नवरात्रि पर सोनी सब के कलाकारों ने बताए अपने पसंदीदा व्रत व्यंजन और पारंपरिक खानपान
नवरात्रि पर सोनी सब के कलाकार तोरल रसपुत्रा, गुलकी जोशी, मनीष वाधवा और करुणा पांडे ने अपने पसंदीदा व्रत व्यंजनों और पारिवारिक परंपराओं के बारे में बताया। जानें साबूदाना खिचड़ी, राजगीरे की रोटियों और कुट्टू की रोटी से जुड़ी उनकी पसंद।

नवरात्रि के व्रत और खानपान की परंपराओं पर बात करतीं अभिनेत्री गुलकी जोशी。
नवरात्रि के दौरान आस्था और पारिवारिक परंपराओं के साथ व्रत के व्यंजन भी उत्सव का अहम हिस्सा होते हैं। साबूदाना खिचड़ी से लेकर राजगीरे की रोटियों और कुट्टू की रोटी से लेकर व्रत वाले आलू तक, इन पारंपरिक पकवानों से त्योहार के दौरान खानपान का विशेष जुड़ाव रहता है। इस नवरात्रि सोनी सब के कलाकार तोरल रसपुत्रा, गुलकी जोशी, मनीष वाधवा और करुणा पांडे ने अपने पसंदीदा व्रत व्यंजनों के साथ त्योहार के दौरान घरों में निभाई जाने वाली खानपान की परंपराओं को साझा किया।
नवरात्रि के दौरान फलाहार में साबूदाना से बने व्यंजनों और राजगीरे से तैयार पकवानों को भी पसंद किया जाता है। घर पर तैयार किए जाने वाले ये पारंपरिक व्यंजन उपवास के दौरान पसंदीदा स्वादों का आनंद लेने का अवसर देते हैं। सोनी सब के कलाकारों ने बताया कि उनके लिए नवरात्रि के खानपान में स्वाद के साथ बचपन की यादें, सादगी और पारिवारिक परंपराएं भी जुड़ी हुई हैं।
सोनी सब के धारावाहिक ‘हस्तिनापुर के वीर’ में कुंती का किरदार निभा रहीं तोरल रसपुत्रा ने नवरात्रि के अपने पसंदीदा व्यंजन के बारे में बताया कि उनके लिए साबूदाना खिचड़ी के बिना यह त्योहार अधूरा है। उन्होंने कहा, “मेरे लिए नवरात्रि, साबूदाना खिचड़ी के बिना अधूरी है। यह सरल, सुकून देने वाली डिश है और व्रत के दिनों में मैं इसका बेसब्री से इंतज़ार करती हूँ। मुझे इसे भुनी हुई मूँगफली और थोड़े से दही के साथ खाना पसंद है, जिससे यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पेट भरने वाली भी बन जाती है। व्रत के पकवानों की जो बात मुझे सबसे अच्छी लगती है, वह यह है कि साधारण सामग्री से भी इतने स्वादिष्ट व्यंजन बन जाते हैं। यह मुझे नवरात्रि के दौरान बचपन से खाए जाने वाले खाने की याद भी दिलाता है, इसलिए इससे एक खूबसूरत अपनापन जुड़ा हुआ है।”
धारावाहिक ‘यादें’ में डॉ. सृष्टि अग्रवाल की भूमिका निभा रहीं गुलकी जोशी ने राजगीरे से बने व्यंजनों को नवरात्रि के दौरान अपने पसंदीदा पकवानों में शामिल बताया। उन्हें खास तौर पर राजगीरे की रोटियां और साधारण थालीपीठ पसंद हैं। उन्होंने कहा, “राजगीरा नवरात्रि के दौरान मेरे सबसे पसंदीदा व्यंजनों में से एक है, खासकर तब, जब उससे रोटियाँ या साधारण थालीपीठ बनाया जाता है। मुझे इसकी सबसे अच्छी बात यह लगती है कि यह कितना बहुउपयोगी है और उपवास के दौरान इससे कितनी आसानी से पौष्टिक भोजन तैयार किया जा सकता है। हमारे घर में नवरात्रि का भोजन हमेशा भव्य व्यंजन बनाने के बजाय सरल और ताज़ा चीज़ों पर आधारित रहा है। यही छोटी-छोटी परंपराएँ इस त्योहार को खास बनाती हैं और मैं हर साल इन्हें निभाना पसंद करती हूँ।”
‘हस्तिनापुर के वीर’ में भीष्म पितामह का किरदार निभा रहे मनीष वाधवा ने बताया कि नवरात्रि के दौरान उन्हें कुट्टू की रोटी और व्रत वाले आलू खाना सबसे ज्यादा पसंद है। घर पर ताजा तैयार किए गए इन व्यंजनों के साथ वह दिनभर फल और थोड़े से मेवे खाना भी पसंद करते हैं। उन्होंने कहा, “नवरात्रि के दौरान मुझे कुट्टू की रोटी और व्रत वाले आलू खाना सबसे ज़्यादा पसंद है। खासकर जब ये घर पर ताज़ा-ताज़ा बनते हैं। दिनभर मैं फल और थोड़े से मेवे खाना भी पसंद करता हूँ। इन परिचित स्वादों में एक अलग ही सुकून होता है और मेरे लिए इन खानपान की परंपराओं का पालन करना त्योहार के मौसम को और भी खास बना देता है।”
वहीं, सोनी सब के धारावाहिक ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में पुष्पा की भूमिका निभा रहीं करुणा पांडे ने व्रत वाले आलू को अपना पसंदीदा व्यंजन बताया। उन्हें सेंधा नमक, हरी मिर्च और थोड़े से जीरे के साथ तैयार किए गए सादे आलू पसंद हैं। उन्होंने कहा, “मुझे व्रत वाले आलू बहुत पसंद हैं, खासकर उनका वह सादा रूप, जो सेंधा नमक, हरी मिर्च और थोड़े से जीरे के साथ बनाया जाता है। यह उन व्यंजनों में से एक है, जिन्हें स्वादिष्ट बनने के लिए बहुत ज़्यादा चीज़ों की ज़रूरत नहीं होती। नवरात्रि के दौरान मैं ऐसा भोजन पसंद करती हूँ, जो हल्का, पौष्टिक और घर जैसा महसूस हो। मुझे यह बात भी बहुत अच्छी लगती है कि व्रत की परंपराएँ हमें अपने खानपान के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित करती हैं, साथ ही उन स्वादों और रस्मों का आनंद लेने का अवसर भी देती हैं जो इस त्योहार को इतना खास बनाती हैं।”
चारों कलाकारों के पसंदीदा व्यंजनों में साबूदाना खिचड़ी, राजगीरे की रोटियां, थालीपीठ, कुट्टू की रोटी और व्रत वाले आलू शामिल हैं। उनके अनुभवों में घर पर तैयार होने वाले पारंपरिक पकवानों, सादगी और बचपन से जुड़ी यादों की झलक मिलती है। नवरात्रि के अवसर पर सोनी सब के धारावाहिक ‘यादें’, ‘हस्तिनापुर के वीर’ और ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ देखना न भूलें।

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