ऑस्कर 2026 में 'स्वदेश' का डंका: ईशा अंबानी की पहल ने हॉलीवुड सितारों को बनाया भारतीय शिल्प का मुरीद!
ऑस्कर 2026 के रेड कार्पेट पर ईशा अंबानी की पहल 'स्वदेश' ने मचाया तहलका। हॉलीवुड सितारों ने पहनी भारतीय कारीगरी, इकत बुनाई और सूरत के हीरों से सजे परिधान। जानें पूरी रिपोर्ट।

Isha Ambani's initiative makes Hollywood stars admire Indian crafts
ऑस्कर के मंच पर दिखा भारतीय हुनर का जलवा, ईशा अंबानी के 'स्वदेश' ने दुनियाभर के सितारों को बनाया अपना दीवाना
लॉस एंजिल्स/नई दिल्ली
दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म पुरस्कार 'ऑस्कर 2026' के मंच पर इस बार केवल सिनेमा का ही नहीं, बल्कि भारतीय पारंपरिक शिल्प और कला का भी जादू देखने को मिला। ईशा अंबानी की महत्वाकांक्षी पहल 'स्वदेश' ने ऑस्कर के रेड कार्पेट पर भारतीय कारीगरी का ऐसा डंका बजाया कि अंतरराष्ट्रीय सितारे और फैशन जगत के दिग्गज भारत की सांस्कृतिक विरासत के कायल हो गए। इकत बुनाई, सूरत की बेमिसाल डायमंड पॉलिशिंग और तेलंगाना की बारीक़ स्वर्णकारी से तैयार मास्टरपीस ने सदियों पुराने हुनर को एक नई वैश्विक पहचान दिलाई है।
ईशा अंबानी: भारतीय कला की नई वैश्विक एंबेसडर
ईशा अंबानी ने 'स्वदेश' के माध्यम से भारत के गुमनाम शिल्पकारों की कला को दुनिया के सबसे बड़े फैशन मंच तक पहुँचाया है। पूरे ऑस्कर वीकेंड के दौरान हॉलीवुड के दिग्गजों ने 'स्वदेश' के हाथ से बने गहने और परिधान पहनकर भारतीय डिजाइन की श्रेष्ठता को स्वीकार किया। एक ओर जहाँ दुनिया भारतीय कला को देख रही थी, वहीं ईशा अंबानी खुद 'वेलेंटिनो' के 2006-2007 कलेक्शन के एक बेहद खूबसूरत विंटेज गाउन में नजर आईं, जिसने वहां मौजूद अंतरराष्ट्रीय मीडिया और पैपराजी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
जेना रॉबर्ट्स रासी: 2000 घंटों की मेहनत का अद्भुत प्रदर्शन
ऑस्कर की इस चमक-धमक वाली शाम में जेना रॉबर्ट्स रासी ने 'स्वदेश' के सहयोग से अबू जानी और संदीप खोसला द्वारा डिजाइन किया गया एक विशेष जोड़ा पहना। उनका हाथ से कढ़ा हुआ क्रॉप टॉप, जिसमें उभरे हुए 'पावर शोल्डर्स' थे, चर्चा का विषय रहा। सिल्क ब्रोकेड के कपड़े पर हजारों कीमती मोतियों, पत्थरों और क्रिस्टल्स से सजा यह ब्लाउज 'इकत' तकनीक से प्रेरित था। इस एक पीस को तैयार करने में भारतीय कारीगरों ने लगभग 2000 घंटों की कड़ी मेहनत की है।
गहनों में झलकी परंपरा और आधुनिकता की जुगलबंदी
'स्वदेश' के गहनों ने रेड कार्पेट पर भारतीय जौहरियों के धैर्य और कला का लोहा मनवाया:
- प्रीतिका स्वरूप का 'जिप नेकलेस': एल्टन जॉन एड्स फाउंडेशन की पार्टी में प्रीतिका ने एक ऐसा नेकलेस पहना जो बारीक जिप की शक्ल में था। इसमें 6 कैरेट का जाम्बियन पन्ना लगा था। इसे बनाने में 160 घंटे लगे और यह रोजमर्रा की वस्तु को कला में बदलने का बेहतरीन उदाहरण बना।
- लॉ रोच का 'इरोस ब्रोच': मशहूर स्टाइलिस्ट लॉ रोच ने मुंबई की प्रतिष्ठित इरोस बिल्डिंग से प्रेरित एक ब्रोच पहना। सोने से बने इस ब्रोच के केंद्र में गहरा लाल रूबी जड़ा था, जिसे हीरों की तराशी हुई लकीरों के बीच सजाया गया था।
- ब्रांडी कार्लाइल और कैथरीन शेफर्ड: ब्रांडी ने तेलंगाना के कारीगरों द्वारा तैयार 'पेटल प्रिज्म ब्रोच' पहना, जिसे बनाने में 100 से ज्यादा घंटे लगे। वहीं, कैथरीन शेफर्ड ने हीरों का ऐसा लचीला नेकलेस पहना जो पक्षी के पंखों जैसा कोमल अनुभव देता था।
सूरत की डायमंड पॉलिशिंग का अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन
मिनी ड्राइवर ने वैनिटी फेयर ऑस्कर आफ्टर पार्टी में 'सेलेस्टियल टियर्स मल्टी रो सॉलिटेयर नेकलेस' पहनकर सबका मन मोह लिया। व्हाइट गोल्ड से तैयार इस नेकलेस को बनाने में लगभग 150 घंटे लगे। यह नेकलेस विशेष रूप से 'डायमंड सिटी' सूरत की उस असाधारण कटिंग और पॉलिशिंग कला को समर्पित था, जिसने पीढ़ियों से दुनिया भर में हीरों की चमक बिखेरी है। इसमें इस्तेमाल की गई 'ओपन सेटिंग तकनीक' ने हीरों की चमक को कई गुना बढ़ा दिया।
शिल्पकारों की जीत
ऑस्कर 2026 के इस मंच ने यह साबित कर दिया कि भारत की पुरानी परंपराएं और आज का लेटेस्ट फैशन एक साथ मिलकर विश्व स्तर पर अपनी छाप छोड़ सकते हैं। ईशा अंबानी की इस पहल ने न केवल भारत का सीना गर्व से चौड़ा किया है, बल्कि उन हजारों शिल्पकारों के हुनर को भी सम्मान दिलाया है जो पीढ़ियों से इस विरासत को सहेज रहे हैं।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
