बॉलीवुड की बहुचर्चित फिल्म धुरंधर एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। इस बार विवाद की वजह बनी हैं जानी-मानी सिनेमा अध्ययन विशेषज्ञ इरा भास्कर, जिन्होंने फिल्म की तीखी आलोचना करते हुए इसे “अत्यधिक हिंसक” और “विचारधारात्मक प्रचार” से प्रेरित बताया है। उनके इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है और फिल्म के राजनीतिक संदेश तथा उसकी प्रस्तुति को लेकर नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है।


फिल्म को लेकर इरा भास्कर की आलोचना:

एक ऑनलाइन चर्चा के दौरान इरा भास्कर ने फिल्म के कथानक और उसके राजनीतिक संदर्भों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि फिल्म में मुसलमानों और पाकिस्तान को जिस तरह से दिखाया गया है, वह एकतरफा और नकारात्मक छवि प्रस्तुत करता है। उनके अनुसार फिल्म में ऐसे पात्रों की कमी दिखाई देती है जो सामान्य मुस्लिम जीवन को दर्शाते हों। उन्होंने टिप्पणी की कि कहानी में अधिकांश मुस्लिम किरदारों को आतंकवादी या अपराधी के रूप में चित्रित किया गया है, जो एक विशेष विचारधारा को मजबूत करने का प्रयास प्रतीत होता है।

इरा भास्कर ने यह भी माना कि तकनीकी स्तर पर फिल्म को अच्छी तरह बनाया गया है, लेकिन उन्होंने यह सवाल उठाया कि क्या किसी फिल्म की तकनीकी गुणवत्ता को उसके वैचारिक संदेश से अलग करके देखा जा सकता है। उनका कहना था कि फिल्म की हिंसा और उसका प्रस्तुतीकरण किसी व्यापक राजनीतिक विचारधारा से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है।



कौन हैं इरा भास्कर:

इरा भास्कर भारतीय सिनेमा अध्ययन के क्षेत्र की एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद् मानी जाती हैं। वह नई दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स में सिनेमा अध्ययन की प्रोफेसर रह चुकी हैं। भारतीय सिनेमा के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संदर्भों पर उनके शोध और लेखन को अकादमिक जगत में महत्वपूर्ण माना जाता है।

इसके साथ ही वह बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर की माँ भी हैं। उनकी अकादमिक पृष्ठभूमि और सिनेमा पर गहरी समझ के कारण उनके बयान को फिल्म जगत और सार्वजनिक विमर्श में खास महत्व दिया जा रहा है।


फिल्म ‘धुरंधर’ और उसका संदर्भ:

फिल्म धुरंधर का निर्देशन फिल्म निर्माता आदित्य धर ने किया है। यह एक एक्शन-स्पाई थ्रिलर है जिसमें रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, संजय दत्त और आर. माधवन मुख्य भूमिकाओं में नजर आते हैं।

फिल्म की कहानी भारत से जुड़े कई वास्तविक घटनाक्रमों से प्रेरित बताई जाती है, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • IC-814 विमान अपहरण (1999)
  • 2001 का भारतीय संसद हमला
  • 2008 के मुंबई आतंकी हमले

दिसंबर 2025 में रिलीज़ हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर उल्लेखनीय सफलता हासिल की थी। हालांकि रिलीज़ के समय से ही इसकी राजनीतिक और वैचारिक प्रस्तुति को लेकर अलग-अलग मत सामने आते रहे हैं।



सोशल मीडिया पर भी उठे सवाल:

इरा भास्कर के बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस और तीखी हो गई है। कई लोगों ने उनके विचारों का समर्थन किया, वहीं कुछ आलोचकों ने उनके व्यक्तिगत जीवन को लेकर भी सवाल उठाए। कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने यह तर्क दिया कि इरा भास्कर के पति सी. उदय भास्कर एक सेवानिवृत्त नौसेना अधिकारी और सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञ रहे हैं, इसलिए उनके बयान को उस पृष्ठभूमि के संदर्भ में विरोधाभासी बताया जा रहा है। हालांकि इस विषय पर इरा भास्कर या उनके परिवार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


फिल्म को लेकर यह विवाद ऐसे समय में फिर से चर्चा में आया है जब इसका सीक्वल “धुरंधर: द रिवेंज” मार्च 2026 में रिलीज़ होने वाला है। आगामी फिल्म की घोषणा के साथ ही पहली फिल्म की कहानी, उसके पात्रों और वैचारिक प्रस्तुति पर फिर से बहस शुरू हो गई है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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