आज अगर पूरे देश में किसी साउथ स्टार का नाम बच्चों से लेकर बड़े तक की जुबान पर है, तो वो हैं Yash। सोशल मीडिया पर उनका स्वैग, लंबी दाढ़ी वाला रॉकी भाई लुक और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस आज भी लोगों के सिर चढ़कर बोलती है। ‘केजीएफ’ के बाद यश सिर्फ कन्नड़ सिनेमा के स्टार नहीं रहे, बल्कि पूरे इंडिया के मास हीरो बन गए। उनकी फिल्मों का क्रेज ऐसा है कि थिएटरों में सीटियां और तालियां रुकने का नाम नहीं लेतीं। आज हर कोई उनके अगले प्रोजेक्ट ‘टॉक्सिक’ और ‘रामायण’ का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।

बहुत कम लोग जानते हैं कि यश का असली नाम नवीन कुमार है। कर्नाटक के हासन जिले के एक छोटे से गांव में जन्मे यश के पिता बस ड्राइवर थे और मां गृहिणी। बचपन से ही उन्हें एक्टिंग का जुनून था, लेकिन घरवालों की इच्छा थी कि वो सरकारी नौकरी करें। सिर्फ 300 रुपये लेकर बेंगलुरु पहुंचे यश ने थिएटर में बैकस्टेज काम किया, जहां उन्हें रोज के सिर्फ 50 रुपये मिलते थे। संघर्ष इतना बड़ा था कि कई बार फिल्मों के मौके सिर्फ इसलिए हाथ से निकल गए क्योंकि वो स्क्रिप्ट पढ़ना चाहते थे। लेकिन यही जिद आगे चलकर उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाने वाली थी।

टीवी सीरियल्स से शुरुआत करने वाले यश को पहला बड़ा ब्रेक ‘मोग्गिना मनासु’ से मिला। इस फिल्म ने उन्हें रातोंरात पहचान दिलाई और बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला। हालांकि लीड हीरो के तौर पर उनकी पहली फिल्म ‘रॉकी’ फ्लॉप रही, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। धीरे-धीरे ‘किरातका’, ‘ड्रामा’, ‘गूगली’, ‘राजा हुली’, ‘गजकेसरी’ और ‘मिस्टर एंड मिसेज रामाचारी’ जैसी फिल्मों ने उन्हें कन्नड़ सिनेमा का सबसे बड़ा स्टार बना दिया। उनकी फिल्मों में रोमांस, कॉमेडी, एक्शन और इमोशन का ऐसा मिक्स देखने को मिला जिसने युवाओं को उनका जबरदस्त फैन बना दिया।

फिर आया वो दौर जिसने यश को इतिहास बना दिया। KGF: Chapter 1 और KGF: Chapter 2 ने भारतीय सिनेमा का गेम बदल दिया। रॉकी भाई के किरदार में यश ने ऐसा तूफान मचाया कि उत्तर भारत में भी लोग उनके डायलॉग्स और स्टाइल के दीवाने हो गए। ‘केजीएफ चैप्टर 2’ ने दुनियाभर में रिकॉर्डतोड़ कमाई की और कन्नड़ सिनेमा को ग्लोबल पहचान दिला दी। उनकी भारी आवाज, एटीट्यूड और स्क्रीन पर एंट्री आज भी फैंस के लिए एक फेस्टिवल जैसी होती है। यही वजह है कि उन्हें ‘रॉकिंग स्टार यश’ कहा जाता है।

यश सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं हैं। अपनी पत्नी Radhika Pandit के साथ मिलकर उन्होंने ‘यशोमार्गा फाउंडेशन’ शुरू किया, जिसके जरिए गांवों में पानी की समस्या दूर करने जैसे बड़े सामाजिक काम किए गए। कोविड के दौरान भी उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के हजारों वर्कर्स की आर्थिक मदद की। उनकी पर्सनल लाइफ भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। टीवी शो के सेट पर शुरू हुई दोस्ती प्यार में बदली और फिर राधिका पंडित के साथ उनकी शादी पूरे कर्नाटक में चर्चा का विषय बन गई। आज दोनों अपने दो बच्चों के साथ खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं।

यश की सबसे बड़ी ताकत यही है कि वो जमीन से जुड़े हुए सुपरस्टार हैं। एक थिएटर आर्टिस्ट से लेकर पैन इंडिया आइकॉन बनने तक का उनका सफर हर युवा को प्रेरित करता है। तीन फिल्मफेयर अवॉर्ड, कई साउथ इंडियन इंटरनेशनल मूवी अवॉर्ड्स और करोड़ों फैंस के दिलों पर राज करने वाले यश अब सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि एक ब्रांड बन चुके हैं। आने वाले सालों में ‘टॉक्सिक’ और ‘रामायण’ जैसी फिल्मों के जरिए वो भारतीय सिनेमा में और बड़ा धमाका करने वाले हैं।

Next Story