जन्माष्टमी के अवसर पर गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर और डॉ. साजन राज कुरुप ने ‘कृष्णावतारम’ ट्रिलॉजी को दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचाने का ऐलान किया। श्री श्री रविशंकर के वर्ल्ड फोरम फॉर आर्ट एंड कल्चर (WFAC) और डॉ. साजन राज कुरुप के क्रिएटिवलैंड स्टूडियोज ने इस दिशा में हाथ मिलाया है। इस सहयोग के साथ ‘क्रिष्णावतारम: पार्ट 1 – हृदयम’ और इसकी ट्रायोलॉजी एक बड़े ग्लोबल कल्चरल कोलैबोरेशन का हिस्सा बन गई है।

‘क्रिष्णावतारम: पार्ट 1 – हृदयम’ भगवान कृष्ण की जीवन लीला और उनके दिव्य सफर को सिनेमाई प्रस्तुति के जरिए सामने लाती है। गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के आशीर्वाद और प्यार ने इस फिल्म को सिर्फ सिनेमा तक सीमित न रखकर एक बड़े संसार से जोड़ दिया है, जिसमें सिनेमा, सीरीज़, म्यूज़िक, लाइव एक्सपीरियंसेज़, गेम्स, एजुकेशन और इमर्सिव कल्चरल एक्सपीरियंसेज़ शामिल हैं।


‘क्रिष्णावतारम: पार्ट 1 – हृदयम’ कृष्णावतारम ट्रायोलॉजी की पहली किस्त है और रिलीज़ के बाद इसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। इस भक्तिमय कहानी ने लाखों दिलों को छुआ। भारत भर में शानदार सफर के बाद अब फिल्म दुनियाभर के दर्शकों तक पहुंचने के लिए तैयार है।

फिल्म के इस सफर को आर्ट ऑफ लिविंग के फाउंडर गुरुदेव श्री श्री रविशंकर का दिव्य आशीर्वाद मिला है। फिल्म से प्रभावित होकर गुरुदेव प्रोड्यूसर डॉ. साजन राज कुरुप की क्रिएटिवलैंड के लिए एक गाइडिंग फोर्स के तौर पर आगे आए हैं। वह फिल्म की ग्लोबल प्रेजेंटेशन और ट्रायोलॉजी का समर्थन करते हुए इसके दिव्य संदेश को दुनियाभर के दर्शकों तक पहुंचाने में मदद करेंगे।

इस जन्माष्टमी पर वर्ल्ड फोरम फॉर आर्ट एंड कल्चर (WFAC) और राज कुरुप की क्रिएटिव लैंड्स ने गुरुदेव की मौजूदगी में इस एसोसिएशन को ऑफिशियल किया। इसके लिए गुरुदेव के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसके साथ वह आगे टीम का मार्गदर्शन करेंगे।

इस अहम सहयोग के जरिए ‘क्रिष्णावतारम’ को दुनियाभर के दर्शकों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा और यह सिनेमा, आर्ट और लेगेसी के ग्लोबल कल्चरल मूवमेंट में बदलने की दिशा में आगे बढ़ेगा। सहयोग की शुरुआत फिल्म के बड़े ग्लोबल थिएट्रिकल सफर से होगी, जो भारतीय प्रवासियों और दुनियाभर में मौजूद दर्शकों तक हिंदी, तमिल, तेलुगु और इंग्लिश में पहुंचेगी।

गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर ने फिल्म के प्रति अपना प्यार जताते हुए कहा, “कृष्ण का मतलब है - सबसे आकर्षक आत्मा। यह वही दिव्यता है जो सबसे ज्यादा आकर्षित करती है; वह ऊर्जा जो हर चीज को अपनी तरफ खींचती है। जब आपको यह एहसास होता है कि आपका जीवन और यह पूरा संसार बस एक लीला है, तब आपके भीतर कृष्ण का जन्म होता है।”

प्रोड्यूसर डॉ. साजन राज कुरुप ने कहा, “गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर के आशीर्वाद से, जिन्होंने अपनी कृपा से पूरी दुनिया को संभाला है और लाखों लोगों की जिंदगी बदली है, यह फिल्म गुरुदेव के चरणों में अपना सबसे सही स्थान पाती है। कृष्ण अवतारम के साथ, हमें भारतीय संस्कृति के हर हिस्से को दुनिया तक ले जाने और अपनी सांस्कृतिक मान्यताओं को सामने रखने में गर्व महसूस हो रहा है, जो हमारे अस्तित्व का एक सबसे अहम हिस्सा हैं। हमारा विजन कृष्ण अवतारम को एक ऐसा ग्लोबल कल्चरल मूवमेंट बनाना है जो सिनेमा, आर्ट और हमारी विरासत का जश्न मनाए।”

गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के “वन वर्ल्ड फैमिली” (वसुधैव कुटुंबकम) के विज़न से प्रेरित वर्ल्ड फोरम फॉर आर्ट एंड कल्चर (WFAC) एक ग्लोबल कल्चरल विंग है, जिसकी स्थापना सितंबर 2020 में आर्ट ऑफ लिविंग के तहत की गई थी। WFAC का मकसद दुनियाभर के आर्टिस्ट्स, परफॉर्मर्स और आर्ट एंथूज़ियास्ट्स को एक साथ लाना है।

इन सभी पहलों का उद्देश्य कृष्ण के अनोखे संसार में एक आधुनिक प्रवेश द्वार तैयार करना और उन दार्शनिक, कलात्मक और सांस्कृतिक परंपराओं से गहराई से जुड़े रहना है, जहां से यह यात्रा शुरू हुई है। ‘क्रिष्णावतारम: पार्ट 1 – हृदयम’ का ग्लोबल सफर इंडिया की इस एपिक कल्चरल कहानी को दुनिया तक ले जाने की दिशा में पहला कदम है। यह यात्रा फिल्म से आगे बढ़कर इस कहानी को एक कल्चरल मूवमेंट में बदलने की दिशा में एक शुरुआत है।

Pratahkal Bureau

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