'धुरंधर' से मिली पहचान के बाद भी संघर्ष जारी, सौम्या टंडन को अब भी अच्छी स्क्रिप्ट की तलाश
'धुरंधर' में अभिनय के बाद सौम्या टंडन को फिल्म उद्योग से नई पहचान मिली है, लेकिन अभिनेत्री अब भी अच्छी पटकथाओं और चुनौतीपूर्ण किरदारों की तलाश में हैं। जानिए बॉलीवुड के सपनों, मौजूदा निराशा और सूरज बड़जात्या की आगामी फिल्म को लेकर उन्होंने क्या कहा।

अभिनेत्री सौम्या टंडन फिल्म 'धुरंधर' में अपने अभिनय को मिली सराहना और नए प्रोजेक्ट्स के संदर्भ में चर्चा कर रही हैं।
अभिनेत्री सौम्या टंडन फिल्म 'धुरंधर' में अपने अभिनय से मिली नई पहचान के बावजूद अच्छे किरदारों और दमदार पटकथाओं की तलाश में हैं। मनोरंजन जगत में वर्षों बिताने के बाद भी अभिनेत्री खुद को 'जीवनभर संघर्ष करने वाली कलाकार' मानती हैं। उनका कहना है कि फिल्म में काम मिलने और पहचान बढ़ने के बावजूद ऐसे किरदार मिलना आसान नहीं है, जो उनके पिछले अभिनय से अलग हों और उन्हें एक कलाकार के रूप में नई चुनौती दें।
4 नवंबर 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, सौम्या टंडन ने 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' के साथ विशेष बातचीत में फिल्म 'धुरंधर' को मिली प्रतिक्रिया, उनके पास आ रहे नए प्रस्तावों और बॉलीवुड से जुड़ी अपनी अपेक्षाओं पर खुलकर बात की। उन्होंने यह भी बताया कि समय के साथ उनके करियर को लेकर प्राथमिकताएं बदली हैं। अब उनका ध्यान किसी खास मुकाम तक पहुंचने के बजाय एक बेहतर अभिनेत्री के रूप में खुद को विकसित करने पर है।
'धुरंधर' में सौम्या टंडन का अभिनय दर्शकों के लिए अलग अनुभव रहा। टेलीविजन पर हास्य भूमिकाओं के लिए पहचानी जाने वाली सौम्या ने इस फिल्म में सीमित संवादों के साथ एक गंभीर और कई परतों वाले किरदार को निभाया। उनके अभिनय में चेहरे के भाव, खामोशी और भावनात्मक गहराई की अहम भूमिका रही। इस प्रदर्शन के बाद उन्हें दर्शकों के साथ-साथ फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों की भी सराहना मिली।
सौम्या ने बताया कि 'धुरंधर' के बाद उन्हें फिल्म उद्योग के लोगों से काफी सराहना और पहचान मिली है। कई लोगों ने उन्हें फोन करके उनके अभिनय की प्रशंसा की और गंभीर तथा भावनात्मक रूप से जटिल किरदार निभाने की उनकी क्षमता को स्वीकार किया। अभिनेत्री के मुताबिक, उन्हें हमेशा विश्वास था कि वह इस तरह की भूमिकाएं निभा सकती हैं, लेकिन इस फिल्म के बाद दूसरे लोगों ने भी उनकी अभिनय क्षमता के इस पक्ष को पहचाना है।
हालांकि, इस पहचान के बावजूद सौम्या अपने पेशेवर सफर को आसान नहीं मानतीं। उनका कहना है कि कलाकारों को अक्सर ऐसे किरदारों के प्रस्ताव मिलते हैं, जो वे पहले भी निभा चुके होते हैं। उन्होंने दुखी पत्नी या पति-पत्नी के जटिल रिश्तों पर आधारित भूमिकाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि वह बार-बार एक जैसे किरदार नहीं निभाना चाहतीं। उनके लिए असली चुनौती ऐसी अच्छी पटकथा तलाशना है, जिसमें किरदार के जरिए कुछ नया करने का अवसर मिले।
