क्यों श्रेया घोषाल आज भी है बॉलीवुड की नंबर 1 सिंगर? मेलोडी क्वीन के जन्मदिन पर जानें उनकी सफलता की कहानी
भारतीय संगीत जगत की मशहूर प्लेबैक सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च 2026 को अपना 42वां जन्मदिन मना रही हैं। देवदास से बॉलीवुड में शानदार शुरुआत करने वाली इस गायिका ने दो दशकों से अधिक समय में हजारों गीत गाए और कई राष्ट्रीय व फिल्मफेयर पुरस्कार जीते।

प्लेबैक सिंगर श्रेया घोषाल
भारतीय संगीत जगत की सबसे मधुर और प्रभावशाली आवाज़ों में शुमार गायिका श्रेया घोषाल 12 मार्च 2026 को अपना 42वां जन्मदिन मना रही हैं। दो दशकों से अधिक लंबे करियर में उन्होंने अपनी सुरीली आवाज़, असाधारण रेंज और बहुभाषी गायन क्षमता से करोड़ों श्रोताओं के दिलों में खास जगह बनाई है। हिंदी सिनेमा से लेकर विभिन्न भारतीय और विदेशी भाषाओं में गाए गए गीतों तक, श्रेया घोषाल आज भारतीय प्लेबैक सिंगिंग की सबसे प्रतिष्ठित और लोकप्रिय आवाज़ों में गिनी जाती हैं।
बंगाल से शुरू हुआ सुरों का सफर:
श्रेया घोषाल का जन्म 12 मार्च 1984 को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेरहामपुर में एक बंगाली परिवार में हुआ था। उनका बचपन राजस्थान के कोटा के पास स्थित छोटे से कस्बे रावतभाटा में बीता। उनके पिता बिश्वजीत घोषाल एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं और न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया में कार्यरत रहे हैं, जबकि उनकी मां शर्मिष्ठा घोषाल साहित्य में स्नातकोत्तर हैं। परिवार का संगीत से गहरा जुड़ाव रहा, जिसने बचपन से ही श्रेया की प्रतिभा को आकार दिया।
महज चार साल की उम्र में उन्होंने संगीत सीखना शुरू कर दिया था। बाद में छह वर्ष की आयु में उन्होंने शास्त्रीय संगीत की औपचारिक शिक्षा लेना शुरू किया। श्रेया का एक छोटा भाई सौम्यदीप घोषाल भी संगीत से जुड़ा हुआ है। वर्ष 1997 में उनके पिता का तबादला मुंबई स्थित भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर में होने के बाद पूरा परिवार मुंबई आ गया, जहां श्रेया ने अनुषक्ति नगर स्थित एटॉमिक एनर्जी सेंट्रल स्कूल में पढ़ाई की।
रियलिटी शो से मिली पहचान:
श्रेया घोषाल के करियर की दिशा तब बदली जब उन्होंने किशोरावस्था में लोकप्रिय टीवी सिंगिंग रियलिटी शो ‘सा रे गा मा’ में हिस्सा लिया। उस समय शो के एक विशेष एपिसोड में उनकी गायकी ने फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली की मां लीला भंसाली का ध्यान खींचा। उन्होंने बेटे को श्रेया का प्रदर्शन देखने के लिए बुलाया, जिसके बाद संजय लीला भंसाली ने उन्हें अपनी अगली फिल्म में मौका देने का फैसला किया।
‘देवदास’ से बॉलीवुड में धमाकेदार शुरुआत:
साल 2002 में आई भंसाली की भव्य फिल्म ‘देवदास’ से श्रेया घोषाल ने बॉलीवुड में प्लेबैक सिंगिंग की शुरुआत की। फिल्म में उन्होंने ऐश्वर्या राय द्वारा निभाए गए ‘पारो’ के किरदार के लिए आवाज़ दी। उस समय श्रेया की उम्र महज 16 वर्ष थी, जब उन्होंने फिल्म का पहला गीत “बैरी पिया” रिकॉर्ड किया।
फिल्म के लिए उन्होंने कुल पांच गीत गाए, जिनमें प्रमुख हैं:
- “सिलसिला ये चाहत का”
- “बैरी पिया”
- “मोरे पिया”
- “चालक चालाक”
- “डोला रे डोला”
इन गीतों ने न केवल फिल्म के संगीत को ऐतिहासिक सफलता दिलाई, बल्कि श्रेया घोषाल को भी रातोंरात स्टार बना दिया। इस फिल्म के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका), फिल्मफेयर पुरस्कार, और आर.डी. बर्मन अवॉर्ड फॉर न्यू म्यूजिक टैलेंट से सम्मानित किया गया।
फिल्मी करियर शुरू होने से पहले भी श्रेया घोषाल संगीत के क्षेत्र में सक्रिय थीं। उनकी शुरुआती रिकॉर्डिंग मराठी गीत “गणराज रंगी नाचतो” का कवर संस्करण थी, जिसे मूल रूप से लता मंगेशकर ने गाया था। उनका पहला स्टूडियो एल्बम ‘बेंधेछी बीना’ 1 जनवरी 1998 को रिलीज़ हुआ, जिसमें 14 गीत शामिल थे। इसके बाद उन्होंने कई बंगाली एल्बम और भक्ति संगीत भी रिकॉर्ड किए।
