अनुपम खेर की वो अनसुनी दास्तान, जिसने उन्हें बनाया 'एक्टर ऑफ द डिकेड' ; 71वें जन्मदिन पर जानें उनकी पूरी कहानी
भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अनूपम खेर 7 मार्च 2026 को अपना 71वां जन्मदिन मना रहे हैं। 540 से अधिक फिल्मों में अभिनय कर चुके खेर ने चार दशकों से अधिक लंबे करियर में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, फिल्मफेयर अवॉर्ड और पद्म सम्मान हासिल किए हैं।

अनुपम खेर
भारतीय सिनेमा में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जिनकी मौजूदगी ही किसी फिल्म को विशेष बना देती है। ऐसे ही बहुमुखी और प्रभावशाली अभिनेता हैं अनुपम खेर, जो 7 मार्च 2026 को अपना 71वां जन्मदिन मना रहे हैं। चार दशक से भी अधिक लंबे करियर में 540 से अधिक फिल्मों में अभिनय कर चुके खेर ने अपने अद्भुत अभिनय, विविध किरदारों और सशक्त व्यक्तित्व से हिंदी सिनेमा में एक विशिष्ट पहचान बनाई है। दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और आठ फिल्मफेयर पुरस्कारों से सम्मानित खेर को भारतीय सिनेमा और कला के क्षेत्र में योगदान के लिए भारत सरकार ने 2004 में पद्म श्री और 2016 में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया। उनके अभिनय का सफर संघर्ष, प्रतिभा और निरंतर मेहनत की प्रेरणादायक कहानी है।
अभिनय की शुरुआत और ऐतिहासिक डेब्यू:
अनूपम खेर ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1984 में सारांश से की। महेश भट्ट द्वारा निर्देशित इस फिल्म में उन्होंने एक वृद्ध पिता का किरदार निभाया था। दिलचस्प बात यह है कि अपने करियर की पहली ही फिल्म में उन्होंने इतनी सशक्त भूमिका निभाई कि उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह फिल्म उनके करियर का निर्णायक मोड़ साबित हुई और उन्होंने जल्द ही हिंदी सिनेमा में अपनी मजबूत जगह बना ली। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में विविध भूमिकाएँ निभाईं और खलनायक से लेकर हास्य तथा चरित्र अभिनेता तक हर प्रकार के किरदारों में अपनी प्रतिभा साबित की।
नकारात्मक और चरित्र भूमिकाओं से मिली पहचान:
1980 के दशक के अंत में खेर ने कई फिल्मों में यादगार नकारात्मक किरदार निभाए। इनमें प्रमुख फिल्में थीं:
- कर्मा (1986)
- तेज़ाब (1988)
- चालबाज़ (1989)
इन फिल्मों में उनके अभिनय की व्यापक सराहना हुई।
फिल्म विजय के लिए उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता पुरस्कार मिला। इसके बाद 1989 में आई राम लखन ने उन्हें एक बेहतरीन कॉमिक अभिनेता के रूप में स्थापित किया और उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनय पुरस्कार मिला। इसी दौर में फिल्म डैडी में उनके अभिनय को अत्यधिक सराहा गया, जिसके लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार – स्पेशल ज्यूरी अवॉर्ड और फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवॉर्ड प्राप्त हुआ।
1990 के दशक में लगातार सफल फिल्में:
1990 के दशक में अनूपम खेर कई बड़ी और सफल फिल्मों का हिस्सा बने। उनके अभिनय को इन फिल्मों में विशेष रूप से सराहा गया:
दिल
सौदागर
लम्हे
हम आपके हैं कौन..!
चाहत
कॉमिक भूमिकाओं में भी उन्होंने कई यादगार प्रदर्शन दिए।
फिल्मों जैसे:
- दिल है की मानता नहीं
- शोला और शबनम
- कुछ कुछ होता है
- दुल्हन हम ले जाएंगे
ने उन्हें लोकप्रिय कॉमिक कलाकारों की श्रेणी में ला खड़ा किया। उन्होंने खेल, डर और दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे के लिए भी फिल्मफेयर पुरस्कार जीते।
हॉलीवुड तक पहुंचा अभिनय का सफर:
2002 में अनूपम खेर ने अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में भी अपनी पहचान बनाई। उनकी पहली हॉलीवुड फिल्म Bend It Like Beckham थी, जिसका निर्देशन Gurinder Chadha ने किया था।
यह फिल्म दुनिया भर में बड़ी व्यावसायिक सफलता साबित हुई और लगभग 76.6 मिलियन डॉलर की कमाई की।
इसके बाद उन्होंने:
- Bride and Prejudice
- The Mistress of Spices
जैसी फिल्मों में भी काम किया। इस दौरान उन्होंने हिंदी फिल्मों में भी लगातार प्रभावशाली भूमिकाएँ निभाईं।
शुरुआती जीवन और संघर्ष:
अनूपम खेर का जन्म 7 मार्च 1955 को हिमाचल प्रदेश के शिमला में एक कश्मीरी पंडित परिवार में हुआ था। उनके पिता पुष्कर नाथ खेर हिमाचल प्रदेश के वन विभाग में क्लर्क थे और उनकी माता दुलारी खेर गृहिणी थीं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शिमला के डी.ए.वी. स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के गवर्नमेंट कॉलेज, संजौली में अर्थशास्त्र की पढ़ाई शुरू की, लेकिन बाद में उन्होंने अभिनय को अपना करियर बनाने का निर्णय लिया और थिएटर की पढ़ाई के लिए चंडीगढ़ के पंजाब विश्वविद्यालय चले गए।
1978 में उन्होंने नई दिल्ली के प्रतिष्ठित National School of Drama से स्नातक किया। संघर्ष के दिनों में मुंबई में अभिनेता बनने का सपना लेकर पहुंचे खेर ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया। बताया जाता है कि शुरुआती दौर में उन्हें एक महीने तक रेलवे प्लेटफॉर्म पर सोना पड़ा।
निजी जीवन:
अनूपम खेर का पहला विवाह 1979 में अभिनेत्री माधुमति कपूर से हुआ था, लेकिन कुछ वर्षों बाद दोनों अलग हो गए। 1985 में उन्होंने अभिनेत्री और राजनीतिज्ञ किरण खेर से विवाह किया, जो चंडीगढ़ से सांसद हैं। उनके सौतेले बेटे सिकंदर खेर भी फिल्म अभिनेता हैं। 2010 में उन्हें Pratham Education Foundation का गुडविल एंबेसडर नियुक्त किया गया, जो भारत में बच्चों की शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करता है। वे भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थक भी माने जाते हैं।
भारतीय सिनेमा में एक प्रेरणादायक विरासत:
71 वर्ष की उम्र में भी अनूपम खेर अभिनय, निर्देशन और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से सक्रिय हैं। उनका करियर इस बात का उदाहरण है कि प्रतिभा, समर्पण और संघर्ष के बल पर कोई भी कलाकार लंबे समय तक दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बना सकता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
