पद्मावत राइटर प्रकाश कपाड़िया ने स्वरा भास्कर के जौहर सीन पर दिए गए बयान का बचाव करते हुए कहा है कि यह उस दौर की ऐतिहासिक सच्चाई थी, जिसे बदला नहीं जा सकता। संजय लीला भंसाली की साल 2018 में रिलीज हुई फिल्म 'पद्मावत' के क्लाइमैक्स और जौहर के दृश्यों को लेकर हाल ही में दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने सवाल उठाए थे। उन्होंने फिल्म के दृश्यों को समस्याग्रस्त बताते हुए कहा था कि यह समाज को एक गलत संदेश देता है कि रेप सर्वाइवर के लिए मौत ही एकमात्र विकल्प है। स्वरा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें भारी आलोचना और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा, साथ ही करणी सेना की महिला मोर्चा द्वारा उन्हें धमकी भी दी गई।

इस पूरे विवाद के बीच फिल्म के को-राइटर प्रकाश कपाड़िया ने 'हिंदुस्तान टाइम्स' से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि फिल्म का निर्माण इतिहास की किताबों और गहन रिसर्च के आधार पर किया गया था। उन्होंने कहा कि उस समय हालात 'करो या मरो' वाले थे और जौहर उस काल की सच्चाई थी। कपाड़िया ने दर्शकों की नीयत पर सवाल उठाते हुए यह भी कहा कि फिल्म का प्रभाव व्यक्ति के मूड और उसकी देखने की मानसिकता पर निर्भर करता है। यदि कोई व्यक्ति किसी चीज में नकारात्मकता या विवाद ढूंढने के इरादे से फिल्म देखेगा, तो उसे हर चीज गलत ही लगेगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पद्मावत के रिलीज के समय भी लोगों ने बिना फिल्म देखे ही विरोध प्रदर्शन किया था और सालों बाद भी वही बातचीत जारी है।

आलोचनाओं के बढ़ने पर स्वरा भास्कर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी रानी पद्मावती या महल की अन्य महिलाओं को कायर नहीं कहा था। उनका आशय केवल यह था कि यदि वे खुद उस परिस्थिति में होतीं, तो जीवित बचने पर उन्हें कायरता महसूस होती। स्वरा के इस स्पष्टीकरण के बाद उनके पति फहाद अहमद भी उनके समर्थन में उतरे। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए चुनौती दी कि कोई यह साबित कर दे कि स्वरा ने रानी पद्मावती को कायर कहा है। उन्होंने कहा कि वे झूठ और नफरत की विचारधारा के खिलाफ कानूनी रूप से लड़ने के लिए तैयार हैं। यह पूरा मामला ऐतिहासिक दृश्यों की व्याख्या और व्यक्तिगत दृष्टिकोण को लेकर चल रही बहसों के बीच तूल पकड़ चुका है, जहां हर पक्ष अपनी बात पर कायम है।

Lalita Rajput

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इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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