मुंबई में पैपराजी की भीड़ से घिरीं श्रद्धा कपूर, कार में बैठने के लिए करना पड़ा संघर्ष। देखिए कैसे अभिनेत्री ने शालीनता के साथ फोटोग्राफरों से की पीछे हटने की अपील। क्या है श्रद्धा की आने वाली फिल्म 'ईथा' की कहानी?

मुंबई में अपनी कार के पास पैपराजी की भीड़ से घिरी अभिनेत्री श्रद्धा कपूर, स्थिति को देखते हुए फोटोग्राफरों से पीछे हटने का आग्रह करती हुईं।
बॉलीवुड की चुलबुली अभिनेत्री श्रद्धा कपूर अपनी सौम्यता और पैपराजी के साथ दोस्ताना व्यवहार के लिए जानी जाती हैं, लेकिन हाल ही में मुंबई में कुछ अलग नज़ारा देखने को मिला। अभिनेत्री को जब पैपराजी ने चारों तरफ से घेर लिया, तो उन्हें अपनी नाराजगी जाहिर करने पर मजबूर होना पड़ा। स्थिति यह थी कि प्रशंसकों और फोटोग्राफरों की भीड़ के कारण अभिनेत्री के लिए अपनी कार का दरवाजा खोलना भी मुश्किल हो गया था। इस दौरान श्रद्धा कपूर का संयम देखते ही बनता था, जिन्होंने परेशानी के बावजूद अपनी गरिमा बनाए रखी।
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे मशहूर पैपराजी विरल भयानी ने साझा किया है। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि फोटोग्राफरों की अत्यधिक निकटता के कारण अभिनेत्री को काफी असहजता का सामना करना पड़ रहा है। संयमित लहजे में श्रद्धा ने फोटोग्राफरों से आग्रह करते हुए कहा, "आप लोगों को थोड़ा पीछे जाना पड़ेगा, यह खुल नहीं रहा है।" अपनी बात को विनम्रता के साथ रखते हुए उन्होंने भीड़ को पीछे हटने का निर्देश दिया ताकि वह सुरक्षित रूप से अपनी गाड़ी में बैठ सकें। श्रद्धा ने धैर्यपूर्वक तब तक प्रतीक्षा की जब तक फोटोग्राफरों ने उन्हें पर्याप्त जगह नहीं दे दी।
श्रद्धा कपूर के वर्क फ्रंट की बात करें तो, अभिनेत्री जल्द ही लक्ष्मण उतेकर द्वारा निर्देशित और दिनेश विजन द्वारा निर्मित आगामी बायोपिक फिल्म 'ईथा' में नजर आएंगी। इस फिल्म में वह पहली बार रणदीप हुड्डा के साथ स्क्रीन साझा करती दिखाई देंगी, जबकि मोहम्मद जीशान अय्यूब भी एक महत्वपूर्ण भूमिका में होंगे। फिल्म में रणदीप हुड्डा मुख्य भूमिका में होंगे, और श्रद्धा मशहूर लोक कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर की भूमिका निभाएंगी। यह फिल्म महाराष्ट्र की लोक कलाओं के प्रति समर्पित विठाबाई के जीवन पर आधारित है और 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी। श्रद्धा अपनी पिछली फिल्म 'स्त्री 2' की शानदार सफलता के बाद चर्चा में बनी हुई हैं। यह घटना एक बार फिर सार्वजनिक जीवन में कलाकारों की निजता और उनके प्रति प्रशंसकों व मीडिया के व्यवहार के बीच के नाजुक संतुलन को रेखांकित करती है।

