‘गांधारी’ पर कनिका ढिल्लों बोलीं- एक महिला की जीत से खुलते हैं कई नए दरवाजे
कनिका ढिल्लों ने महिला एकजुटता पर जोर देते हुए ‘गांधारी’ और तापसी पन्नू के साथ अपनी छठी रचनात्मक साझेदारी पर बात की।

तस्वीर में बाएं से दाएं लेखिका-निर्माता कनिका ढिल्लों, अभिनेत्री तापसी पन्नू और निर्माता गुनीत मोंगा कपूर एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर नजर आ रही हैं।
भारतीय सिनेमा में महिला नेतृत्व, महिला-केंद्रित कहानियों और रचनात्मक सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में कथा पिक्चर्स और डब्ल्यूआईएफ इंडिया ने “वीमेन बिल्डिंग सिनेमा टुगेदर” नाम से एक खास पैनल चर्चा आयोजित की। कार्यक्रम का उद्देश्य फिल्म उद्योग में महिलाओं के बीच सहयोग, नेतृत्व और भविष्य के लिए नए अवसरों को बढ़ावा देना था।
पैनल में अभिनेत्री तापसी पन्नू, लेखिका-निर्माता कनिका ढिल्लों और ऑस्कर विजेता निर्माता गुनीत मोंगा कपूर शामिल हुईं। चर्चा के दौरान महिला नेतृत्व, महिला-प्रधान प्रोडक्शन हाउस और फिल्म उद्योग में महिलाओं के लिए मजबूत और टिकाऊ रचनात्मक नेटवर्क तैयार करने जैसे मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई।
कनिका ढिल्लों ने महिला रचनाकारों के बीच एकजुटता की जरूरत पर जोर देते हुए कहा, “जब लोग मुझसे पूछते हैं कि इतनी जटिल, मजबूत और दुर्लभ महिला कहां से आती है, तो मैं कहती हूं कि वह मेरे आसपास ही हैं। एक सामान्य महिला सिर्फ एक आयाम वाली नहीं होती, वह किसी संकट में फंसी युवती नहीं है और न ही उसे किसी मदद की जरूरत है। हम बहुत सक्षम हैं। इस उद्योग में एक महिला पेशेवर के तौर पर आपको दूसरी महिलाओं के प्रति ज्यादा दयालु होना पड़ता है। बहुत से लोग उन्हें नीचे खींचना चाहते हैं, इसलिए आपको उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए।”
महिलाओं की सफलता के व्यापक प्रभाव पर कनिका ने कहा, “हममें से किसी एक की जीत का महत्व जितना आप सोच सकते हैं, उससे कहीं ज्यादा बड़ा है। जब गुनीत जीतती हैं, तो हममें से कई लोगों के लिए दरवाजे खुलते हैं। जब तापसी की फिल्म अच्छा कर रही होती है और वह ‘गांधारी’ जैसी फिल्म बना रही हैं, तो दरवाजे खुल रहे हैं। क्योंकि हम एक-दूसरे के कंधों पर चढ़कर आगे बढ़ रहे हैं।”
उन्होंने महिला एकजुटता पर आगे कहा, “जब आप किसी को किसी महिला को नीचा दिखाते हुए सुनते हैं, तो आपको उसके लिए खड़ा होना चाहिए। यह इस बारे में नहीं है कि कौन सही है और कौन गलत। हमें एक-दूसरे का साथ देते रहना होगा, क्योंकि अवसर बहुत ज्यादा नहीं हैं। पूरा सिस्टम आपके खिलाफ है। हम एक सदी से पितृसत्ता के खिलाफ लड़ रहे हैं, तो उसके सामने यह सिस्टम क्या है?”
इस कार्यक्रम में संजना सांघी, प्रज्ञा जायसवाल, हरलीन सेठी, निर्देशक आशिमा और प्रियंका घोष समेत कई जाने-माने कलाकार और रचनात्मक पेशेवर भी शामिल हुए। पैनल चर्चा के बाद एक संवादात्मक नेटवर्किंग सत्र आयोजित किया गया।
कनिका ढिल्लों पिछले कुछ वर्षों से अपनी कहानियों के जरिए महिला किरदारों को नई पहचान देने के लिए जानी जाती हैं। ‘मनमर्जियां’, ‘केदारनाथ’, ‘जजमेंटल है क्या’, ‘हसीन दिलरुबा’, ‘रश्मि रॉकेट’, ‘रक्षा बंधन’, ‘डंकी’, ‘फिर आई हसीन दिलरुबा’ और ‘दो पत्ती’ जैसे प्रोजेक्ट्स में उन्होंने अलग-अलग तरह के मजबूत और परतदार किरदारों तथा कहानियों को सामने रखा है।
निर्माता के तौर पर भी कनिका ने कथा पिक्चर्स के जरिए अपनी रचनात्मक दृष्टि को आगे बढ़ाया है। ‘फिर आई हसीन दिलरुबा’ के बाद ‘दो पत्ती’ ने निर्माता के तौर पर उनकी पहचान को और मजबूत किया। अब उनकी अगली फिल्म ‘गांधारी’ महिला-केंद्रित कहानी को एक्शन के नए क्षेत्र में लेकर जा रही है।
कनिका ढिल्लों और तापसी पन्नू की चर्चित रचनात्मक साझेदारी भी चर्चा का अहम हिस्सा रही। दोनों ‘मनमर्जियां’, ‘हसीन दिलरुबा’, ‘रश्मि रॉकेट’, ‘डंकी’ और ‘फिर आई हसीन दिलरुबा’ के बाद अब ‘गांधारी’ में छठी बार साथ काम कर रही हैं।
देवाशीष मखीजा के निर्देशन में बनी ‘गांधारी’ में कनिका ढिल्लों लेखिका और निर्माता की भूमिका में हैं, जबकि तापसी पन्नू मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। इश्वाक सिंह भी फिल्म का हिस्सा हैं। यह हाई-ऑक्टेन भावनात्मक एक्शन ड्रामा एक ऐसी मां की कहानी है, जो अपने बच्चे की रक्षा के लिए हर हद पार करने को तैयार है।
‘गांधारी’ का वैश्विक प्रीमियर 3 सितंबर 2026 को नेटफ्लिक्स पर होगा। फिल्म के जरिए कनिका ढिल्लों और तापसी पन्नू की रचनात्मक साझेदारी एक बार फिर महिला-केंद्रित कहानी को केंद्र में ला रही है।

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