कल तक जो 'जमील जमाली' बनने पर इतरा रहे थे, आज क्यों उसी किरदार से तौबा कर रहे हैं नबील गबोल?
आदित्य धर की 'धुरंधर 2' ने बॉक्स ऑफिस पर रचा इतिहास, लेकिन फिल्म में 'जमील जमाली' के किरदार को लेकर पाकिस्तानी नेता नबील गबोल ने खड़ा किया बड़ा विवाद। हमजा की जासूसी और गबोल के दावों के बीच फिल्म की कहानी ने पकड़ी सनसनीखेज रफ्तार। जानिए क्यों नाराज हैं पाकिस्तानी नेता और क्या है हमजा का असली सच।

फिल्म निर्देशक आदित्य धर के कुशल निर्देशन में बनी फिल्म 'धुरंधर 2' इस समय भारतीय सिनेमा जगत में सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। रिलीज के साथ ही इस फिल्म ने न केवल बॉक्स ऑफिस के पुराने कीर्तिमानों को ध्वस्त कर दिया है, बल्कि अपनी गहन पटकथा से दर्शकों के मानस पटल पर एक अमिट छाप छोड़ने में भी सफलता प्राप्त की है। यह फिल्म मुख्य रूप से जासूसी थ्रिलर फिल्म है। जो 'हमजा' नामक पात्र के पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादीयों को मिटाने की जटिल परतों को उजागर करती है, जिसका वास्तविक नाम जसकिरत सिंह रंगी है। फिल्म की कहानी के अनुसार, जसकिरत एक विशेष मिशन के तहत अपनी पहचान बदलकर हमजा के रूप में पाकिस्तान की सीमा में प्रवेश करता है।
हालांकि, फिल्म की अभूतपूर्व सफलता के बाद पाकिस्तान के कई शख्सियत सामने आई। उनमें से 'जमील जमाली' का पात्र भी अधिक चर्चा का विषय बना हुआ है। वरिष्ठ अभिनेता राकेश बेदी द्वारा निभाए गए इस किरदार ने अपनी सटीक कॉमिक टाइमिंग से जहां एक ओर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया, वहीं दुसरे पार्ट के अंत में आए एक अप्रत्याशित 'जासूसी ट्विस्ट' ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। इस सिनेमाई मोड़ ने पाकिस्तानी राजनीतिज्ञ नबील गबोल को एक अत्यंत असहज और विचित्र स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया है।
क्योंकि फिल्म के पहले पार्ट 'धुरंधर' की रिलीज के बाद नबील गबोल निरंतर विभिन्न सार्वजनिक मंचों और साक्षात्कारों में यह दावा करते आ रहे थे कि जमील जमाली का किरदार उनके वास्तविक जीवन से प्रेरित है। उस समय गबोल ने फिल्म में अपने चित्रण पर कड़ा असंतोष व्यक्त करते हुए तर्क दिया था कि उन्हें महज एक हास्यास्पद व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जबकि वास्तविकता में उनका व्यक्तित्व अत्यंत प्रभावशाली और दबदबा रखने वाला है। उन्होंने फिल्म में 'जमील जमाली' के परिवार के गलत चित्रण पर भी आपत्ति जताई थी। उस दौरान वे इस किरदार के साथ स्वयं को जोड़कर एक विशिष्ट राजनीतिक रसूख प्रदर्शित करने का प्रयास कर रहे थे।
किंतु, फिल्म के दूसरे भाग 'धुरंधर: द रिवेंज' ने कहानी का रुख पूर्णतः पलट दिया है। इस भाग में जमील जमाली के किरदार को एक 'भारतीय गुप्तचर' (Indian Spy) के रूप में प्रदर्शित किया गया है, जो अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद को जहर देने जैसे साहसी कारनामे को अंजाम देता है। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद भारतीय सोशल मीडिया पर नबील गबोल का उपहास किया जा रहा है। नेटिजन्स द्वारा व्यंग्यात्मक रूप से गबोल को 'RAW एजेंट' घोषित कर दिया गया है। ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स कटाक्ष करते हुए पूछ रहे हैं कि क्या गबोल अब भी इस किरदार का श्रेय लेना चाहेंगे? उनके पुराने वीडियो वायरल हो रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम और विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए अभिनेता राकेश बेदी ने चुटकी लेते हुए कहा कि अब द्वितीय भाग देखने के बाद संभवतः नबील गबोल स्वयं ही यह स्वीकार करेंगे कि इस किरदार का उनसे कोई संबंध नहीं है। यह संपूर्ण प्रकरण इस तथ्य को रेखांकित करता है कि किस प्रकार एक सिनेमाई पात्र की लोकप्रियता और पटकथा के अप्रत्याशित मोड़ ने अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार एक राजनीतिक विवाद और मनोरंजन का अनूठा मिश्रण उत्पन्न कर दिया है।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
