अभिनेत्री सोहा अली खान ने फिटनेस को लेकर अपनी सोच साझा करते हुए कहा है कि असली ताकत इस बात से तय होती है कि व्यक्ति अपने शरीर को कितनी अच्छी तरह हिला-डुला सकता है। 45 वर्ष की उम्र में नियमित रूप से कठिन प्रशिक्षण कर रहीं सोहा ने शारीरिक मजबूती के साथ शरीर की गतिशीलता, संतुलन और लचीलेपन को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

सोहा अली खान नियमित रूप से जिम जाती हैं। हाल ही में उन्होंने अपने जिम के कुछ साथियों के साथ एक मोबिलिटी चैलेंज में हिस्सा लिया। इस चुनौती में प्रतिभागियों को जमीन पर बैठने और बिना हाथों का सहारा लिए दोबारा खड़े होने का प्रयास करना था। देखने में यह अभ्यास भले ही आसान लगे, लेकिन इसने सोहा को शारीरिक क्षमता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार करने के लिए प्रेरित किया।


'रंग दे बसंती' की अभिनेत्री ने बताया कि इस छोटे से अभ्यास में कूल्हों की गतिशीलता, शरीर के निचले हिस्से की ताकत, संतुलन, लचीलापन और शारीरिक समन्वय जैसी कई क्षमताओं का इस्तेमाल होता है।

सोहा ने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ व्यक्ति धीरे-धीरे उन शारीरिक गतिविधियों को करने की क्षमता खोने लगता है, जिन्हें पहले आसानी से किया जा सकता था। फोटो साझा करने वाले मंच पर उन्होंने लिखा, "लेकिन यहां सोचने वाली एक बात है: हम वास्तव में कितनी बार अपने शरीर को उन गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित करते हैं, जो रोजमर्रा की जिंदगी में महत्वपूर्ण हैं? उम्र बढ़ने के साथ यदि हम इन क्षमताओं को बनाए रखने के लिए सक्रिय रूप से काम नहीं करते हैं, तो स्वाभाविक रूप से इनमें से कुछ क्षमताएं कम होने लगती हैं। ऐसे में रोजमर्रा की सामान्य गतिविधियां भी धीरे-धीरे अधिक कठिन हो सकती हैं।"

उन्होंने आगे लिखा, "फिटनेस का लक्ष्य केवल अधिक वजन उठाना, बड़ी मांसपेशियां बनाना या एक खास तरह का दिखना नहीं होना चाहिए। इसका उद्देश्य उम्र बढ़ने के साथ स्वतंत्र रूप से, आत्मविश्वास के साथ और सहजता से चलने-फिरने की क्षमता को बनाए रखना भी होना चाहिए।"

सोहा ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि शारीरिक ताकत केवल इस बात से नहीं मापी जानी चाहिए कि कोई व्यक्ति कितना वजन उठा सकता है, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि वह अपने शरीर को कितनी अच्छी तरह संचालित कर सकता है।

उन्होंने 45 वर्ष की उम्र में प्रशिक्षण लेने के उद्देश्य को समझाते हुए कहा, "45 की उम्र में इस तरह अभ्यास करें कि 75 की उम्र में जिंदगी आसान महसूस हो। अब आपकी बारी है। इस चुनौती को खुद आजमाएं। क्या आप बिना हाथों का इस्तेमाल किए खड़े हो सकते हैं? इसे करके देखें, अपना वीडियो रिकॉर्ड करें और अपने परिणाम साझा करें। देखते हैं कि हममें से कितने लोग इस चुनौती को पूरा कर पाते हैं!"

सोहा नियमित रूप से अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जिम में किए जाने वाले अभ्यास और प्रेरणादायक संदेश साझा करती रहती हैं। इस बार उनका मोबिलिटी चैलेंज उम्र बढ़ने के साथ शरीर की कार्यक्षमता, स्वतंत्रता और रोजमर्रा की गतिविधियों को सहज बनाए रखने के महत्व पर केंद्रित रहा।

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