भारतीय मनोरंजन जगत में अपनी बेबाक राय और लंबे करियर के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता एवं टेलीविजन व्यक्तित्व शेखर सुमन ने हिंदी सिनेमा की वर्तमान स्थिति पर गंभीर टिप्पणी करते हुए आधुनिक बॉलीवुड की रचनात्मक दिशा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आज की फिल्म इंडस्ट्री को “फॉर्मूला-निर्भर प्लैजियारिस्ट” करार देते हुए कहा कि वर्तमान दौर में कई फिल्म निर्माता मौलिकता से अधिक सुरक्षित और दोहराए जाने वाले कथानकों पर निर्भर हो गए हैं, जिससे सिनेमा की रचनात्मकता प्रभावित हुई है।

अपने बयान में शेखर सुमन ने कहा कि आज के समय में फिल्मों का बड़ा हिस्सा एक तयशुदा पैटर्न पर आधारित होता जा रहा है, जहां नए प्रयोगों की जगह व्यावसायिक सफलता को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रवृत्ति के कारण कहानी कहने की विविधता और भावनात्मक गहराई कमजोर पड़ रही है, जो कभी भारतीय सिनेमा की पहचान हुआ करती थी।

उन्होंने हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम युग का उल्लेख करते हुए दिग्गज फिल्मकारों की कार्यशैली की सराहना की और विशेष रूप से राज कपूर जैसे महान कलाकारों का संदर्भ दिया। उनके अनुसार उस दौर की फिल्मों में सामाजिक संदेश, मानवीय संवेदनाएं और रचनात्मक दृष्टिकोण अधिक प्रमुख थे, जबकि आज का सिनेमा कई बार बॉक्स ऑफिस फॉर्मूलों के इर्द-गिर्द सिमटकर रह गया है।

शेखर सुमन ने यह भी संकेत दिया कि वर्तमान बॉलीवुड में रीमेक, सुरक्षित स्क्रिप्ट और दोहराई जाने वाली कहानियों का चलन बढ़ गया है, जिससे नई कहानियों और प्रयोगात्मक सिनेमा के अवसर सीमित हो रहे हैं। उनके अनुसार, यह प्रवृत्ति न केवल लेखन स्तर पर प्रभाव डाल रही है बल्कि दर्शकों की अपेक्षाओं और फिल्म निर्माण की दिशा को भी प्रभावित कर रही है।

यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है जब हिंदी फिल्म उद्योग पहले से ही कई तरह की बहसों के बीच है—बड़े बजट की फिल्मों का बॉक्स ऑफिस पर अस्थिर प्रदर्शन, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का बढ़ता प्रभाव और दर्शकों की बदलती प्राथमिकताओं के कारण इंडस्ट्री में नए कंटेंट की मांग लगातार बढ़ रही है।

शेखर सुमन, जो लंबे समय से फिल्म, टेलीविजन और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं, अपने स्पष्ट और बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। उनका यह बयान एक बार फिर बॉलीवुड में मौलिकता बनाम व्यावसायिकता की पुरानी बहस को नए सिरे से चर्चा में ले आया है, जो आने वाले समय में फिल्म निर्माण की दिशा पर प्रभाव डाल सकती है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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