आरजे महवश के एक वायरल पॉडकास्ट वीडियो ने भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और उनकी पूर्व पत्नी धनश्री वर्मा की निजी जिंदगी को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज कर दी हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के आधार पर दावा किया जा रहा है कि चहल ने धनश्री के गर्भवती होने के दौरान उन्हें धोखा दिया था और इसी वजह से दोनों का तलाक हुआ। हालांकि, पॉडकास्ट की पूरी बातचीत सामने आने के बाद इन दावों की वास्तविकता कुछ और ही निकलकर सामने आई है। दरअसल, महवश अपने पुराने रिश्ते का अनुभव साझा कर रही थीं, न कि चहल और धनश्री की शादी को लेकर कोई आरोप लगा रही थीं।

5 नवंबर 2026 को सामने आई इस रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया पर पॉडकास्ट के संपादित अंश प्रसारित होने के कारण बातचीत का मूल संदर्भ गायब हो गया। इसके बाद कुछ उपयोगकर्ताओं ने महवश की कहानी को चहल से जोड़ना शुरू कर दिया। जबकि मूल बातचीत में उन्होंने न तो युजवेंद्र चहल का नाम लिया और न ही धनश्री वर्मा का कोई जिक्र किया था।

आरजे महवश ने पॉडकास्ट में क्या बताया था?

पिंकविला के साथ बातचीत के दौरान आरजे महवश ने अपने पुराने रिश्ते के बारे में खुलकर बात की थी। उन्होंने बताया कि जब वह करीब 19 साल की थीं और अलीगढ़ में रहती थीं, तब उन्हें एक युवक से प्यार हो गया था। वह उस रिश्ते को लेकर काफी गंभीर थीं और उससे शादी करना चाहती थीं। इसके लिए उन्होंने अपने परिवार की असहमति का भी सामना किया था।

महवश के मुताबिक, समय के साथ यह रिश्ता उनके लिए तकलीफदेह बन गया, क्योंकि उन्हें पता चला कि उनका साथी बार-बार उन्हें धोखा दे रहा था। उन्होंने कई बार उसे माफ किया, लेकिन उसका व्यवहार नहीं बदला। इस रिश्ते का उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर पड़ा। उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्हें पैनिक अटैक, अवसाद और अस्पताल में भर्ती होने जैसी परिस्थितियों से गुजरना पड़ा।

महवश ने यह भी याद किया कि जब उन्होंने अपने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों के बारे में उस युवक को बताया, तो उसकी प्रतिक्रिया से उन्हें और अधिक ठेस पहुंची। उन्हें उस समय भावनात्मक सहयोग नहीं मिला। आखिरकार उन्होंने इस रिश्ते को समाप्त करने का फैसला किया।

रिश्ता खत्म होने के बाद उन्हें पता चला कि उसी युवक ने किसी दूसरी महिला से शादी कर ली थी। महवश के अनुसार, उस व्यक्ति ने अपनी गर्भवती पत्नी को भी कथित तौर पर धोखा दिया और बाद में उसका तलाक हो गया। इस अनुभव को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उस रिश्ते से बाहर निकलने का उनका फैसला उन्हें भविष्य में और बड़ी तकलीफ से बचाने वाला साबित हुआ।

महवश की पूरी कहानी उनके पूर्व प्रेमी से जुड़ी थी। उन्होंने कहीं भी यह नहीं कहा कि वह युजवेंद्र चहल के बारे में बात कर रही हैं या उनकी शादी से इस घटना का कोई संबंध है।

चहल के साथ नाम जुड़ने से कैसे बढ़ी अटकलें?

आरजे महवश का नाम पहले भी युजवेंद्र चहल के साथ जोड़ा जा चुका है। धनश्री वर्मा से अलगाव के बाद दोनों को कई मौकों पर एक साथ देखा गया था। इनमें सार्वजनिक कार्यक्रम और क्रिकेट मैच भी शामिल थे। उनकी साथ मौजूदगी के बाद सोशल मीडिया पर दोनों के बीच प्रेम संबंध होने की अटकलें लगने लगी थीं।

हालांकि, महवश और चहल दोनों ने इन चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए अपने रिश्ते को दोस्ती बताया था। इसके बावजूद जब महवश के पुराने प्रेम संबंध और उनके पूर्व साथी की कथित बेवफाई से जुड़ी पॉडकास्ट की बातें वायरल हुईं, तो सोशल मीडिया के कुछ उपयोगकर्ताओं ने उन्हें चहल से जोड़ दिया।

वायरल दावों में यह संकेत दिया गया कि महवश ने अप्रत्यक्ष रूप से चहल के कथित पुराने व्यवहार का खुलासा किया है। लेकिन पॉडकास्ट की पूरी बातचीत इस व्याख्या का समर्थन नहीं करती। महवश ने स्पष्ट रूप से अपने उस पुराने रिश्ते का अनुभव साझा किया था, जब वह करीब 19 वर्ष की थीं और अलीगढ़ में रहती थीं। उनकी बातचीत को चहल और धनश्री की शादी से जुड़ा खुलासा बताना तथ्यों के अनुरूप नहीं है।