सौम्या ने खुद को 'जीवनभर संघर्ष करने वाली कलाकार' बताते हुए कहा कि सार्थक काम की तलाश कभी समाप्त नहीं होती। उनके अनुसार, अच्छी गुणवत्ता वाली पटकथाएं बहुत कम उपलब्ध हैं। ऐसे में उन कलाकारों के लिए मुश्किलें बढ़ जाती हैं, जो लगातार नए प्रयोग करना और अपने अभिनय को बेहतर बनाना चाहते हैं।
अभिनेत्री ने मुंबई आने के समय अपने करियर को लेकर देखे गए सपनों पर भी बात की। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्होंने खुद को बॉलीवुड की प्रमुख अभिनेत्री के रूप में स्थापित होते हुए देखने की कल्पना की थी, लेकिन उनका यह सपना उम्मीद के मुताबिक पूरा नहीं हो सका। हालांकि, वर्षों के अनुभव ने उनके नजरिए को बदल दिया है। अब वह अपने करियर की सफलता को शुरुआती अपेक्षाओं के आधार पर आंकने के बजाय एक कलाकार के रूप में अपने विकास पर ध्यान देती हैं।
सौम्या के मुताबिक, समय के साथ वह पहले से अधिक शांत हुई हैं। उनका मानना है कि फिल्म उद्योग में किसी खास मुकाम तक पहुंचने से ज्यादा जरूरी लगातार अपने अभिनय में सुधार करना है। उनके लिए अब व्यक्तिगत विकास और सार्थक भूमिकाएं पारंपरिक सफलता की परिभाषा से अधिक मायने रखती हैं।
'धुरंधर' के बाद उनके पास फोन कॉल और काम के प्रस्ताव बढ़े हैं, लेकिन इसके बावजूद वह फिल्म उद्योग से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। सौम्या ने स्वीकार किया कि उन्हें उम्मीद थी कि उनके पास इससे अधिक अवसर आएंगे। हालांकि, उनके लिए प्रस्तावों की संख्या से ज्यादा उन भूमिकाओं की गुणवत्ता महत्वपूर्ण है।
उन्होंने फिल्म उद्योग के प्रति निराशा जताते हुए यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं है कि उद्योग उनके लिए खुद अवसर तैयार करेगा या परिस्थितियां बदल देगा। उनके अनुसार, कलाकारों को अपनी परिस्थितियां बदलने की जिम्मेदारी खुद उठानी पड़ती है। वह ऐसे किरदार करना चाहती हैं, जो उनके पहले निभाए गए पात्रों से अलग हों और उनकी अभिनय क्षमता को नई दिशा दें। यही वजह है कि 'धुरंधर' के बाद बढ़ी पहचान के बावजूद उनकी अपेक्षाएं नहीं बदली हैं और वह अब भी चुनौतीपूर्ण परियोजनाओं की तलाश में हैं।
इस बीच सौम्या टंडन फिल्म निर्माता सूरज बड़जात्या की आगामी फिल्म में नजर आने वाली हैं। इस फिल्म में उनका किरदार 'धुरंधर' में निभाई गई भूमिका से काफी अलग होने की उम्मीद है। हालांकि, उनके किरदार और फिल्म की कहानी से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। यह परियोजना अभिनेत्री को एक नए तरह का अभिनय करने का अवसर देगी।
सौम्या टंडन 'जब वी मेट' और 'भाबीजी घर पर हैं' से लेकर 'धुरंधर' तक फिल्मों और टेलीविजन के कई लोकप्रिय प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रही हैं। वर्षों के अनुभव और हालिया पहचान के बाद भी वह एक जैसे किरदारों में बंधकर नहीं रहना चाहतीं। अच्छी पटकथा, नए किरदार और अभिनय में निरंतर सुधार की उनकी तलाश उनके करियर का प्रमुख हिस्सा बनी हुई है।

