जोया अख्तर के प्रोडक्शन हाउस से गायब हुए 66 हार्ड डिस्क ; बांद्रा पुलिस की गिरफ्त में 2 आरोपी
मुंबई के बांद्रा स्थित टाइगर बेबी डिजिटल एलएलपी में 66 हाई-कैपेसिटी हार्ड डिस्क की चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जोया अख्तर और रीमा कागती के प्रोडक्शन हाउस से जुड़े इस केस में करोड़ों के डेटा नुकसान की आशंका जताई गई है, जिसमें ओटीटी और फिल्म प्रोजेक्ट्स का संवेदनशील कंटेंट शामिल था।

जोया अख्तर
मुंबई के बांद्रा वेस्ट स्थित प्रतिष्ठित प्रोडक्शन हाउस टाइगर बेबी डिजिटल एलएलपी में एक ऐसा डिजिटल अपराध सामने आया है, जिसने फिल्म और ओटीटी इंडस्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह प्रोडक्शन हाउस प्रसिद्ध फिल्मकार जोया अख्तर और रीमा कागती द्वारा संचालित है, जहां से 66 हाई-कैपेसिटी हार्ड डिस्क के रहस्यमय तरीके से गायब होने का मामला उजागर हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, यह घटना अचानक सामने नहीं आई, बल्कि अनुमान लगाया जा रहा है कि यह चोरी कई महीनों के अंतराल में धीरे-धीरे अंजाम दी गई और लंबे समय तक किसी को इसकी भनक नहीं लगी। जब नियमित जांच और स्टोरेज ऑडिट किया गया, तब जाकर इन महत्वपूर्ण डेटा ड्राइव्स की कमी का पता चला।
गायब हुई हार्ड डिस्क सामान्य नहीं थीं, बल्कि 16 टीबी से लेकर 72 टीबी क्षमता वाली प्रोफेशनल प्रोडक्शन स्टोरेज यूनिट्स थीं, जिनमें फिल्म निर्माण से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील और मूल्यवान डेटा सुरक्षित था। इनमें कच्चा फिल्म फुटेज, एडिटेड और पोस्ट-प्रोडक्शन सामग्री, बैकअप आर्काइव्स, ओटीटी वेब सीरीज का डेटा और विभिन्न विज्ञापन अभियानों की सामग्री शामिल थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, इनमें “मेड इन हेवन”, “घोस्ट स्टोरीज़” जैसे चर्चित प्रोजेक्ट्स और कुछ ब्रांडेड विज्ञापन शूट्स, जिनमें न्याका जैसे अभियानों से जुड़ा कंटेंट भी शामिल था, प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि इन हार्ड डिस्क का भौतिक मूल्य लगभग 12 से 13 लाख रुपये आंका गया है, लेकिन इनमें मौजूद अनरिलीज़्ड कंटेंट के चलते वास्तविक नुकसान करोड़ों रुपये तक पहुंच सकता है, यदि डेटा को लीक या अवैध रूप से उपयोग किया गया हो।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कार्यालय में किसी प्रकार की जबरन एंट्री के निशान नहीं पाए गए, जिससे इस पूरे मामले में अंदरूनी व्यक्ति की संलिप्तता की आशंका और मजबूत हो गई। कर्मचारियों ने बताया कि जांच के दौरान स्टोरेज स्लॉट खाली और कुछ मामलों में बदले हुए पाए गए, जिससे चोरी की पुष्टि की दिशा में सुराग मिले।
पुलिस जांच में एक ऑफिस बॉय को गिरफ्तार किया गया है, जिसकी पहचान मोहम्मद शाहिद अजीम खान के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि उसे लंबे समय से स्टोरेज एरिया तक पहुंच प्राप्त थी, जिसका कथित रूप से दुरुपयोग किया गया। इसके अलावा एक अन्य आरोपी रितेश, जो बोरीवली का निवासी बताया जाता है और कथित तौर पर चोरी की गई हार्ड डिस्क का खरीदार था, जांच के दायरे में है और फिलहाल फरार या निगरानी में बताया जा रहा है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह चोरी अचानक नहीं बल्कि योजनाबद्ध तरीके से लगभग पांच महीनों की अवधि में की गई। अनुमान है कि करीब 24 हार्ड डिस्क पहले ही बाजार में बेची जा चुकी थीं, जिनकी कीमत प्रति डिस्क लगभग 15,000 से 20,000 रुपये के बीच बताई गई है। बाकी कई डिस्क अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।
इस मामले में बांद्रा पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या डेटा को पहले कॉपी किया गया था और क्या किसी प्रकार का डिजिटल कंटेंट पहले ही बाहर लीक हो चुका है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस पूरे नेटवर्क में कोई बड़ा ग्रे मार्केट शामिल है, जो प्रोडक्शन हाउस के डेटा की अवैध खरीद-फरोख्त में सक्रिय है।
यह मामला केवल हार्डवेयर चोरी का नहीं बल्कि भारतीय एंटरटेनमेंट और ओटीटी इंडस्ट्री में डेटा सुरक्षा की गंभीर खामियों को उजागर करने वाला बन गया है। अनरिलीज़्ड कंटेंट के लीक होने की आशंका ने प्रोडक्शन हाउसों की डिजिटल सुरक्षा पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है, जिसका असर आने वाले समय में पूरी इंडस्ट्री पर देखने को मिल सकता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
