हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे सुनील दत्त की 21वीं पुण्यतिथि पर अभिनेता संजय दत्त ने उन्हें भावुक श्रद्धांजलि अर्पित की। सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में संजय दत्त ने अपने पिता को अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी ताकत और प्रेरणा बताते हुए कहा कि वह आज भी हर पल उन्हें याद करते हैं। यह भावनात्मक पोस्ट देखते ही देखते प्रशंसकों और फिल्म जगत के लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई।

संजय दत्त ने अपने परिवार की कई पुरानी और यादगार तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वह अपने पिता सुनील दत्त और अपनी दोनों बहनों के साथ नजर आए। इन तस्वीरों के साथ लिखे गए संदेश में उन्होंने कहा, “मैं आपको हमेशा याद करता हूं डैड और मैं आपसे बहुत प्यार करता हूं। आप हमेशा मेरी जिंदगी की चट्टान की तरह रहे हैं। मुझे गर्व और सम्मान है कि मुझे आपके जैसा पिता मिला।” संजय का यह भावुक संदेश न केवल एक बेटे के अपने पिता के प्रति प्रेम को दर्शाता है, बल्कि उस गहरे रिश्ते को भी सामने लाता है जिसने वर्षों तक उनके जीवन को दिशा दी।




सुनील दत्त भारतीय सिनेमा के उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल रहे, जिन्होंने अभिनय के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक जीवन में भी अपनी अलग पहचान बनाई। अपनी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और फिल्मों में सामाजिक संदेशों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए पहचाने जाने वाले सुनील दत्त का करियर लगभग पांच दशकों तक फैला रहा। उन्होंने ‘मदर इंडिया’, ‘पड़ोसन’ और ‘मुन्ना भाई एम.बी.बी.एस.’ जैसी यादगार फिल्मों में अपनी अभिनय क्षमता का ऐसा परिचय दिया, जो आज भी दर्शकों के दिलों में जीवित है।

25 मई 2005 को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने आवास पर नींद में ही दिल का दौरा पड़ने से सुनील दत्त का निधन हो गया था। उस समय उनकी उम्र 75 वर्ष थी। वह तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में युवा मामले और खेल मंत्री के पद पर कार्यरत थे। इसके साथ ही वह मुंबई उत्तर-पश्चिम लोकसभा सीट से सांसद भी थे। उनके निधन के बाद केंद्रीय मंत्री के रूप में उनकी जिम्मेदारी मणिशंकर अय्यर को सौंपी गई थी। सुनील दत्त का अंतिम संस्कार मुंबई के सांताक्रूज श्मशान घाट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया था, जहां उनका पार्थिव शरीर भारतीय तिरंगे में लिपटा हुआ सेना के जवानों द्वारा अंतिम यात्रा के लिए ले जाया गया।



सुनील दत्त की बेटी और पूर्व सांसद प्रिया दत्त ने भी अपने पिता को याद करते हुए एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि उनके पिता ने दुनिया को मानवता के रूप में अपनी सबसे बड़ी विरासत दी है। प्रिया का यह संदेश सुनील दत्त के उस व्यक्तित्व को दर्शाता है, जिसने केवल फिल्मों में ही नहीं बल्कि समाज सेवा और मानवीय मूल्यों के जरिए भी करोड़ों लोगों के दिलों में जगह बनाई।

सुनील दत्त का नाम भारतीय सिनेमा और राजनीति दोनों क्षेत्रों में सम्मान के साथ लिया जाता है। उनकी विरासत आज भी नई पीढ़ी के कलाकारों और समाजसेवियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है। उनकी पुण्यतिथि पर परिवार, फिल्म उद्योग और प्रशंसकों द्वारा दी गई श्रद्धांजलियां यह साबित करती हैं कि सुनील दत्त केवल एक अभिनेता नहीं, बल्कि भारतीय समाज के एक ऐसे व्यक्तित्व थे जिनकी छाप समय के साथ और भी गहरी होती जा रही है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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