सुकुमार नेशनल अवॉर्ड जीतने के बाद पत्नी संग पहुंचे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी
‘पुष्पा 2’ के लिए नेशनल अवॉर्ड जीतने के बाद सुकुमार पत्नी थबिथा संग स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचे और इस अनुभव को खास बताया।

तस्वीर में फिल्ममेकर सुकुमार काले रंग की शर्ट पहने हुए मुस्कुराते नजर आ रहे हैं।
‘पुष्पा 2: द रूल’ के लिए 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में बेस्ट स्क्रीनप्ले राइटर का अवॉर्ड जीतने के बाद फिल्ममेकर सुकुमार पत्नी थबिथा बंदरेड्डी के साथ स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचे। नेशनल अवॉर्ड की इस बड़ी उपलब्धि के बीच सुकुमार ने भारत की इस प्रमुख पहचान वाली जगह का दौरा किया और इसे एक अच्छा अनुभव बताया।
सुकुमार की ‘पुष्पा 2: द रूल’ भारत की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर्स में शामिल रही है। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल करने के साथ कई बड़े अवॉर्ड्स भी अपने नाम किए हैं। ‘पुष्पा’ के लिए अल्लू अर्जुन को नेशनल अवॉर्ड मिलने के बाद अब ‘पुष्पा 2’ के लिए सुकुमार का नेशनल अवॉर्ड जीतना फिल्ममेकर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
सुकुमार भारतीय सिनेमा के अनोखे फिल्ममेकर्स में गिने जाते हैं। उनकी पहचान खास तरह की कहानी कहने की शैली, दमदार स्क्रीनप्ले और आगे की सोच रखने वाले निर्देशन के लिए है। ‘पुष्पा’ फ्रैंचाइजी के जरिए उन्होंने दुनिया भर के दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है। ‘पुष्पा 2: द रूल’ ने कमाई के मामले में कई रिकॉर्ड कायम किए और अन्य फिल्मों के लिए भी हाई स्टैंडर्ड सेट किया।
फिल्म के लिए किए गए काम के लिए सुकुमार ने हाल ही में 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में बेस्ट स्क्रीनप्ले राइटर का अवॉर्ड अपने नाम किया। इस बड़ी जीत के बाद उन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का दौरा किया। यह भारत की सबसे मशहूर जगहों में से एक होने के साथ दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति भी है।
सुकुमार इस खूबसूरत लोकेशन पर अकेले नहीं पहुंचे, बल्कि उनकी पत्नी थबिथा बंदरेड्डी भी उनके साथ थीं। उन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की सराहना करते हुए गर्व जताया और इसे भारत का प्रतीक बताया। उन्होंने हर भारतीय से यहां आने की बात भी कही। सुकुमार ने इस यात्रा को एक अच्छा अनुभव बताया।
‘पुष्पा 2: द रूल’ ने रिलीज के साथ दुनियाभर में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई थी। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शन करते हुए सिर्फ हिंदी में 800 करोड़ रुपए और वर्ल्डवाइड लगभग 1800 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया। रिलीज के समय यह सबसे बड़ी ओपनिंग करने वाली फिल्म बनी और भारत की सबसे बड़ी फिल्मों में शामिल हुई। इस तरह फिल्म ने ऐसा रिकॉर्ड कायम किया, जिसे अब तक कोई दूसरी फिल्म पार नहीं कर पाई है।
इस उपलब्धि के साथ सुकुमार का नाम ऐसे फिल्ममेकर के तौर पर और मजबूत हुआ है, जिनकी फिल्मों में अलग तरह की कहानी कहने की शैली के साथ हाई लेवल पर कहानियां पेश करने की क्षमता दिखाई देती है। उनकी राइटिंग स्टाइल और निर्देशन के तरीके ने ‘पुष्पा’ फ्रैंचाइजी को अलग मुकाम दिलाया है। कई भाषाओं और क्षेत्रों में फिल्म देने के बाद उन्होंने दर्शकों के साथ अपना जुड़ाव बनाया है। इतनी बड़ी थिएट्रिकल फिल्म देने के बाद अब सुकुमार की अगली डायरेक्टोरियल को लेकर दर्शकों के बीच उत्साह बना हुआ है और वे बड़े पर्दे पर फिल्ममेकर की अगली पेशकश का इंतजार कर रहे हैं।

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