उनके शुरुआती एल्बमों में शामिल हैं:
- O Tota Pakhi Re
- Ekti Katha (1999)
- Mukhor Porag (2000)
- Rupasi Raate (2002)
इसके अलावा उन्होंने भक्ति संगीत के एल्बम Banomali Re (2002) और Krishna Bina Ache Ke (2007) में भी अपनी आवाज़ दी।
लगातार सफलताओं से बनी स्थापित गायिका:
2000 के दशक के मध्य तक श्रेया घोषाल हिंदी फिल्म संगीत में एक स्थापित नाम बन चुकी थीं। फिल्म ‘पहेली’ के गीत “धीरे जलना” के लिए उन्हें दूसरा राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। इस गीत को उन्होंने सोनू निगम के साथ गाया था और इसकी शास्त्रीय और लोकप्रिय संगीत के संतुलन के लिए खूब सराहना हुई।
इसी दौर में उन्होंने कई यादगार गीत गाए, जिनमें शामिल हैं:
- “पियू बोले” – फिल्म परिणीता
- “कस्तो मज़ा” – परिणीता
- “अगर तुम मिल जाओ” – ज़हर
- “नाम अदा लिखना” – यहां
इन गीतों ने उन्हें आलोचकों और दर्शकों दोनों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय बना दिया।
2010 के बाद भी श्रेया घोषाल ने लगातार कई सुपरहिट गीत दिए। वर्ष 2011 में फिल्म ‘शोर इन द सिटी’ का गीत “साइबो” उनकी मधुर आवाज़ के कारण बेहद लोकप्रिय हुआ। उसी साल फिल्म ‘बॉडीगार्ड’ में राहत फतेह अली खान के साथ गाया गया गीत “तेरी मेरी” भी व्यापक रूप से सुना गया। फिल्मी गीतों के अलावा श्रेया घोषाल विश्व भर में लाइव कॉन्सर्ट भी करती रही हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, संयुक्त अरब अमीरात और यूनाइटेड किंगडम सहित कई देशों में संगीत कार्यक्रम किए हैं।
2013 में उन्होंने सिडनी ओपेरा हाउस, मेलबर्न और ऑकलैंड जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर प्रदर्शन किया। उसी वर्ष उन्होंने लंदन के ऐतिहासिक रॉयल अल्बर्ट हॉल में भी प्रस्तुति दी और बॉलीवुड के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कई क्लासिक गीत गाए। श्रेया घोषाल की लोकप्रियता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2010 में अमेरिका के ओहायो राज्य में तत्कालीन गवर्नर टेड स्ट्रिकलैंड ने 26 जून को “श्रेया घोषाल डे” घोषित किया। इसके बाद यह दिन उनके प्रशंसकों के बीच हर साल सोशल मीडिया पर मनाया जाने लगा। 2013 में उन्हें यूनाइटेड किंगडम की संसद के हाउस ऑफ कॉमन्स के सदस्यों द्वारा भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
लंबे समय तक दोस्ती और रिश्ते में रहने के बाद श्रेया घोषाल ने 5 फरवरी 2015 को अपने बचपन के मित्र शिलादित्य मुखोपाध्याय से पारंपरिक बंगाली रीति-रिवाजों के साथ विवाह किया। शिलादित्य मुखोपाध्याय तकनीकी क्षेत्र से जुड़े पेशेवर हैं और ट्रूकॉलर के बिज़नेस विभाग के ग्लोबल हेड रह चुके हैं। 22 मई 2021 को श्रेया घोषाल ने मुंबई में एक बेटे को जन्म दिया, जिसके बाद उन्होंने अपने निजी और पेशेवर जीवन के बीच संतुलन बनाते हुए संगीत यात्रा को जारी रखा।
भारतीय संगीत की अमर आवाज़:
करीब दो दशकों से अधिक के करियर में श्रेया घोषाल ने हिंदी, बंगाली, तमिल, तेलुगु, मलयालम, मराठी, कन्नड़ सहित कई भाषाओं में हजारों गीत गाए हैं। उन्हें अब तक अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं, जिनमें शामिल हैं:
- 5 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार
- 4 केरल राज्य फिल्म पुरस्कार
- 2 तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार
- 2 बीएफजेए पुरस्कार
- 7 फिल्मफेयर पुरस्कार
- 10 फिल्मफेयर साउथ पुरस्कार
42वें जन्मदिन के अवसर पर श्रेया घोषाल की यह यात्रा भारतीय संगीत इतिहास में उस आवाज़ की कहानी है, जिसने सुरों की मिठास और भावनाओं की गहराई से पीढ़ियों को जोड़ने का काम किया है। उनकी गायकी आज भी संगीत प्रेमियों के लिए उतनी ही ताज़गी और भावनात्मक गहराई लिए हुए है, जितनी उनके करियर की शुरुआत में थी।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
