इस समय मेलाटोनिन हार्मोन का स्तर घटने लगता है और कॉर्टिसोल धीरे-धीरे बढ़ता है, जिससे शरीर प्राकृतिक रूप से जाग्रत और सक्रिय हो जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में उठकर की गई नियमित सैर का प्रभाव केवल मानसिक स्तर तक सीमित नहीं रहता। इससे पाचन तंत्र मजबूत होता है, दिनभर भूख संतुलित रहती है और कब्ज व गैस जैसी समस्याओं में कमी देखी जाती है। शरीर की कोशिकाएं अधिक ऑक्सीजन ग्रहण करती हैं, जिससे ऊर्जा स्तर बेहतर होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी सुधार आता है। इस दौरान सेरोटोनिन और डोपामाइन जैसे हार्मोन सक्रिय होते हैं, जो मूड को बेहतर बनाते हैं और तनाव व अवसाद के जोखिम को कम करते हैं।
दिल की सेहत के लिहाज से भी सुबह की सैर को बेहद लाभकारी माना गया है। इससे रक्त संचार बेहतर होता है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा घटता है। वजन नियंत्रण में भी इसका अहम योगदान बताया जाता है, क्योंकि भूख और चयापचय से जुड़े हार्मोन संतुलन में रहते हैं। इसके साथ ही त्वचा पर प्राकृतिक निखार आता है और शरीर को शुरुआती धूप से सुरक्षित मात्रा में विटामिन डी भी मिलता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक होता है।
कई अध्ययनों में यह भी सामने आया है कि जो लोग नियमित रूप से जल्दी उठते हैं, उनमें डायबिटीज, हृदय रोग और मानसिक अवसाद जैसी समस्याओं का जोखिम तुलनात्मक रूप से कम होता है। आयुर्वेद के अनुसार इस समय सैर करने से वात और पित्त दोष संतुलित रहते हैं, जिससे जोड़ों के दर्द और मानसिक अशांति में राहत मिलती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ब्रह्म मुहूर्त में जागने और रोजाना सैर करने की आदत बना ली जाए, तो शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक पूरी तरह संतुलित हो जाती है, जिसका सकारात्मक प्रभाव दीर्घकाल तक बना रहता है।
- brahm muhurat me subah ki sair ke faydebrahm muhurat walking health benefits hindiayurveda brahm muhurat morning walksubah jaldi uthne ke scientific faydebrahm muhurat me uthne se kya hota haiearly morning walk heart health indiabrahm muhurat digestion immunity benefitsayurvedic routine morning walk indiabenefits of brahma muhurta morning walkearly morning walk mental health benefitsbrahma muhurta ayurveda science explainedsubah ki sair se diabetes controlbrahm muhurat vitamin d benefitsmorning walk circadian rhythm indiaPratahkal DailyPratahkal NewsIndia

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
