MGR पर टिप्पणी कर बुरी तरह फंसे दिग्गज अभिनेता ; आखिर राजेंद्र प्रसाद ने ऐसा क्या कह दिया कि मच गया कोहराम?
तेलुगु अभिनेता राजेंद्र प्रसाद की एमजीआर पर की गई टिप्पणी को लेकर दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग में विवाद खड़ा हो गया। हैदराबाद में आयोजित एक समारोह के दौरान दिए गए बयान पर कलाकारों और संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद राजेंद्र प्रसाद ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी।

अभिनेता राजेंद्र प्रसाद
तेलुगु फिल्म उद्योग के वरिष्ठ अभिनेता राजेंद्र प्रसाद की एक टिप्पणी ने दक्षिण भारतीय फिल्म जगत में अचानक विवाद खड़ा कर दिया है। दिग्गज अभिनेता और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री M. G. Ramachandran (एमजीआर) को लेकर की गई उनकी टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई, जिसके बाद कई कलाकारों और संगठनों ने इसे अपमानजनक बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब हैदराबाद में आयोजित कांता राव मेमोरियल नेशनल अवॉर्ड समारोह के मंच से राजेंद्र प्रसाद संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान वह महान तेलुगु अभिनेता Kantha Rao की अभिनय क्षमता और लोकप्रियता का उल्लेख कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने अतिशयोक्ति में कहा कि अगर एमजीआर भी कांता राव का अभिनय देखते तो “वे भी घबरा जाते।”
उनकी यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर सामने आते ही तेजी से फैल गई। कई लोगों ने इसे एमजीआर जैसे प्रतिष्ठित व्यक्तित्व के प्रति असम्मानजनक बताया। तमिलनाडु में एमजीआर सिर्फ एक लोकप्रिय अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक राजनीतिक शख्सियत भी रहे हैं। उन्होंने 1977 से 1987 तक तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया और आज भी उन्हें लाखों प्रशंसक बेहद सम्मान के साथ याद करते हैं।
विवाद बढ़ने के बाद तमिल फिल्म उद्योग से जुड़े कई कलाकारों और संगठनों ने इस बयान पर आपत्ति जताई। विशेष रूप से South Indian Artistes’ Association के सदस्यों ने इसे अनुचित बताते हुए सार्वजनिक माफी की मांग की। इस मुद्दे पर अभिनेता Vishal समेत कई अन्य कलाकारों ने भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि किसी भी महान कलाकार की तुलना करते समय शब्दों की मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए।
लगातार बढ़ती आलोचना के बीच राजेंद्र प्रसाद ने आखिरकार सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि उनके मन में एमजीआर के प्रति गहरा सम्मान है और वह उन्हें “तमिल सिनेमा का देवता” मानते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था, बल्कि कांता राव की महानता को अतिशयोक्ति के माध्यम से व्यक्त करना था।
अपने संदेश में उन्होंने कहा कि यदि उनकी बातों से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह दिल से क्षमा चाहते हैं। हालांकि माफी के बावजूद यह विवाद फिल्म उद्योग और प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
यह घटना एक बार फिर इस बात को रेखांकित करती है कि सार्वजनिक मंचों पर दिए गए बयान किस तरह तेजी से व्यापक बहस का कारण बन सकते हैं, खासकर तब जब वे किसी ऐसे ऐतिहासिक और सम्मानित व्यक्तित्व से जुड़े हों जिनकी विरासत आज भी लोगों की भावनाओं से गहराई से जुड़ी हुई है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
