कौन हैं Vadivelu? मीम्स से लेकर फिल्मों तक हर जगह छाया कॉमेडी का तूफान
मदुरै के कुमारवादिवेल नटराजन का 'वैगई पुयल' बनने का सफर, उनकी प्रसिद्ध फिल्में और सोशल मीडिया पर मीम कल्चर के जरिए मिली वैश्विक लोकप्रियता का विश्लेषण।

तमिल अभिनेता और कॉमेडियन वडिवेलु एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए। उन्होंने 'इमसाई अरासन 23वां पुलिकेसी' और 'मामन्नन' जैसी फिल्मों में अपने अभिनय की छाप छोड़ी है।
आज सोशल मीडिया पर अगर किसी एक चेहरे के एक्सप्रेशन सबसे ज्यादा वायरल होते हैं, तो वो हैं Vadivelu। तमिल सिनेमा के इस दिग्गज कॉमेडियन की एक लाइन या एक रिएक्शन पूरा इंटरनेट हिला देता है। “प्रे फॉर नेसामणि” जैसे मीम ट्रेंड ने उन्हें नई जनरेशन के बीच भी सुपरस्टार बना दिया। मजेदार बात ये है कि जिन लोगों ने उनकी फिल्में नहीं भी देखीं, वो भी उनके मीम्स और डायलॉग्स से अच्छी तरह वाकिफ हैं। यही वजह है कि आज वडिवेलु सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि इंटरनेट कल्चर का हिस्सा बन चुके हैं।
मदुरै के एक साधारण परिवार से आने वाले वडिवेलु का असली नाम कुमारवादिवेल नटराजन है। फिल्मों में आने से पहले वो अपने पिता के ग्लास कटिंग बिजनेस में हाथ बंटाते थे। खाली समय में लोकल स्टेज प्ले में कॉमिक किरदार निभाना उनका शौक था और वहीं से उनकी कॉमिक टाइमिंग निखरती चली गई। किस्मत ने तब करवट ली जब ट्रेन के सफर में उनकी मुलाकात अभिनेता-निर्माता राजकिरण से हुई। बातचीत के दौरान उनकी हाजिरजवाबी ने ऐसा असर छोड़ा कि उन्हें फिल्म “एन रासाविन मनासिले” में मौका मिल गया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
1988 में छोटे रोल से शुरुआत करने वाले वडिवेलु धीरे-धीरे तमिल सिनेमा की सबसे बड़ी कॉमिक ताकत बन गए। कमल हासन, रजनीकांत, विजयकांत, अजीत और विजय जैसे सुपरस्टार्स की फिल्मों में उनकी मौजूदगी दर्शकों के लिए अलग ही आकर्षण बन गई। “चंद्रमुखी”, “पोक्किरी”, “फ्रेंड्स”, “विनर”, “मरुधमलाई” और “थलै नगरम” जैसी फिल्मों में उनकी कॉमेडी ने थिएटरों में सीटियां बजवा दीं। उनका अंदाज बिल्कुल अलग था। खुद को बहुत बड़ा समझने वाला लेकिन हर बार पिट जाने वाला किरदार, स्लैपस्टिक कॉमेडी और देसी बॉडी लैंग्वेज ने उन्हें आम लोगों का फेवरेट बना दिया। उनकी कॉमिक टाइमिंग इतनी दमदार थी कि कई बार लोग हीरो से ज्यादा उन्हें याद रखते थे।
वडिवेलु ने सिर्फ कॉमेडी तक खुद को सीमित नहीं रखा। “इमसाई अरासन 23वां पुलिकेसी” में लीड रोल निभाकर उन्होंने साबित कर दिया कि वो अकेले भी फिल्म को सुपरहिट बना सकते हैं। डबल रोल वाली इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया और आलोचकों से भी जबरदस्त तारीफ पाई। इसी दौरान उन्हें “वैगई पुयल” यानी वैगई नदी का तूफान कहा जाने लगा। उन्होंने दो फिल्मफेयर साउथ अवॉर्ड और छह तमिलनाडु स्टेट फिल्म अवॉर्ड अपने नाम किए। उनकी फिल्मों के गाने और पंचलाइन आज भी लोगों की जुबान पर हैं।
हालांकि उनका सफर हमेशा आसान नहीं रहा। राजनीतिक विवाद, फिल्म इंडस्ट्री में बैन और लगातार फ्लॉप फिल्मों ने उनके करियर को झटका दिया। एक समय ऐसा भी आया जब लगा कि वडिवेलु का दौर खत्म हो चुका है। लेकिन इंटरनेट ने उन्हें दोबारा जिंदा कर दिया। उनके पुराने एक्सप्रेशन और डायलॉग्स मीम्स की दुनिया में इतना वायरल हुए कि नई पीढ़ी ने भी उन्हें हाथोंहाथ अपनाया। “प्रे फॉर नेसामणि” ट्रेंड ने तो उन्हें पूरे भारत में चर्चा का विषय बना दिया। इसके बाद “मामन्नन” जैसी फिल्मों से उन्होंने शानदार वापसी की और अपने गंभीर अभिनय से भी लोगों को चौंका दिया।
आज वडिवेलु सिर्फ एक कॉमेडियन नहीं, बल्कि तमिल पॉप कल्चर की पहचान बन चुके हैं। उनकी कॉमेडी में आम आदमी का दर्द, बेबसी और मजाकिया अंदाज एक साथ दिखता है। यही वजह है कि चाहे सिनेमा हो या सोशल मीडिया, वडिवेलु का जादू हर दौर में कायम रहा है। अब “गैंगर्स”, “मारीसन” और “बैंग बैंग” जैसी नई फिल्मों के साथ वो फिर से बड़े पर्दे पर धमाका करने को तैयार हैं और फैंस एक बार फिर उनके पुराने अंदाज का इंतजार कर रहे हैं।

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