कौन हैं Vicky Kaushal? हर किरदार में जान डालने वाला नया सुपरस्टार
इंजीनियरिंग छोड़ अभिनय की दुनिया में कदम रखने वाले विक्की कौशल ने 'छावा' जैसी फिल्मों के जरिए बॉलीवुड में अपनी एक अलग और मजबूत पहचान स्थापित की है।

बॉलीवुड अभिनेता विक्की कौशल जिन्होंने मसान, उरी और छावा जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से दर्शकों के बीच एक विशेष पहचान बनाई है।
आजकल हर तरफ जिस एक नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है, वो है विक्की कौशल। कभी देशभक्ति की आग से भरा जवान, तो कभी इतिहास के पन्नों से निकला जांबाज योद्धा, और कभी दिल को छू लेने वाला आम इंसान—विक्की का हर अवतार सोशल मीडिया से लेकर बॉक्स ऑफिस तक छाया हुआ है। खासकर उनकी फिल्म ‘छावा’ ने उन्हें नए दौर का ए-लिस्ट स्टार बना दिया है, जहां उनका किरदार और परफॉर्मेंस दोनों ही लोगों के दिल में उतर गए हैं।
मुंबई की एक साधारण चॉल से निकले इस लड़के का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। 16 मई 1988 को जन्मे विक्की के पिता श्याम कौशल फिल्म इंडस्ट्री में एक्शन डायरेक्टर थे, लेकिन उन्होंने बेटे के लिए एक स्थिर करियर चाहा। इसी वजह से विक्की ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की, लेकिन दिल कहीं और था। एक आईटी कंपनी के विजिट के दौरान उन्हें एहसास हुआ कि ऑफिस जॉब उनके लिए नहीं है, और यहीं से शुरू हुआ उनका असली स्ट्रगल—ऑडिशन, थिएटर और छोटे-छोटे रोल्स का लंबा सफर।
फिल्मी दुनिया में उनकी एंट्री आसान नहीं थी। अनुराग कश्यप के साथ ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ में असिस्टेंट डायरेक्टर बनकर उन्होंने शुरुआत की और फिर ‘मसान’ जैसी फिल्म से लीड रोल में आए। इस फिल्म ने ना सिर्फ इंटरनेशनल फेस्टिवल्स में नाम कमाया, बल्कि विक्की को एक दमदार एक्टर के रूप में पहचान दिलाई। इसके बाद ‘रमन राघव 2.0’, ‘राज़ी’ और ‘संजू’ जैसी फिल्मों में उनके काम ने साबित कर दिया कि वो हर तरह के किरदार में फिट बैठते हैं। ‘संजू’ के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला और यहीं से उनकी स्टारडम की रफ्तार तेज हो गई।
लेकिन असली गेम चेंजर बनी ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’, जहां एक आर्मी ऑफिसर के रोल में उन्होंने ऐसा जोश और जुनून दिखाया कि देशभर में उनका डायलॉग गूंज उठा। इस फिल्म के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिला और वो रातोंरात बड़े स्टार बन गए। इसके बाद ‘सरदार उधम’ में उनकी गहराई भरी एक्टिंग ने क्रिटिक्स को भी हैरान कर दिया, जबकि ‘जरा हटके जरा बचके’, ‘सैम बहादुर’ और ‘डंकी’ जैसी फिल्मों ने उन्हें कमर्शियल और कंटेंट दोनों में मजबूत बना दिया।
2025 में आई ‘छावा’ ने तो जैसे उनकी किस्मत ही बदल दी। छत्रपति संभाजी के किरदार के लिए उन्होंने जबरदस्त फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन किया, मराठी सीखी और तलवारबाजी में महारत हासिल की। यही डेडिकेशन उन्हें बाकी एक्टर्स से अलग बनाता है। उनकी यही ‘कैमिलियन’ जैसी क्वालिटी—हर किरदार में खुद को पूरी तरह ढाल लेना—उन्हें इस पीढ़ी के सबसे भरोसेमंद और टैलेंटेड एक्टर्स में शामिल करती है।
पर्सनल लाइफ में भी विक्की चर्चा में रहते हैं। अभिनेत्री कैटरीना कैफ के साथ उनकी शादी और 2025 में बेटे विहान का जन्म, दोनों ही बड़े न्यूज मोमेंट्स रहे। इसके साथ ही वो ब्रांड एंडोर्समेंट, अवॉर्ड शोज़ और सोशल कॉज में भी एक्टिव रहते हैं। कुल मिलाकर, विक्की कौशल आज सिर्फ एक एक्टर नहीं, बल्कि एक ऐसी कहानी हैं जो बताती है कि टैलेंट, मेहनत और जुनून मिल जाए तो कोई भी सपना सच हो सकता है।

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