जंतर-मंतर से स्वरा भास्कर का PM मोदी पर तीखा हमला, बोलीं- 'काश! इंसानियत भी पढ़ाई का हिस्सा होती|
नीट विवाद पर जंतर-मंतर में सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल जारी, स्वरा भास्कर ने आंदोलन में शामिल होकर सरकार पर उठाए सवाल।

जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक से मुलाकात करतीं अभिनेत्री स्वरा भास्कर|
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के नेतृत्व में 'कॉकरोच जनता पार्टी' का अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन जारी है। नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर यह आंदोलन पिछले 17 दिनों से सक्रिय है। मंगलवार को संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोनम वांगचुक की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उनके शरीर की मांसपेशियां कमजोर हो रही हैं और उन्हें शारीरिक पीड़ा का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी भूख हड़ताल को समाप्त करने की मांग जोर पकड़ रही है।
इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए फिल्म अभिनेत्री स्वरा भास्कर मंगलवार को जंतर-मंतर पहुंचीं। वहां उन्होंने सोनम वांगचुक और अभिजीत दिपके से मुलाकात की और विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर अपना भाषण दिया। सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों और वीडियो में स्वरा भास्कर को प्रदर्शन स्थल पर देखा गया, जहां उन्होंने सोनम वांगचुक के इस संघर्ष को बच्चों के भविष्य की लड़ाई करार दिया। स्वरा ने मंच से देश के नेतृत्व पर भी टिप्पणी की और शिक्षा व्यवस्था व संवेदनशीलता के विषयों को उठाते हुए सरकार को घेरा।
सोनम वांगचुक की इस भूख हड़ताल के प्रति फिल्म जगत और अन्य सामाजिक वर्गों से भी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। इससे पूर्व लेखिका अरुंधति रॉय, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, अभिनेत्री रत्ना पाठक शाह और फिल्म निर्माता संजय काक ने एक संयुक्त अपील जारी कर सोनम वांगचुक से भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया था। उन्होंने इस संघर्ष को एक लंबी मैराथन बताया और कहा कि आने वाले समय में उनके नेतृत्व की आवश्यकता बनी रहेगी। इसी क्रम में, फिल्म '3 इडियट्स' के अभिनेता ओमी वैद्य ने भी वीडियो संदेश के माध्यम से वांगचुक की सेहत के प्रति चिंता जताते हुए उनकी सुरक्षा की अपील की है।
'कॉकरोच जनता पार्टी' ने आगामी 20 जुलाई को संसद तक मार्च निकालने की योजना की घोषणा की है। इस आंदोलन का मुख्य केंद्र नीट परीक्षा की शुचिता और उससे जुड़े शैक्षणिक मुद्दों पर जवाबदेही सुनिश्चित करना है। जंतर-मंतर पर जारी यह प्रदर्शन अब एक व्यापक सामाजिक और राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन गया है, जहां नागरिक समाज और कलाकार वर्ग की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। प्रशासन की ओर से अब तक इस मामले में किसी आधिकारिक समाधान की घोषणा नहीं की गई है, जिससे आंदोलनकारियों का संकल्प और उनकी मांगें अभी भी कायम हैं।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
