“सबसे मुश्किल समय था…” राधिका मुखर्जी ने शेयर किया डिप्रेशन का दिल तोड़ देने वाला सच
राधिका मुखर्जी ने अपने हालिया खुलासे में बताया कि उन्होंने पिछले एक वर्ष में डिप्रेशन का सामना किया और इसे अपने जीवन का सबसे कठिन दौर बताया। जन्मदिन के आसपास साझा किए गए इंस्टाग्राम पोस्ट में उन्होंने परिवार और पति शान के समर्थन से मिले मानसिक सहारे, उपचार और आत्म-विकास की यात्रा का भावुक वर्णन किया।

गायक शान की पत्नी राधिका मुखर्जी
मनोरंजन और निजी जीवन की दुनिया से एक भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसमें मशहूर सिंगर शान की पत्नी राधिका मुखर्जी ने अपने जीवन के उस दौर को साझा किया है, जिसे उन्होंने अपने जीवन का सबसे कठिन समय बताया है। राधिका मुखर्जी ने हाल ही में अपने मानसिक स्वास्थ्य संघर्ष के बारे में खुलकर बात करते हुए बताया कि उन्होंने पिछले एक वर्ष में डिप्रेशन जैसी गंभीर स्थिति का सामना किया और यह उनके जीवन का “सबसे कठिन चरण” साबित हुआ।
राधिका मुखर्जी द्वारा यह खुलासा उनके जन्मदिन के आसपास साझा किए गए एक भावुक इंस्टाग्राम पोस्ट के माध्यम से सामने आया, जिसमें उन्होंने अपने अनुभवों और मानसिक संघर्षों को ईमानदारी से व्यक्त किया। उन्होंने स्वीकार किया कि यह दौर उनके लिए भावनात्मक रूप से अत्यंत चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन इस दौरान उन्हें अपने परिवार, विशेषकर अपने पति और गायक शान का मजबूत भावनात्मक समर्थन प्राप्त हुआ, जिसने उन्हें इस कठिन समय से बाहर निकलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अपने अनुभव साझा करते हुए राधिका ने यह भी बताया कि यह केवल संघर्ष का समय नहीं था, बल्कि आत्म-समझ और पुनर्निर्माण की एक प्रक्रिया भी थी। उन्होंने अपने पोस्ट में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इस यात्रा ने उन्हें उपचार, विकास और जागरूकता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। साथ ही उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में मौजूद भ्रांतियों और कलंक को कम करने की आवश्यकता पर भी अप्रत्यक्ष रूप से ध्यान आकर्षित किया।
राधिका मुखर्जी पहले भी सोशल मीडिया के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य को लेकर अपनी संवेदनशीलता और अनुभव साझा करती रही हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि उन्होंने अपने संघर्ष को कभी छुपाया नहीं और अब वह इस विषय पर अधिक खुलकर बात कर रही हैं ताकि अन्य लोग भी अपने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूक हो सकें और सहायता लेने में संकोच न करें।
इस खुलासे ने एक बार फिर यह साबित किया है कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियाँ किसी भी व्यक्ति के जीवन को प्रभावित कर सकती हैं, चाहे वह किसी भी सामाजिक या पेशेवर पृष्ठभूमि से जुड़ा हो। राधिका मुखर्जी का यह कदम न केवल व्यक्तिगत स्तर पर साहस का प्रतीक है, बल्कि समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर खुली चर्चा को भी प्रोत्साहित करता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
