शाहरुख खान का दरियादिल अंदाज: 'देऊळ बंद 2' के लिए माफ किए 42 लाख रुपये का डीसीपी बिल
क्या आप जानते हैं कि शाहरुख खान ने एक मराठी फिल्म की सफलता के लिए करोड़ों का नहीं, बल्कि 42 लाख रुपये का बिल पल भर में माफ कर दिया था? जानिए कैसे सुपरस्टार की दरियादिली ने 'देऊळ बंद 2' की किस्मत बदल दी और फिल्म को ब्लॉकबस्टर बना दिया।

तस्वीर में बाएं से निर्देशक प्रवीण तरडे, बीच में देऊळ बंद 2 का पोस्टर और दाएं शाहरुख खान दिख रहे हैं, जिन्होंने फिल्म निर्माण में मदद की थी।
बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे न केवल बड़े पर्दे के सुपरस्टार हैं, बल्कि असल जिंदगी में भी उतनी ही उदारता रखते हैं। मराठी फिल्म जगत की बड़ी सफलता 'देऊळ बंद 2' के निर्माता और निर्देशक प्रवीण तरडे ने एक भावुक वाकया साझा करते हुए बताया है कि कैसे फिल्म निर्माण के कठिन दौर में शाहरुख खान ने उनकी मदद की। विश्व स्तर पर 80 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई करने वाली यह फिल्म आज मराठी सिनेमा के इतिहास में चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है, लेकिन इस सफलता की नींव के पीछे एक अनकहा संघर्ष छिपा था।
प्रवीण तरडे के अनुसार, फिल्म की रिलीज से पहले तकनीकी प्रक्रिया के लिए टीम ने शाहरुख खान की प्रोडक्शन कंपनी 'रेड चिलीज एंटरटेनमेंट' से संपर्क किया था। फिल्म के डिजिटल सिनेमा पैकेज (डीसीपी) के लिए टीम ने 12 लाख रुपये का बजट तय किया था, लेकिन अंतिम लागत 42 लाख रुपये तक पहुंच गई। क्षेत्रीय फिल्म होने के कारण सीमित संसाधनों के चलते निर्माताओं के लिए इतनी बड़ी राशि चुकाना असंभव हो गया था। भुगतान न होने के कारण डीसीपी तैयार होने के बावजूद निर्माताओं को नहीं सौंपा जा रहा था।
जब यह मामला शाहरुख खान तक पहुंचा, तो उन्होंने फिल्म की पृष्ठभूमि और निर्माताओं के पिछले काम, विशेषकर 'मुल्शी पैटर्न' के बारे में जानकारी ली। सलमान खान द्वारा 'मुल्शी पैटर्न' के रीमेक 'अंतिम' में काम करने के कारण शाहरुख पहले से ही प्रवीण तरडे के काम से परिचित थे। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए शाहरुख खान ने अपनी टीम को स्पष्ट निर्देश दिया कि फिल्म के निर्माताओं का 42 लाख रुपये का बिल माफ कर दिया जाए। शाहरुख ने कहा कि यह एक मराठी फिल्म है, इसे डीसीपी दे दिया जाए, क्योंकि फिल्म की गुणवत्ता और उसकी सफलता के प्रयास पैसे से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं।
प्रवीण तरडे ने इस घटना को याद करते हुए शाहरुख खान के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जब फिल्म अपनी शुरुआती अवस्था में थी और उसके भविष्य को लेकर कोई निश्चितता नहीं थी, तब शाहरुख खान द्वारा दिखाई गई यह दरियादिली सराहनीय है। आज जब फिल्म 100 करोड़ क्लब की ओर अग्रसर है, तब भी निर्देशक उस संकट के समय को नहीं भूले हैं जब सुपरस्टार की इस सहायता ने फिल्म को सिनेमाघरों तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त किया था। मोहन जोशी और स्नेहल तरडे अभिनीत यह फिल्म किसान आत्महत्या और आस्था जैसे गंभीर सामाजिक विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है।

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