Taarak Mehta Gujarati writer birth anniversary : भारतीय टीवी इंडस्ट्री में हास्य और व्यंग्य की एक नई पहचान बनाने वाले शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ की जड़ें गुजराती लेखक तारक मेहता के जीवन और उनके प्रसिद्ध कॉलम ‘दुनिया ने ऊंधा चश्मा’ में हैं। इस शो ने पिछले 17 वर्षों से दर्शकों का मनोरंजन किया है और इसे आज तक के सबसे बड़े और लंबे समय तक चलने वाले टीवी शोज में गिना जाता है।

तारक मेहता का जन्म 26 दिसंबर 1929 को अहमदाबाद में हुआ था। कम उम्र से ही साहित्य में रुचि रखने वाले मेहता ने 21 साल की उम्र से कॉलम लेखन शुरू किया। उन्होंने चित्रलेखा मैगजीन में सप्ताह में एक बार ‘दुनिया ने ऊंधा चश्मा’ नामक कॉलम लिखा, जिसमें चॉल में रहने वाले आम लोगों की जिंदगी और उनके सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों को हास्यपूर्ण और व्यंग्यात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया गया। यह कॉलम बेहद लोकप्रिय हुआ और बाद में इसे किताब के रूप में प्रकाशित किया गया।

साल 2008 में इसी किताब पर आधारित टीवी प्रोड्यूसर असित मोदी ने ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ का निर्माण किया। शो ने चॉल की जगह एक सोसाइटी में रहने वाले विभिन्न धर्म और प्रदेश के लोगों की कहानी दिखाई, जिन्हें मिनी इंडिया के रूप में दर्शाया गया। शो के मुख्य किरदार जैसे जेठालाल, आत्माराम भिड़े, डॉ. हाथी, बबीता जी, माधवी भाभी और साइंटिस्ट कृष्णन अय्यर दर्शकों में बेहद लोकप्रिय हुए।

तारक मेहता की रचनात्मकता और असित मोदी की प्रस्तुति ने मिलकर इस शो को न केवल मनोरंजन का एक आदर्श मॉडल बनाया बल्कि भारतीय टीवी इंडस्ट्री में हास्य और व्यंग्य का स्थायी योगदान भी दिया। शो आज भी अपने संदेश, हास्य और सामाजिक चेतना के लिए दर्शकों का प्रिय बना हुआ है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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