कौन हैं Yogi Babu? जिनकी एंट्री होते ही थिएटर में गूंजने लगती है हंसी
तमिल अभिनेता योगी बाबू के शुरुआती संघर्ष, टीवी शो लोल्लू सभा से पहचान और मंडेला जैसी फिल्मों में उनके अभिनय करियर का विश्लेषण।

तमिल अभिनेता योगी बाबू जिन्होंने फिल्म 'योगी' से करियर की शुरुआत की और आज दक्षिण भारतीय फिल्मों के सबसे व्यस्त कॉमेडियन और मुख्य अभिनेता हैं।
तमिल सिनेमा में अगर आज किसी कॉमेडियन की एंट्री पर सबसे ज्यादा सीटियां बजती हैं, तो वो नाम है योगी बाबू। अपने अनोखे लुक, दमदार कॉमिक टाइमिंग और देसी अंदाज से उन्होंने ऐसी पहचान बनाई है कि अब उनकी मौजूदगी किसी भी फिल्म की सबसे बड़ी एंटरटेनमेंट गारंटी मानी जाती है। सोशल मीडिया पर उनके मीम्स हों, फिल्मों के वायरल सीन हों या फिर उनकी वन-लाइनर कॉमेडी, हर जगह योगी बाबू का जलवा देखने को मिलता है। छोटे-छोटे रोल से शुरुआत करने वाला यह कलाकार आज तमिल सिनेमा के सबसे ज्यादा फीस लेने वाले कॉमेडियन्स में गिना जाता है और यही वजह है कि हर कोई उनके बारे में जानना चाहता है।
22 जुलाई 1985 को तमिलनाडु के अरनी में जन्मे योगी बाबू का बचपन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। उनके पिता भारतीय सेना में हवलदार थे, इसलिए बचपन में उन्हें कई शहरों में रहना पड़ा। शुरुआती पढ़ाई जम्मू में हुई और वहीं से उनकी जिंदगी में अलग-अलग संस्कृतियों का असर दिखने लगा। फिल्मों में आने से पहले उन्होंने टीवी शो ‘लोल्लू सभा’ में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया और दो साल तक कॉमिक सीन लिखने में मदद की। यहीं से उनकी कॉमेडी की समझ मजबूत हुई। साल 2009 में फिल्म ‘योगी’ से उन्होंने अभिनय की शुरुआत की और उसी फिल्म का नाम अपने स्क्रीन नेम का हिस्सा बना लिया।
शुरुआत में उन्हें छोटे-मोटे रोल ही मिले। कभी गुंडे का साथी बने, कभी सड़कछाप किरदार निभाया, लेकिन उनकी स्क्रीन प्रेजेंस इतनी अलग थी कि लोग उन्हें नोटिस करने लगे। ‘कलाकलप्पु’, ‘मान कराटे’ और ‘यामिरुक्का बयामे’ जैसी फिल्मों ने उन्हें पहचान दिलाई। इसके बाद तो जैसे उनकी किस्मत बदल गई। ‘काक्का मुठई’, ‘आंदवन कट्टलाई’, ‘कोलामावु कोकिला’ और ‘परियेरुम पेरुमाल’ जैसी फिल्मों में उन्होंने साबित कर दिया कि वो सिर्फ मजाकिया चेहरे वाले कलाकार नहीं, बल्कि शानदार अभिनेता भी हैं। नयनतारा के साथ फिल्म ‘कोलामावु कोकिला’ में उनका एकतरफा प्रेमी वाला किरदार इतना वायरल हुआ कि ‘कल्याण वायसु’ गाना इंटरनेट सेंसेशन बन गया।
योगी बाबू की सबसे बड़ी ताकत है उनका नेचुरल कॉमिक फ्लो। वो बिना ज्यादा कोशिश किए लोगों को हंसा देते हैं। यही वजह है कि विजय, अजीत, शिवकार्तिकेयन, विजय सेतुपति और शाहरुख खान जैसे बड़े सितारों के साथ भी उनकी मौजूदगी अलग नजर आती है। हिंदी फिल्म ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ में उनका छोटा रोल हो या फिर ‘जेलर’, ‘बीस्ट’, ‘डॉक्टर’ और ‘लव टुडे’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में उनका धमाकेदार अंदाज, दर्शकों ने उन्हें हर बार भरपूर प्यार दिया। उन्होंने सिर्फ कॉमिक रोल तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि ‘मंडेला’ जैसी फिल्म में लीड रोल निभाकर सबको चौंका दिया। पंचायत चुनाव और एक वोट की ताकत पर बनी इस राजनीतिक व्यंग्य फिल्म में उनके अभिनय को जबरदस्त सराहना मिली और आलोचकों ने भी उन्हें सलाम किया।
आज योगी बाबू सिर्फ तमिल फिल्मों तक सीमित नहीं हैं। हिंदी, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ फिल्मों में भी उनका क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। दो तमिलनाडु स्टेट फिल्म अवॉर्ड और पांच साउथ इंडियन इंटरनेशनल मूवी अवॉर्ड जीत चुके योगी बाबू अब हर बड़े निर्देशक की पहली पसंद बन गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि इतने बड़े स्टार बनने के बाद भी उनका देसी और जमीन से जुड़ा अंदाज नहीं बदला। साल 2020 में उन्होंने मंजू भार्गवी से शादी की और अब दो बच्चों के पिता हैं। आने वाले सालों में उनकी कई बड़ी फिल्में रिलीज होने वाली हैं और फैंस को उम्मीद है कि योगी बाबू आगे भी अपनी कॉमेडी से लोगों को इसी तरह हंसाते रहेंगे।

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