क्या चहल ने धनश्री को गर्भावस्था के दौरान धोखा दिया था?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस दावे की पुष्टि करने वाला कोई सत्यापित साक्ष्य मौजूद नहीं है कि युजवेंद्र चहल ने धनश्री वर्मा को उनकी गर्भावस्था के दौरान धोखा दिया था। न तो आरजे महवश के मूल पॉडकास्ट में ऐसा कोई आरोप लगाया गया और न ही पूर्व दंपती के किसी पुष्ट बयान से इस दावे की पुष्टि होती है।

युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा का तलाक मार्च 2025 में अंतिम रूप से संपन्न हुआ था। उनकी कानूनी कार्यवाही से जुड़ी रिपोर्टों में बताया गया था कि तलाक मंजूर होने से काफी समय पहले ही दोनों अलग-अलग रह रहे थे। उनके अलगाव ने सार्वजनिक स्तर पर काफी ध्यान खींचा था, लेकिन वैवाहिक संबंध टूटने के निजी कारणों के बारे में किसी असंबंधित सोशल मीडिया वीडियो के आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।

धनश्री के गर्भवती होने के दौरान चहल द्वारा कथित तौर पर धोखा दिए जाने का दावा भी किसी विश्वसनीय साक्ष्य से समर्थित नहीं है। इसलिए महवश के निजी अनुभव को चहल की कथित बेवफाई का प्रमाण बताना गलत होगा।

चहल और महवश की दोस्ती पर दोनों पहले भी दे चुके हैं सफाई

युजवेंद्र चहल और आरजे महवश की दोस्ती उस समय चर्चा में आई थी, जब धनश्री से अलगाव के बाद दोनों को एक साथ देखा गया। महवश पहले भी चहल के जीवन के कठिन दौर में उनका समर्थन करने की बात कह चुकी हैं। साथ ही उन्होंने यह स्पष्ट किया था कि उनके और क्रिकेटर के बीच दोस्ती से आगे कोई रोमांटिक रिश्ता नहीं है।

मई 2026 में पिंकविला को दिए एक साक्षात्कार में महवश ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो करने की खबरों पर भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने इसे दोस्तों के बीच हुई असहमति बताया और कहा था कि इसे किसी बड़े विवाद का रूप देने की जरूरत नहीं है।

दूसरी ओर, चहल ने भी राज शमानी के पॉडकास्ट में अपनी और महवश की डेटिंग से जुड़ी अटकलों पर बात की थी। उन्होंने किसी भी प्रेम संबंध से इनकार किया था और कहा था कि लोग जो चाहें, उस पर विश्वास कर सकते हैं।

वायरल वीडियो ने कैसे बदल दिया बातचीत का संदर्भ?

इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि लंबे साक्षात्कार के छोटे और संपादित वीडियो किस तरह मूल बातचीत का अर्थ बदल सकते हैं। महवश ने अपने पूर्व प्रेमी के बारे में बताते हुए कहा था कि रिश्ता समाप्त होने के बाद उस व्यक्ति ने दूसरी महिला से शादी की और कथित तौर पर अपनी गर्भवती पत्नी को भी धोखा दिया।

चूंकि इससे पहले उनका नाम चहल के साथ जोड़ा जा चुका था, इसलिए सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इस व्यक्तिगत अनुभव को क्रिकेटर से जोड़कर देखना शुरू कर दिया। इस तरह एक पुराने रिश्ते की कहानी को चहल और धनश्री की शादी से संबंधित कथित खुलासे के रूप में प्रसारित किया गया।

हालांकि, पूरी बातचीत में महवश ने इस कहानी को चहल की शादी से जोड़ने वाली कोई बात नहीं कही। यह मामला इस बात को भी सामने लाता है कि चर्चित हस्तियों से जुड़े नामों के साथ व्यक्तिगत अनुभवों को जोड़ने पर सोशल मीडिया पर किस तरह अटकलें तेजी से फैल सकती हैं।

फिलहाल उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरजे महवश द्वारा युजवेंद्र चहल पर धनश्री वर्मा को गर्भावस्था के दौरान धोखा देने का आरोप लगाने की बात सही साबित नहीं होती। महवश की बातचीत उनके अलीगढ़ में बिताए समय और करीब 19 वर्ष की उम्र के पुराने रिश्ते से संबंधित थी। जब तक इस संबंध में कोई विश्वसनीय साक्ष्य या प्रत्यक्ष बयान सामने नहीं आता, तब तक चहल के खिलाफ लगाए जा रहे इन आरोपों को प्रमाणित तथ्य के बजाय अपुष्ट अटकल ही माना जाना चाहिए।

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