बॉलीवुड अभिनेता शाहिद कपूर ने हाल ही में मनोरंजन जगत में व्याप्त 'पेड पीआर' संस्कृति और अपनी छवि को कृत्रिम रूप से चमकाने की प्रवृत्ति पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। अपनी आगामी फिल्म 'कॉकटेल 2' की रिलीज की तैयारी में जुटे शाहिद ने एक साक्षात्कार के दौरान इस बात पर जोर दिया कि आज के दौर में दर्शकों को गुमराह करना मुश्किल है। अभिनेता ने स्पष्ट किया कि सफलता और विफलता के दबाव के बीच कलाकारों का असुरक्षित महसूस करना स्वाभाविक है, लेकिन किसी के द्वारा गढ़ी गई धारणाओं को बिना सोचे-समझे स्वीकार करना गलत है। उन्होंने कहा कि वे सुनी-सुनाई बातों पर तब तक विश्वास नहीं करते जब तक उन्होंने स्वयं उसे न देखा हो या वे उस स्थिति में मौजूद न रहे हों।

शाहिद के अनुसार, पीआर के माध्यम से अपनी छवि को नियंत्रित करने की कोशिशें अब पुरानी हो चुकी हैं और दर्शक अब हर कलाकार की असलियत को पहचानने में सक्षम हैं। उन्होंने सलाह दी कि कलाकारों को अपनी खामियों और असुरक्षाओं को छिपाने के बजाय उन्हें स्वीकार करना चाहिए, क्योंकि दिखावे के प्रति दर्शकों में गहरी नाराजगी होती है। शाहिद का मानना है कि प्रसिद्धि और धन के साथ नकारात्मकता का आना इस पेशे का एक अनिवार्य हिस्सा है, जिसे संतुलन के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए। होमी अदजानिया द्वारा निर्देशित और मैडॉक फिल्म्स एवं लव फिल्म्स द्वारा निर्मित 'कॉकटेल 2' वर्ष 2012 की सुपरहिट फिल्म 'कॉकटेल' का बहुप्रतीक्षित सीक्वल है, जो आगामी 19 जून को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

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