तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के लोकप्रिय अभिनेता विजय देवरकोंडा एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी फिल्मों की सफलता नहीं बल्कि एक विवादित टिप्पणी और उससे जुड़ा कानूनी मामला है। वर्ष 2026 में 9 मई को अपना 37वां जन्मदिन मनाने जा रहे विजय देवरकोंडा, जिनका पूरा नाम देवरकोंडा विजय साई है, एक प्रतिष्ठित अभिनेता और फिल्म निर्माता के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने ‘पेली चूपुलु’, ‘अर्जुन रेड्डी’, ‘गीता गोविंदम’ और ‘टैक्सीवाला’ जैसी सफल फिल्मों से इंडस्ट्री में अपनी मजबूत पहचान बनाई है।

विजय देवरकोंडा का जन्म हैदराबाद में गोवर्धन राव और माधवी के घर हुआ था। उनका परिवार पूर्ववर्ती महबूबनगर जिले के थुम्मनपेटा गांव से संबंध रखता है। उनके पिता टेलीविजन सीरियल निर्देशक रहे हैं, जिन्होंने असफलताओं के कारण इस क्षेत्र से दूरी बना ली थी। शुरुआती करियर में उन्होंने 2011 की फिल्म ‘नुव्विला’ से डेब्यू किया और 2015 में ‘येवडे सुब्रमण्यम’ में अपने सहायक किरदार से सराहना हासिल की।

पर उनके जीवन में एक समय ऐसा भी था जब वे विवादित कथन के कारण सुर्ख़ियों में थे। 2025 में विवाद की शुरुआत तब हुई जब अभिनेता ने फिल्म ‘रेट्रो’ के प्री-रिलीज़ इवेंट में पहलगाम आतंकी हमले पर टिप्पणी करते हुए एक बयान दिया। इस दौरान उन्होंने आतंकवादियों की तुलना कथित रूप से 500 साल पुराने आदिवासी संघर्षों से करते हुए एक टिप्पणी की, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया। बयान में उन्होंने कहा था कि कुछ लोग “बिना सामान्य समझ के 500 साल पहले की तरह लड़ाई कर रहे हैं,” जिसे आदिवासी समुदायों से जोड़कर देखा गया।

इस टिप्पणी के बाद आदिवासी संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे अनुसूचित जनजाति समुदाय का अपमान बताया। इसके बाद संयुक्त आदिवासी संगठनों की कार्य समिति के राज्य अध्यक्ष नेनावथ अशोक कुमार नाइक, जिन्हें अशोक राठौड़ के नाम से भी जाना जाता है, ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि यह बयान आदिवासी समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाला और आपत्तिजनक था।

पुलिस के अनुसार, यह बयान अप्रैल में दिया गया था, लेकिन शिकायत के आधार पर 17 जून को अभिनेता के खिलाफ SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। मामला हैदराबाद के रायदुर्गम पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ और जांच शुरू कर दी गई।

विवाद बढ़ने के बाद विजय देवरकोंडा ने सोशल मीडिया पर स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी का किसी भी समुदाय को आहत करने का उद्देश्य नहीं था और यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वे खेद व्यक्त करते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे अनुसूचित जनजाति समुदाय का गहरा सम्मान करते हैं और उन्हें देश का अभिन्न हिस्सा मानते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी बातों को गलत तरीके से समझा गया।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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