कॉमेडी के दिग्गज सतीश शाह को मिला पद्म श्री ; राष्ट्रपति भवन में भावुक हुआ परिवार
दिवंगत अभिनेता सतीश शाह को पद्म श्री (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन में 23 जून 2026 को आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यह सम्मान उनके परिवार को प्रदान किया। लगभग पाँच दशक लंबे करियर में उन्होंने भारतीय सिनेमा और टीवी कॉमेडी में अमूल्य योगदान दिया।

अभिनेता सतीश शाह को मरणोपरांत पद्म श्री सम्मान
नई दिल्ली में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह 2026 के दौरान भारतीय मनोरंजन जगत के दिग्गज अभिनेता और हास्य कलाकार सतीश शाह को मरणोपरांत पद्म श्री से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें भारतीय सिनेमा और टेलीविजन कॉमेडी में दशकों तक दिए गए उनके असाधारण योगदान के लिए प्रदान किया गया है। यह सम्मान राष्ट्रपति भवन में 23 जून 2026 को आयोजित समारोह में प्रदान किया गया, जहाँ उनके परिवार ने उनकी ओर से यह प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान ग्रहण किया।
पद्म पुरस्कार 2026 के अंतर्गत दिए गए इस सम्मान की घोषणा पहले ही वर्ष की शुरुआत में की जा चुकी थी। यह पुरस्कार कला, सिनेमा, साहित्य, सामाजिक सेवा और अन्य क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियों को मान्यता देने के लिए भारत सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है। सतीश शाह को पद्म श्री से सम्मानित किया जाना भारतीय मनोरंजन जगत में उनके योगदान की औपचारिक और राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति मानी जा रही है।
राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित इस भव्य नागरिक अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यह सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री सहित देश के कई वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति और शीर्ष अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह के दौरान दिवंगत कलाकार के परिवार की उपस्थिति ने माहौल को भावुक बना दिया, जहाँ उन्होंने अपने प्रियजन की विरासत को गर्व और भावनात्मक पीड़ा के साथ स्वीकार किया।
सतीश शाह को भारतीय टेलीविजन और सिनेमा के सबसे लोकप्रिय हास्य कलाकारों में से एक के रूप में याद किया जाता है। उन्होंने लगभग पाँच दशकों तक फिल्म, टेलीविजन और थिएटर में सक्रिय रहकर दर्शकों का मनोरंजन किया। विशेष रूप से टेलीविजन धारावाहिक ‘सराभाई वर्सेस सराभाई’ में इंद्रवदन सराभाई की उनकी भूमिका ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया था। इसके अतिरिक्त उन्होंने ‘जाने भी दो यारो’, ‘मैं हूँ ना’, ‘कल हो ना हो’ और ‘ओम शांति ओम’ जैसी चर्चित फिल्मों में भी अपनी विशिष्ट हास्य शैली से अमिट छाप छोड़ी।
अपने करियर के दौरान सतीश शाह को भारतीय कॉमेडी को एक नई पहचान देने वाले कलाकारों में गिना जाता रहा है। वे ऐसे समय में उभरे जब चरित्र आधारित हास्य भारतीय टेलीविजन पर नई दिशा ले रहा था। उनके निधन के बाद अक्टूबर 2025 में फिल्म और टेलीविजन जगत में शोक की लहर दौड़ गई थी। मुंबई में 74 वर्ष की आयु में हृदयाघात के कारण उनका निधन हुआ था, जिसके बाद पूरे देश के कलाकारों और प्रशंसकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की थी।
मरणोपरांत पद्म श्री ग्रहण करते हुए उनके परिवार ने गहरा भावनात्मक दुख व्यक्त किया और कहा कि वे अब भी इस क्षति से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। राष्ट्रपति भवन में यह क्षण अत्यंत भावुक और सम्मानजनक वातावरण में देखा गया, जहाँ एक ओर उनकी उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली, वहीं दूसरी ओर उनके जाने की पीड़ा भी स्पष्ट रूप से महसूस की गई।
इस वर्ष के पद्म पुरस्कारों में सतीश शाह सहित कई अन्य प्रतिष्ठित हस्तियों को भी सम्मानित किया गया है, जिनमें दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण, अलका याज्ञनिक को पद्म भूषण, तथा ममूटी और आर. माधवन जैसे कलाकारों को पद्म सम्मान प्रदान किया गया है। सतीश शाह को दिया गया यह पद्म श्री सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान की मान्यता है, बल्कि भारतीय हास्य और मनोरंजन जगत में उनके द्वारा स्थापित विरासत को भी राष्ट्रीय स्तर पर स्थायी रूप से दर्ज करता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
