मदुरै के रामलक्ष्मणन मुथुचामी कैसे जूनियर आर्टिस्ट और क्लीनर की नौकरी के बाद तमिल सिनेमा के वर्सेटाइल अभिनेता बने।

तमिल सिनेमा में इन दिनों जिस कलाकार की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह हैं Soori। कभी सिर्फ कॉमेडी के लिए पहचाने जाने वाले सूरी आज दमदार एक्टिंग और इमोशनल किरदारों की वजह से हर तरफ छाए हुए हैं। सोशल मीडिया पर उनके पुराने कॉमिक क्लिप्स से लेकर हाल की सीरियस फिल्मों तक हर चीज वायरल हो रही है। खास बात यह है कि जिस कलाकार को लोग सालों तक सिर्फ हंसाने वाला स्टार समझते रहे, उसी ने ‘विदुथलाई पार्ट 1’ जैसी फिल्म से सबको चौंका दिया और साबित कर दिया कि वह सिर्फ कॉमेडियन नहीं, बल्कि एक शानदार अभिनेता भी हैं।

मदुरै में जन्मे रामलक्ष्मणन मुथुचामी थेवर का फिल्मी सफर बिल्कुल आसान नहीं था। साल 1996 में वह बड़े सपने लेकर चेन्नई पहुंचे थे, लेकिन शुरुआत में उन्हें कोई काम नहीं मिला। हालत ऐसी थी कि एक्टिंग का सपना जिंदा रखने के लिए उन्हें क्लीनर तक की नौकरी करनी पड़ी। छोटे-छोटे अनक्रेडिटेड रोल करते हुए उन्होंने फिल्मों में जगह बनानी शुरू की। ‘विनर’, ‘दीपावली’ और कई फिल्मों में वह भीड़ का हिस्सा बने दिखाई दिए, लेकिन उनकी किस्मत बदली 2009 में आई ‘वेन्निला कबड्डी कुझु’ से। इस फिल्म में उनका ‘परोट्टा खाने वाला सीन’ इतना वायरल हुआ कि लोग उन्हें ‘परोट्टा सूरी’ कहने लगे।

इसके बाद सूरी तमिल सिनेमा के सबसे भरोसेमंद कॉमेडी स्टार बन गए। ‘पोराली’, ‘सुंदरपांडियन’, ‘वरुथापडाथा वलिबार संगम’, ‘जिल्ला’, ‘रजनी मुरुगन’ और ‘वेलाइनु वंधुट्टा वेल्लाकारन’ जैसी फिल्मों में उनकी कॉमिक टाइमिंग ने दर्शकों को दीवाना बना दिया। उनकी खासियत यह रही कि वह ओवरएक्टिंग के बिना देसी अंदाज में कॉमेडी करते हैं। गांव की बोली, आम आदमी वाला हावभाव और चेहरे के एक्सप्रेशन ने उन्हें अलग पहचान दी। यही वजह रही कि उन्होंने कई बार बेस्ट कॉमेडियन के अवॉर्ड भी अपने नाम किए और तमिल इंडस्ट्री के बड़े स्टार्स के साथ लगातार काम करते रहे।

हालांकि करियर में मुश्किल दौर भी आया। 2018 में रिलीज हुई ‘सीमा राजा’ और ‘सामी स्क्वायर’ में उनकी कॉमेडी को काफी ट्रोल किया गया। लोगों ने कहा कि उनका स्टाइल रिपीट हो रहा है। लेकिन सूरी ने हार नहीं मानी। उन्होंने खुद को बदला और फिर आया वह मोड़ जिसने उनकी पूरी इमेज बदल दी। निर्देशक Vetrimaaran की फिल्म ‘विदुथलाई पार्ट 1’ में उन्होंने लीड रोल निभाया। पुलिस कॉन्स्टेबल कुमारेशन के किरदार में सूरी ने ऐसी एक्टिंग की कि क्रिटिक्स और दर्शक दोनों दंग रह गए। इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड भी मिला और पहली बार लोग उन्हें सिर्फ कॉमेडियन नहीं, बल्कि सीरियस परफॉर्मर के रूप में देखने लगे।

साल 2024 सूरी के करियर का सबसे मजबूत फेज माना जा रहा है। ‘गरुडन’, ‘कोट्टुक्काली’ और ‘येझु कदल येझु मलई’ जैसी फिल्मों ने उन्हें ग्लोबल पहचान दिलाई। खासकर ‘कोट्टुक्काली’ और ‘येझु कदल येझु मलई’ जैसी फिल्मों का इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स में स्क्रीन होना इस बात का सबूत है कि सूरी अब सिर्फ मास एंटरटेनर नहीं, बल्कि कंटेंट ड्रिवन सिनेमा का बड़ा चेहरा बन चुके हैं। उनकी कहानी उन कलाकारों के लिए प्रेरणा है जो छोटे रोल से शुरुआत करते हैं और सालों की मेहनत के बाद स्टार बनते हैं।

आज सूरी की लोकप्रियता सिर्फ तमिल दर्शकों तक सीमित नहीं है। उनके मीम्स, कॉमिक वीडियो और इमोशनल सीन्स पूरे भारत में वायरल होते रहते हैं। एक समय था जब लोग उन्हें सिर्फ हंसी का पैकेज समझते थे, लेकिन अब वही कलाकार तमिल सिनेमा के सबसे वर्सेटाइल एक्टर्स में गिना जा रहा है। संघर्ष से स्टारडम तक पहुंचने वाला सूरी का सफर यही बताता है कि अगर मेहनत और धैर्य साथ हो, तो एक जूनियर आर्टिस्ट भी इंडस्ट्री का बड़ा नाम बन सकता है।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story